Latest Updates
-
वैशाख अमावस्या को क्यों कहते हैं सतुवाई अमावस्या? जानें सत्तू और पितरों का वो रहस्य जो कम लोग जानते हैं -
Akshaya Tritiya पर नमक खरीदना क्यों माना जाता है शुभ? जानें मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने का सस्ता और अचूक उपाय -
World Hemophilia Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व हीमोफीलिया दिवस? जानें इतिहास, महत्व और इस साल की थीम -
Vaishakh Amavasya Wishes: वैशाख अमावस्या पर अपनों को भेजें ये संदेश, पितरों का मिलेगा साक्षात आशीर्वाद -
Vaishakh Amavasya Vrat Katha: वैशाख अमावस्या के दिन जरूर पढ़े ये व्रत कथा, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति -
Aaj Ka Rashifal 17 April 2026: वैशाख अमावस्या पर कर्क और तुला का चमकेगा भाग्य, जानें अपना राशिफल -
जुबिन नौटियाल ने उत्तराखंड में गुपचुप रचाई शादी, जानें कौन है सिंगर की दुल्हन -
Mango Varieties In India: तोतापुरी से लेकर बंगीनापल्ली तक, जानें भारत की प्रसिद्ध आम की किस्में और इनकी पहचान -
Heatwave Alert: दिल्ली समेत कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट, जानें भीषण गर्मी का सेहत पर असर और बचाव के टिप्स -
Guru Bhairavaikya Mandira: कर्नाटक का गुरु भैरवैक्य मंदिर क्यों है इतना खास? जिसका पीएम मोदी ने किया उद्घाटन
कितना हेल्दी है सोया खाना, जानें कितनी मात्रा में खाना चाहिए सोया
क्या सोया स्वास्थ्य के लिये अच्छा है? सोया को लेकर काफी बहस पहले हो चुकी हैं और यह दुनिया के सबसे विवादस्पद खाद्य पदार्थों में से एक है। कुछ लोगों के लिए यह एक सुपरफूड हो सकता है जबकि कुछ लोगों के लिये यह हार्मोन-बाधित जहर है। आइए इसे समझने की कोशिश करें। सोया मुख्य रूप से दो तरीकों से खाया जाता है, पूरा सोया और सोयाबीन की पकौड़ी।
सोयाबीन की पकौड़ी क्या है और वे कैसे बनती है?
सोयाबीन की पकौड़ी सोया के आटे से बनती हैं, सबसे पहले सोया के तेल से वसा निकाला जाता है और सोया के आटे को तब संकुचित करके टुकड़ों के रूप में बनाया जाता है।

सोया का आटा प्राकृतिक सोयाबीन से बनता है, जो सामान में नमी लाने के लिये जाना जाता है और कुछ सोयामिल्क के लिये बुनियादी जरूरत होता है। सोयाबीन फलियां हैं जिन्हें खाने से पहले पकाया जाना चाहिए क्योंकि वे कच्चा खाना में जहरीली हो सकती हैं।
सोयाबीन का उपयोग टोफू और कई अन्य डेयरी विकल्प के रूप में किया जाता है। इसका उपयोग मिसो, टेम्पपे और नाटो में भी किया जाता है।
सोयाबीन में क्या-क्या पोषक तत्व हैं?
100 ग्राम उबले हुए सोयाबीन में, मैंगनीज, तांबा, पोटेशियम,सेलेनियम, मैग्नीशियम, लौह, फॉस्फोरस, कैल्शियम, विटामिन बी 6, थियामिन, विटामिन के, फोलेट और रिबोफ्लाविन की पर्याप्त मात्रा पायी जाती है।
इस 100 ग्राम में 173 ग्राम कैलोरी, 9 ग्राम वसा, 17 ग्राम प्रोटीन और 10 ग्राम कार्बोहाइड्रेट भी होता है।
सोयाबीन ओमेगा -6 पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड से पैक होते हैं और इस फैटी एसिड का ज्यादा सेवन करने से सूजन हो सकती है और स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। यही कारण है कि इसे बेहतर तरीके से इस्तेमाल करना बहुत जरूरी है।
सोयाबीन सूक्ष्म पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, उनमें फाइटेट भी होता है जो खनिजों के अवशोषण को रोक देता है।
सोयाबीन पकौड़ी में 50 फीसदी प्रोटीन के साथ महत्वपूर्ण पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। प्रोटीन के माध्यम से ये मांस और अंडे जितना अच्छा नहीं होता लेकिन यह दूसरे प्रोटीन वाले पौधे से बेहतर होता है।
सोयाबीन खाने के स्वास्थ्य लाभ
मेटाबॉलिक गतिविधि में सुधार
सोयाबीन प्रोटीन का एक महत्वपूर्ण स्त्रोत हैं, वे कोशिकाओं और रक्त वाहिकाओं के निर्माण के लिये एक मुख्य तत्व है। सोयाबीन का प्रोटीन अच्छा स्वास्थ्य सुनिश्चित करता है और कोशिकाओं की मरम्मत करके उन्हें पुनर्जीवित करता है। शाकाहारियों के लिए, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन प्राप्त करना मुश्किल होता है, इसलिए सोयाबीन पौधे प्रोटीन का एक उत्कृष्ट स्रोत है।
कैंसर से बचाता है
सोयाबीन में एंटीऑक्सीडेंट की भारी मात्रा होती है जो विभिन्न कैंसर की शुरुआत को रोकती है। यह मुक्त कणों को बेअसर करता है जो सेलुलर मेटाबॉलिज्म के उप-उत्पाद हैं और ये मुक्त कण घातक कैंसर कोशिकाओं को जन्म देते हैं। यदि सोयाबीन का सेवन किया जाता है तो कोलोरेक्टल या कोलन कैंसर जैसे कैंसर को कम किया जा सकता है क्योंकि उनमें उच्च फाइबर होता है जो पाचन प्रक्रिया को आसान बनाता है।
वजन कम करने में मदद करता है
सोयाबीन वजन घटाने के लिये अच्छा है।क्योंकि ये भूख को दबाता है और ओवरईटिंग से बचाता है। सोयाबीन फाइबर और प्रोटीन से भरपूर है, जो वजन बढ़ाने में मदद करते हैं।इसलिये वजन कम करने या बढ़ाने के लिये सोयाबीन दोनों तरीकों से काम करता है।
दिल को स्वस्थ रखने में मदद करता है
सोयाबीन असंतृप्त वसा से भरे हुए हैं जो आपके कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और यह एथेरोस्क्लेरोसिस (वसा की बिल्ड-अप, धमनी दीवारों पर कोलेस्ट्रॉल) जैसी स्थितियों को रोकता है जो दिल का दौरा और स्ट्रोक का कारण बन सकता है। सोयाबीन को दो प्रकार के फैटी एसिड के साथ पैक किया जाता है - लिनोलेइक एसिड और लिनोलेनिक एसिड जो स्थिर रक्तचाप के स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं और शरीर में कोमल मांसपेशियों के कार्य को आसान बना देता है।
पाचनतंत्र को मजबूत बनाता है
सोयाबीन के स्वास्थ्य लाभों में से एक यह है कि यह फाइबर से समृद्ध है जो पाचन तंत्र को नियंत्रित करता है और इसकी कार्यप्रणाली को आसान बना देता है। यह कोमल मांसपेशियों के संकुचन को उत्तेजित करता है, जो सिस्टम के माध्यम से भोजन को धक्का देते हैं। फाइबर आपके मल को बढ़ाता है, जिससे पाचन तंत्र से गुजरना आसान हो जाता है।
रक्त परिसंचरण में सुधार करना
कॉपर और आयरन सोयाबीन में पाए जाने वाले दो सबसे महत्वपूर्ण खनिज हैं, जो लाल रक्त कोशिकाओं के गठन के लिए आवश्यक हैं। शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं की सही गणना एनीमिया से बचाती है और ऊर्जा के स्तर को भी बढ़ाती है।
हड्डी मजबूत करता है
सोयाबीन में विटामिन बी 2 और विटामिन K पाया जाता है और इसमें कैल्शियम, तांबा, सेलेनियम, मैग्नीशियम और जिंक जैसे खनिज सामग्री मौजूद रहती हैं। जो हड्डियों के विकास के लिये महत्वपूर्ण हैं। इन पोषक तत्वों की उपस्थिति के कारण सोयाबीन का सेवन ऑस्टियोपोरोसिस को रोक सकता है।
एक दिन में सोयाबीन की कितनी मात्रा का सेवन करें?
पुरुषों के लिये, सोयाबीन की पकौड़ी से 25-30 ग्राम प्रोटीन आ सकता है क्योंकि इससे शरीर में एस्ट्रोजेन का स्तर नहीं बढ़ेगा, जो सोयाबीन पकौड़ी का एक दुष्प्रभाव है(यदि आप अधिक मात्रा में खाते हैं) सोया आधारित उत्पादों से 70-80 ग्राम प्रोटीन की खपत एस्ट्रोजन में वृद्धि करेगी और शरीर में टेस्टोस्टेरोन कम करेगी।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











