Latest Updates
-
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग -
Quick Filling Dinner Anda Paratha Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा स्वादिष्ट अंडा पराठा -
मानसून से पहले दिल्ली में डेंगू के 162 और मलेरिया के 42 मामले, कहीं आप भी न हो जाएं शिकार; जानें बचाव के उपाय -
Dhaba Style Marinade Chicken Tikka Recipe: घर पर पाएं रेस्टोरेंट जैसा स्मोकी स्वाद
क्यों आ जाती है अचानक से नसों में सूजन? जानिए कारण
कभी कभी आपने देखा होगा कि हाथ और पैरो में दर्द की वजह से अचानक से नसों में सूजन दिखने लगती है। जिसे वैरिकोज वेंस कहा जाता है, यह एक खतरनाक बीमारी का रूप ले सकता है। कई बार ये इतनी सूजन इतनी बढ़कर हो जाती हैं कि पैरों के बाहर तक दिखने लगती हैं। क्या आप जानते हैं इसका कारण क्या है....?
वेरिकोस वेन, जिसे वेरिकोसिटीस भी कहा जाता है। इस स्थिति में हाथ और पांव में सूजन, फैलाव, अतिरिक्त खून से भर जाना आदि होता है। वेरिकोस वेन न सिर्फ दर्दभरा होता है बल्कि अंग विशेष का रंग नीला या लाल भी हो जाता है। सामान्यतः वेरिकोस वेन होने पर अंग में सूजन ही देखने को मिलती है।

यह समस्या आमतौर पर महिलाओं में ज्यादा देखने को मिलती है। गर्भावस्था, मेनोपोज, शरीर के मध्यभाग में दबाव बनना, खासकर पेट में और मोटापे के कारण पैरों में अतिरिक्त भार पड़ने के कारण वेरिकोस वेन की समस्या होने लगती है। लेकिन ज्यादा व्यस्त होने और खानपान के अभाव में यह समस्या किशोरी और युवतियों में भी देखी जा सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक वेरिकोस वेन ज्यादातर पैर के निचले हिस्से में होता है।
क्या है वैरिकोज वेंस की समस्या?
जब नसें ठीक से काम नहीं तो उस स्थिति को वैरिकोज वेंस कहा जाता है। पैरों से ब्लड को नीचे से ऊपर हार्ट तक ले जाने के लिए पैरों की नसों में वाल्वे होते हैं, इन्हीं की सहायता ग्रैविटेशन के बाद भी रक्त नीचे से ऊपर यानि हर्ट तक पहुंचता है। लेकिन अगर ये वाल्व खराब हो जाए या पैरों में कोई समस्या आ जाए, तो ब्लड ठीक से ऊपर चढ़ नहीं पाता और पैरों में ही जमने लगता है। जब शरीर में ब्लड जमने लगता है तब नसें कमजोर हो जाती हैं और फूलने लगती हैं। नसों में सूजन आने का कारण आपकी दिनचर्या में शुमार कुछ ऐसी आदते हैं जो आपके लिए खतरे की घंटी साबित हो सकती है।
देर तक खड़े रहना
इस समस्या को ज्यादातर उन लोगों में देखा जा सकता है। जिन्हें लगातार एक ही जगह पर खड़ा रहना पड़ता है। लगातार खड़े रहने पर नसों में दबाव पड़ने लगता हैं और ब्लड एक ही जगह पर रूकने लगता है। इससे से राहत पाने के लिए बीच-बीच टहल लेना चाहिए।
लगातार बैठे रहना
जिस तरह एक ही जगह पर लगातार खड़े रहना हानिकारक है, कुछ उसी तरह एक ही जगह पर बहुत देर तक बैठे रहना भी खतरनाक साबित हो सकता है। इससे आपको बवासीर, कब्ज जैसी बेहे समस्याएं भी आ सकती हैं। ऑफिस में भी लगातार बैठे रहने से अच्छा है आप बीच-बीच में उठकर थोड़ा चलें।
नमक की अधिक मात्रा लेने पर
नमक की अधिक मात्रा लेने से भी इस समस्या का खतरा बढ़ जाता है। नमक ज्यादा लेने से ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। इस प्रेशर को कंट्रोल करने के लिए नसों को फैलना पड़ता है। जिसके कारण इस समस्या के होने के चांस बढ़ने लगते हैं।
पैर मोड़कर बैठना
जब आप बहुत देर तक अपने पांव मोड़कर बैठते हैं तो इससे भी रक्त का प्रवाह या तो रुक जाता है या बहुत धीमा हो जाता है। यह पांव में सूजन की समस्या को भी जन्म देता है। इसलिए आपको बहुत देर तक अपने पैर मोड़कर नहीं बैठने चाहिए।
डॉक्टर को दिखाएं
अगर आपको भी वेरिकोस वेन की समस्या है तो तुरंत डाक्टर को दिखाएं। घर पर कोई भी इसका उपचार शुरु न कर दें, क्योंकि यह भी जानना आवश्यक होता है कि उठते और बैठते समय पैर के किस भाग में दर्द हो रहा है और सूजन पैर के किस हिस्से में दिख रही है। वेरिकोस वेन के दौरान रक्त प्रवाह जानने के लिए अल्ट्रासाउंड भी किया जाता है। इससे नसों में हो रहे रक्तसंचार की स्थिति के बारे में मालूम कर डॉक्टर उपचार शुरु करते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications