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विटामिन डी के लिए वेजेटेरियन खाएं ये चीजें, जानें कितना विटामिन डी है जरुरी
विटामिन डी या सनशाइन विटामिन हमारे स्वास्थ्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। फिर भी शाकाहारियों को इसकी पर्याप्त मात्रा नहीं मिलती है। शाकाहारी भोजन विकल्पों में विटामिन डी बहुत ही सीमित है और इसके विपरीत पशु-आधारित भोजन विकल्पों में प्रचुर मात्रा में है।

विटामिन डी की कमी हो सकती है -
विटामिन डी के 15 माइक्रोग्राम दैनिक उपभोग करना चाहिए। 70 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के लिए, दैनिक सेवन लगभग 20 माइक्रोग्राम होना चाहिए। विटामिन डी हमारी हड्डियों और दांतों के लिए काफी जरूरी होता है। बच्चों में विटामिन डी की कमी को रिकेट्स के नाम से जाना जाता है जिसमें हड्डियां काफी सॉफ्ट हो जाती हैं और आसानी से टूटने लगती हैं। वहीं, वयस्कों में विटामिन डी की कमी से ऑस्टियोपोरोसिस, या हड्डियों के पतले होने का खतरा बढ़ जाता है। इससे आसानी से हड्डियां टूटने लगती है।
यहां विटामिन डी के लिए खाएं ये चीजें, जिनका शाकाहारी लोग आनंद ले सकते हैं।

धूप -
सप्ताह में दो दिन भी 5 से 30 मिनट के लिए खुद को सूरज की रोशनी में रिचार्ज करें। अपने आसपास के क्लाइमेट के अनुसार खुद का रिचार्ज करें। एक और सलाह है कि अपनी त्वचा पर सनस्क्रीन न लगाएं क्योंकि यह विटामिन डी के निर्माण में बाधा उत्पन्न करता है।

मशरूम
यूवी प्रकाश के संपर्क में आने वाले मशरूम स्वयं विटामिन डी विकसित कर सकते हैं। यह एकमात्र शाकाहारी भोजन है जिसमें विटामिन डी होता है। कई बार, व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए, मशरूम कृत्रिम सेटअपों में उगाए जाते हैं जिन्हें यूवी एक्सपोजर नहीं मिल पाता है। ऐसे में उनमें विटामिन डी नहीं होगा। अधिक स्पष्टीकरण के लिए मालूम करें कि ये मशरुम कहां से आएं है। पैकेजिंग में लेबल पढ़ें।

सप्लीमेंट
हर दिन खुद को धूप में जाना और मशरूम खाना कई लोगों के लिए मुश्किल हो सकता है। ऐसे में सप्लीमेंट्स लेने की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। कोई भी सप्लीमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें और अपने लिए सही सप्लीमेंट लें। इसके अलावा ओट्स, बादाम, सोया मिल्क, संतरे का जूस, अनाज और धूप में उगने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल कर सकते हैं।

शरीर में विटामिन डी के फायदे
1 शरीर में विटामिन की सही मात्रा होने पर हड्डियां और दांत स्वस्थ और मजबूत बनते हैं।
2 विटामिन डी से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।
3 विटामिन डी से मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है।
4 विटामिन डी से शरीर में इंसुलिन (insulin) और शुगर की मात्रा ठीक रहती है।
5 विटामिन डी से फेफड़ों की कार्यक्षमता और हृदय स्वस्थ रहता है।
6 विटामिन डी से शरीर में कैंसर होने का खतरा भी कम हो जाता है।

उम्र के अनुसार जानें किसे होती है विटामिन डी की कितनी जरूरत
0-12 माह- 10mcg
1-13 साल- 15mcg
14 -18 साल- 15mcg
19-50 साल- 15 mcg (गर्भवती महिलाओं को 15mcg)
51-70 साल- 15mcg
70 से अधिक- 20mcg



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