Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
किडनी को कब चाहिए कितना पानी, इन इशारों से समझे
जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी किडनी पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। सामान्यता लोगों में यह धारणा है कि वो जितना ज्यादा पानी पीएंगे तो उनकी किडनी अच्छी रहेगी, जबकि ऐसा नहीं है। एक स्वस्थ्य व्यक्ति को 24 घंटे में इतना पानी पीना चाहिए कि उसे इन घंटों में दो से ढाई लीटर यूरिनल हो। इसके लिए लगभग तीन लीटर पानी काफी होता है। इसके अतिरिक्त यूरिनल अगर पारदर्शी हो तो इसका मतलब है कि सब ठीक है, लेकिन अगर इसमें पीलापन हो तो उसे और पानी पीना चाहिए। आइए जानते है कि स्वस्थ किडनी के लिए कितने पानी पीने की आवश्यकता होती है।

एक दिन में 8 गिलास पानी पीना चाहिए
एक दिन में 8 गिलास पानी पीना चाहिए लेकिन किडनी में स्टोन होने पर यह मानक नहीं है। 8 गिलास पानी का मतलब यह सुनिश्चित करना है कि बॉडी को सामान्य काम करने और किन्ही खास मौकों पर ज्यादा मेहनत करने के लिए पानी का पर्याप्त स्तर बना रहे। किडनी फेल होने पर पानी मात्रा सीमित करने की जरूरत होती है अगर फ्लूइड ओवरलोड का मामला बन रहा हो तो। यह बात हेल्थ एक्सपर्ट ही तय कर सकते हैं। उनकी सलाह से ही इस मामले में काम करना सही रहेगा।

हाइपोनेट्रेमिया
कुछ मामलों में अत्यधिक पानी हाइपोनेट्रेमिया नामक स्थिति पैदा करता है- जिसमें खून में सोडियम की मात्रा घुल जाती है जिससे व्यक्ति कमजोरी और थकावट महसूस करता है।

मूत्र के रंग से पहचानें बीमारी
हर दिन 1.5 लीटर मूत्र बनना जरूरी होता है। मूत्र के रंग से काफी कुछ पता चल सकता है। डिहाइड्रेशन, पीलिया के मामले में पेशाब का रंग गहरा पीला होगा। बॉडी अगर ठीक ढंग से काम कर रही है तो पेशाब का रंग हल्का पीला या रंगहीन होगा। पर्याप्त मात्रा में पानी पीने से अधिक पेशाब बनती है जिससे संक्रमण करने वाले बैक्टेरिया को बाहर निकालने में मदद मिलती है। इसके अलावा पर्याप्त पानी पीने से किडनी स्टोन से भी बचा जा सकता है।

पेशाब पर रखें नजर
वास्तव में कितना पानी पीना चाहिए, ये एक्टिविटी लेवल, क्लाइमेट आदि कारकों पर निर्भर करता है। खैर, अगर आपको ये जानना है कि आपके लिए कितना पानी पर्याप्त है, तो आपको पेशाब के आने पर नज़र रखनी चाहिए। यानि गौर करें कि आपको कितना पेशाब आता है। अगर आपको कम पेशाब आता है, तो इसका मतलब है कि आपको अधिक पानी पीने की ज़रूरत है। हालांकि लगातार पेशाब आना भी अच्छी बात नहीं है। ये मधुमेह या प्रोस्टेट समस्याओं जैसी कुछ अंतर्निहित बीमारी का संकेत हो सकता है।

दिन में आना चाहिए इतनी बार पेशाब
अगर आपको दिन में पांच बार पेशाब आता है तो, ये अच्छा संकेत है। किसी भी कीमत पर पानी पीने के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं करना चाहिए। अगर आपसे ज्यादा पानी नहीं पिया जाता, तो आप फ्रूट जूस या लेमन जूस आदि भी ट्राई कर सकते हैं। इसके अलावा आप पानी को विभिन्न तरह का स्वाद देकर पी सकते हैं।



Click it and Unblock the Notifications