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डेंगू और वायरल फीवर में क्या है अंतर? डॉक्टर से जानें कैसे करें पहचान और बचाव के उपाय
Dengue Vs Viral Fever: मानसून शुरू होते ही मच्छरों और वायरल संक्रमण से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे मौसम में डेंगू और वायरल फीवर के मामले तेजी से सामने आते हैं। दोनों में बुखार, शरीर दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण दिख सकते हैं, इसलिए कई लोग शुरुआती लक्षणों को सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन ऐसा करना सेहत के लिए काफी नुकसानदायी भी बना सकता है। ऐसे में, डेंगू और वारयल फीवर के बीच का अंतर समझना काफी जरूरी है, ताकि रोगी को सही इलाज मिल सके। आइए, यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के सीनियर कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन डॉ विघ्नेश वाई से जानते हैं डेंगू और वायरल फीवर के लक्षणों में क्या अंतर है और बचाव के उपाय -

डेंगू और वायरल फीवर में क्या अंतर है?
बरसात के मौसम में बुखार की समस्या आम हो जाती है, लेकिन हर बुखार को सामान्य वायरल फीवर समझना सही नहीं होता। डेंगू और वायरल फीवर दोनों में तेज बुखार आ सकता है, इसलिए कई बार लोग इनके बीच का अंतर नहीं समझ पाते। हालांकि, दोनों बीमारियों के फैलने का कारण, लक्षण और उपचार अलग-अलग होते हैं। डेंगू एडीज (Aedes) मच्छर के काटने से फैलने वाला वायरल संक्रमण है, जबकि वायरल फीवर कई तरह के वायरस की वजह से होता है। वायरल फीवर संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने, खांसने-छींकने या दूषित वातावरण के जरिए फैल सकता है। यही वजह है कि लंबे समय तक तेज बुखार या गंभीर लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी माना जाता है।
डेंगू के लक्षण
डेंगू के शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे लग सकते हैं, लेकिन समय के साथ यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। यदि नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए -
अचानक तेज बुखार आना
सिरदर्द और आंखों के पीछे तेज दर्द होना
शरीर, जोड़ों और मांसपेशियों में तेज दर्द महसूस होना
त्वचा पर लाल चकत्ते या रैशेज दिखाई देना
मतली या बार-बार उल्टी होना
अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना
भूख कम लगना
प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगना
गंभीर मामलों में नाक या मसूड़ों से खून आना या शरीर पर नीले निशान दिखाई देना
वायरल फीवर के लक्षण
वायरल फीवर होने पर शरीर में संक्रमण के कारण कई सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यदि ये लक्षण लगातार बने रहें या बुखार लंबे समय तक न उतरे, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है -
तेज या हल्का बुखार आना
गले में खराश या दर्द होना
नाक बहना या बंद होना
खांसी और छींक आना
सिरदर्द और बदन दर्द महसूस होना
मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी
अत्यधिक थकान महसूस होना
भूख कम लगना
कुछ लोगों में मतली या उल्टी की शिकायत भी हो सकती है
डेंगू और वायरल फीवर से बचाव के उपाय
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और अन्य तरल पदार्थ पीते रहें, ताकि शरीर में पानी की कमी न हो।
ताजे फल, हरी सब्जियां और पौष्टिक भोजन खाएं, जिससे आपकी इम्यूनिटी बूस्ट होगी।
बुखार होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी दवा न लें, खासकर दर्द निवारक दवाएं।
घर और आसपास साफ-सफाई रखें तथा पानी जमा न होने दें, क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह है।
पूरे बाजू के कपड़े पहनें, मच्छरदानी, मच्छर भगाने वाली क्रीम या रिपेलेंट का इस्तेमाल करें और मच्छरों के काटने से बचाव करें।
अगर तेज बुखार दो-तीन दिन तक बना रहे या डेंगू जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत जांच कराकर डॉक्टर से इलाज शुरू कराएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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