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लाउड म्यूजिक की वजह से एक अरब लोग जल्द ही खो सकते हैं सुनने की क्षमता
डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया भर में 430 मिलियन से अधिक लोग करंट टाइम में बहरापन का सामना कर रहे हैं। एक नई स्टडी से पता चलता है कि 1 अरब से अधिक युवा अपने सुनने की क्षमता को खो सकते हैं। बीएमजे जर्नल में पब्लिश स्टडी के अनुसार,ये अनुमान लगाया गया है कि दुनिया भर में 0.67-1.35 अरब यंगस्टर्स तेज संगीत सुनने के कारण सुनने की हानि का खतरा हो सकता है।

रिकमंडेड नॉइस लीमिट 40-घंटे के सप्ताह में 85 डेसिबल से अधिक नहीं होनी चाहिए। एमपी3 प्लेयर और सेलफोन का यूज करने वाले 12 से 35 साल के युवा, सक्रिय रूप से 105 डेसिबल पर कंटेंट सुनते हैं, जबकि मनोरंजन स्थलों पर औसत शोर का स्तर 104 से 112 डेसिबल था।

नॉइज़ कैंसिलिंग ईयरपॉड्स से लेकर फैंसी हेडफ़ोन तक, अर्बन यंगस्टर्स के पास ये सब हैं। चाहे घर पर हों या ट्रेवल के दौरान, वे हमेशा उन्हें प्लग इन करते हैं, बिना ये जाने कि इन गैजेट्स से उनके कानों पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
पिछली रिसर्च के उनके एनालिसिस से यह भी पता चला है कि 23 फीसदी वयस्क और 27 फीसदी नाबालिग डेली अत्यधिक नॉइस के संपर्क में आते हैं।

मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी के एक कान-स्वास्थ्य शोधकर्ता सैम कॉउथ के अनुसार, अगर आप अभी भी म्यूजुक को हाथ की लंबाई पर स्पष्ट रूप से सुन सकते हैं, तो यह बहुत ज़ोरदार है। लंबे समय तक या बार-बार 85 (डेसिबल) से ऊपर या उससे अधिक नॉइस के संपर्क में आने से सुनवाई हानि हो सकती है। ध्वनि जितनी तेज होगी, NIHL होने में उतना ही कम समय लगेगा। और 85 डेसिबल एक मोटरसाइकिल या डर्ट बाइक से ध्वनि के स्तर के बारे में है।

कम सुनाई देने से हानि के प्रभाव
शोधकर्ताओं ने कहा कि बच्चों में कम सुनने से एकडमिक प्रदर्शन खराब हो सकता है और प्रेरणा और एकाग्रता कम हो सकती है। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्रों के अनुसार, वयस्कों के लिए सुनवाई हानि को किसी के मानसिक स्वास्थ्य, कम आय, अवसाद और यहां तक कि हार्ट की समस्याओं की स्थिति में गिरावट से जोड़ा जा सकता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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