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जरूरत से ज्यादा नट्स का करेंगे सेवन, तो होंगे ये नुकसान
ड्राई फ्रूट्स या मेवों का सेवन सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। इन्हें वास्तव में सुपरफूड कहा गया है, जो प्रोटीन, आयरन, मैग्नीशियम, हेल्दी फैट्स, विटामिन बी और फाइबर से भरपूर होते हैं। जिसके कारण इनका सेवन करने से व्यक्ति को अधिक स्वस्थ रहने में मदद मिलती है। यह एनर्जी का एक अच्छा स्त्रोत हैं, जो आपको अधिक एक्टिव रखने में मदद करते हैं। हालांकि, किसी भी चीज की अति क्षति का कारण बनती है। मेवों का अधिक सेवन भी सेहत के लिए नुकसानदायक होता है। नट्स की अधिकता आपकी स्किन और सेहत दोनों पर अपना प्रभाव छोड़ती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको बता रहे हैं कि नट्स के अधिक सेवन से क्या-क्या साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं-

हो सकती है वजन बढ़ने की समस्या
मेवों में फाइबर अधिक होता है और इसलिए इसे वेट लॉस के लिए अच्छा माना जाता है। लेकिन जब आप आवश्यकता से अधिक नट्स का सेवन करते हैं तो इससे वजन बढ़ने की समस्या हो सकती है। इतना ही नहीं, वजन बढ़ने से आपको मोटापा, महिलाओं में मासिक धर्म की समस्या व उच्च रक्तचाप की समस्या हो सकती है। इसलिए, यह कहा जाता है कि सूखे मेवों का सेवन केवल सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। साथ ही आप ऐसे नट्स का सेवन करें, जिनका कैलोरी काउंट कम हो। मसलन-खजूर, खुबानी, क्रैनबेरी, ब्लूबेरी आदि।

हो सकती हैं गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याएं
आवश्यकता से अधिक ड्राई फ्रूट्स का सेवन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल समस्याओं को भी जन्म दे सकता है। दरअसल, ड्राई फ्रूट्स में हाई फाइबर कंटेंट रेग्युलर बाउल मूवमेंट और ब्लड फ्लो को बेहतर बनाता है। लेकिन जब आप इसका अधिक सेवन करते हैं तो शरीर में फाइबर की अधिकता हो जाती है, जिससे सूजन, दस्त, पेट फूलना, ऐंठन और कब्ज हो सकती है। इसलिए ड्राई फ्रूट्स का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।

बढ़ सकता है ब्लड शुगर
अगर आप मधुमेह पीड़ित हैं तो ऐसे में आपको मेवों का सेवन बेहद ही सीमित मात्रा में बरना चाहिए। दरअसल, अधिकांश सूखे मेवों में उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है जिसके कारण इसके सेवन से आपके ब्लड शुगर का लेवल तेजी से बढ़ सकता है। एनर्जी लेवल स्पाइक होने के साथ-साथ वह एकदम से गिर जाता है और आपको समस्या हो सकती है।

हो सकती है दांत में सड़न की समस्या
यूं तो सूखे मेवों में स्वाभाविक रूप से फ्रुक्टोज होता है जो हेल्दी माना जाता है। लेकिन बहुत सारे सूखे मेवों में अतिरिक्त शुगर को कोट किया जाता है, जिसके कारण वे अस्वस्थ हो जाते हैं। जब आप इनका अधिक मात्रा में सेवन करते हैं तो इससे अतिरिक्त शुगर के कारण ना केवल आपका वजन बढ़ता है, बल्कि यह दांतों में सड़न की वजह भी बनता है। यह शुगर आपके दांतों में चिपक जाते हैं और दांतों में सड़न पैदा करते हैं। इसलिए इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखें कि आप शुगर कोट मेवों का सेवन करने के बाद ब्रश करें।

हो सकती है अस्थमा की समस्या
आपको जानकर शायद हैरानी हो, लेकिन मेवों का अधिक सेवन अस्थमा की समस्या को जन्म दे सकता है या फिर उसे बढ़ा सकता है। दरअसल, सूखे मेवों को संरक्षित करने में सल्फर डाइऑक्साइड का उपयोग किया जाता है। इन सल्फर डाइऑक्साइड का बहुत कम मात्रा में सेवन करने से कोई नुकसान नहीं होगा, लेकिन अगर आप इसका सेवन अधिक मात्रा में करते हैं, तो इससे एलर्जी और अस्थमा होने की संभावना बहुत अधिक होती है। इसलिए, यह सलाह दी जाती है कि अस्थमा के रोगियों को सूखे मेवों का अधिक सेवन नहीं करना चाहिए। यहां तक कि अगर आप इसका सेवन करना चाहते हैं तो पहले एक बार डॉक्टर से इस विषय में बात अवश्य करें।



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