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Water Intoxication: जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी सेहत को पहुंचा सकता है नुकसान, इतना पानी होता है काफी
Water Intoxication: शरीर के लिए सबसे जरूरी होता है पानी। व्यक्ति खाना खाए बिना रह सकता है, लेकिन पानी के बिना रहना उसके लिए असंभव है। शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की ज़रूरत होती है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए, हर किसी को भरपूर पानी पीने की सलाह दी जाती है।
ऐसा माना जाता है कि व्यक्ति को दिन में दो से तीन लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। लेकिन कई बार लोग बहुत अधिक पानी पीने लग जाते हैं। जिसे वाटर इनटॉक्सिकेशन हो सकता है। इसे ओवरहाइड्रेशन भी कहा जाता है। बहुत अधिक पानी पीने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का बैलेंस बिगड़ सकता है। साथ ही आपको अन्य कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते है कि वाटर इनटॉक्सिकेशन क्या होता है और कितना पानी पीना आपके लिए बहुत ज़्यादा है-

वाटर इनटॉक्सिकेशन क्या होता है?
वाटर इनटॉक्सिकेशन को हाइपरहाइड्रेशन के रूप में भी जाना जाता है। आमतौर पर यह स्थिति तब उत्पन्न होती है, जब व्यक्ति थोड़े समय में अत्यधिक मात्रा में पानी का सेवन करता है। ऐसा करने से शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स, विशेष रूप से सोडियम का असंतुलन हो जाता है। इससे दिमाग के लिए सही तरह से काम करना काफी मुश्किल हो जाता है। इससे दौरे, कोमा और यहां तक कि कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं या फिर मृत्यु भी हो सकती है।
वाटर इनटॉक्सिकेशन के लक्षण
वाटर इनटॉक्सिकेशन होने पर आपको हल्के से लेकर गंभीर लक्षण तक नजर आ सकते हैं। मसलन-
• सिरदर्द
• मतली और उल्टी
• भ्रम या भटकाव
• मांसपेशियों में कमज़ोरी या ऐंठन
• दौरे
• बेहोशी
• कोमा
कितना पानी पीना बहुत ज़्यादा है?
अब सवाल यह उठता है कि कितना पानी पीना बहुत ज्यादा होता है। यह कई कारकों जैसे व्यक्ति की सेहत, एक्टिविटी और पर्यावरणीय स्थिति पर निर्भर करता है। लेकिन फिर भी सामान्य तौर पर प्रतिदिन 2 से 3 लीटर पानी पीना हाइड्रेशन के लिए पर्याप्त है। हालांकि, अगर आप कम समय में, खास तौर पर एक घंटे के भीतर 3 से 4 लीटर से ज़्यादा पानी पीते हैं तो इससे वाटर इनटॉक्सिकेशन का रिस्क काफी बढ़ जाता है।
वाटर इनटॉक्सिकेशन से बचने के लिए क्या करें?
वाटर इनटॉक्सिकेशन से बचने के लिए कुछ छोटे-छोटे टिप्स अपनाएं, जैसे -
• एक बार में बहुत अधिक पानी पीने के बजाय पूरे दिन लगातार पानी पीएं।
• अपने शरीर के प्यास के संकेतों को सुनें।
• इंटेंस फिजिकल एक्टिविटी के दौरान पानी के सेवन को संतुलित करें।
• अगर आपको कोई ऐसी बीमारी है जो किडनी के काम करने के तरीके को प्रभावित करती है, तो पानी के सेवन के बारे में सावधान रहें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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