World Vitiligo Day 2026: विटिलिगो (सफेद दाग) में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं? जानिए एक्सपर्ट से

Vitiligo Diet: विटिलिगो, एक ऐसी त्वचा संबंधी समस्या है, जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली मेलानोसाइट्स नामक कोशिकाओं को प्रभावित करने लगती है। ये कोशिकाएं मेलानिन बनाती हैं, जो त्वचा, बालों और आंखों को प्राकृतिक रंग देने का काम करता है। इसके कारण शरीर के कुछ हिस्सों की त्वचा का रंग उड़ जाता है और वहां सफेद चकत्ते या धब्बे बन जाते हैं। विटिलिगो संक्रामक नहीं होता, लेकिन यह व्यक्ति की आत्मविश्वास और मानसिक स्थिति को प्रभावित कर सकता है। हर साल 25 जून को विश्व विटिलिगो दिवस (World Vitiligo Day) मनाया जाता है। इसका उद्देशय विटिलिगो की समस्या के प्रति लोगों में जागरूकता फैलाना और संवेदनशीलता बढ़ाना है। इलाज के साथ संतुलित डाइट अपनाने से विटिलिगो की समस्या को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकता है। हालांकि कोई भी भोजन विटिलिगो को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकता, लेकिन सही खानपान त्वचा की सेहत को बेहतर बनाने और शरीर को जरूरी पोषक तत्व देने में मदद कर सकता है। आइए, पुणे स्थित डीपीयू सुपर स्पेशलटी अस्पताल की चीफ डायटीशयन समीक्षा चोरडया से जानते हैं कि विटिलिगो के मरीजों को क्या खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए -

Vitiligo Diet

विटिलिगो के मरीजों को क्या खाना चाहिए? (What Should Vitiligo Patients Eat In Hindi)

एंटीऑक्सीडेंट

विटिलिगो के मरीजों को अपने आहार में एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फल और सब्जियां शामिल करनी चाहिए। दरअसल, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को विटिलिगो के संभावित कारणों में से एक माना जाता है। ऐसे में, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फल और सब्जियां शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस के नुकसान से बचाने में मदद कर सकती हैं। आंवला, संतरा, अमरूद, नींबू, स्ट्रॉबेरी और कीवी जैसे फल विटामिन सी प्रदान करते हैं, जबकि गाजर, कद्दू, शकरकंद, पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन ए और कैरोटेनॉइड्स का अच्छा स्रोत हैं।

प्रोटीन

प्रोटीन शरीर की कोशिकाओं की मरम्मत और नई कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दालें, चना, राजमा, अंकुरित अनाज, सोया उत्पाद, दूध और डेयरी उत्पाद अच्छे प्रोटीन स्रोत हैं। मांसाहारी लोग अंडे, मछली और चिकन को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेने से शरीर का पोषण बेहतर बना रहता है।

कॉपर

कॉपर एक ऐसा खनिज है, जो मेलानिन बनने की प्रक्रिया में योगदान देता है। तिल, काजू, बादाम, सूरजमुखी के बीज, साबुत अनाज और दालें कॉपर के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। आप इन्हें अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

विटामिन-बी12 और फोलेट

कुछ अध्ययनों में विटिलिगो और विटामिन-बी12 तथा फोलेट की कमी के बीच संबंध देखा गया है। दूध, अंडे, मछली, हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन्स, दालें और फोर्टिफाइड अनाज इन पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं। इनका सेवन शरीर में पोषण संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।

जिंक

जिंक इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने और त्वचा की मरम्मत में सहायता करता है। साथ ही, संतुलित मात्रा में जिंक का सेवन त्वचा की सामान्य कार्यप्रणाली को बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसकेलिए आप कद्दू के बीज, तिल, मेवे, साबुत अनाज, दालें और डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन कर सकते हैं।

ओमेगा-3 फैटी एसिड

ओमेगा-3 फैटी एसिड में सूजन कम करने वाले गुण पाए जाते हैं। अलसी के बीज, चिया सीड्स, अखरोट और सैल्मन व सार्डिन जैसी फैटी फिश को डाइट में शामिल करने से त्वचा की सेहत को सपोर्ट मिल सकता है।

विटिलिगो में किन चीजों से बचना चाहिए? (What Should Vitiligo Patients Avoid In Hindi)

प्रोसेस्ड और जंक फूड

विटिलिगो के मरीजों को अत्यधिक प्रोसेस्ड और जंक फूड का सेवन सीमित करना चाहिए। फास्ट फूड, शुगरी फूड्स, पैकेज्ड स्नैक्स, तली-भुनी चीजें और अत्यधिक मीठे पेय पदार्थ शरीर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ा सकते हैं।

शराब और धूम्रपान

शराब और धूम्रपान शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ाने का काम करते हैं, जिससे त्वचा की सेहत प्रभावित हो सकती है। इसलिए बेहतर स्वास्थ्य के लिए इनसे दूरी बनाकर रखना फायदेमंद माना जाता है।

रेड मीट और सी फूड्स

रेड मीट और सी फूड्स कुछ मामलों में ट्रिगर का काम कर सकते हैं। इसलिए आपको इन सभी चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।

विटिलिगो डाइट से जुड़े आम मिथक

डायटीशयन समीक्षा चोरडया बताती हैं कि विटिलिगो को लेकर कई तरह के मिथक प्रचलित हैं। अक्सर कहा जाता है कि खट्टी चीजें खाने से सफेद दाग बढ़ जाते हैं, लेकिन इसका कोई मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इसी तरह दूध को पूरी तरह छोड़ देने की सलाह भी सही नहीं मानी जाती, जब तक कि व्यक्ति को उससे एलर्जी या इन्टोलेरेंस न हो। यह भी समझना जरूरी है कि कोई एक खास भोजन विटिलिगो को ठीक नहीं कर सकता। संतुलित और पौष्टिक आहार केवल इसके बेहतर प्रबंधन में मदद कर सकता है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, June 25, 2026, 14:00 [IST]
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