Latest Updates
-
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर -
गर्मियों में पसीने से होने वाली 5 कॉमन स्किन प्रॉब्लम्स, एक्सपर्ट से जानें इन समस्याओं से बचने के घरेलू उपाय -
World Digestive Health Day: क्यों मनाया जाता है विश्व पाचन स्वास्थ्य दिवस? जानें इस दिन का महत्व और इतिहास -
Grandma Style Aloo Baingan Recipe: दादी के हाथों जैसा चटपटा और लाजवाब स्वाद -
क्या ज्यादा तनाव लेने से ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है? AIIMS न्यूरोसर्जन ने बताई सच्चाई -
June 2026 Vrat Tyohar: निर्जला एकादशी से लेकर वट पूर्णिमा तक, जून के महीने में आएंगे ये प्रमुख व्रत-त्योहार
उम्र बढ़ने के साथ क्यों सफेद होने लगते हैं बाल, जानिए इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण
उम्र बढ़ने के साथ बाल सफेद होना आम बात है। लेकिन आज के समय में कम उम्र में ही लोगों के बाल सफेद होने लगे हैं। लेकिन क्या कभी आपके मन में ये सवाल नहीं आया कि आखिर बाल सफेद क्यो होते हैं और कैसे ये अपना रंग बदल लेते हैं।
बाल सफेद होने के पीछे हमारे खान-पान, बदलती लाइफस्टाइल, कैमिकल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल इन चीजों को कारण माना जाता है। लेकिन क्या आपको इसके पीछे का वैज्ञानिक कारण पता है। हाल ही में न्यू यॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने बाल सफेद होने का कारण ढूंढ निकाला है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक हमारे शरीर में मौजूद मेलानोसाइट स्टेम सेल बालों के जड़ों के अंदर बंद हो जाती हैं, जिस कारण बालों में पिगमेंट उत्पन्न नहीं हो पाता, जिसके चलते बाल सफेद होने लगते हैं। वैज्ञानिकों ने बाल सफेद होने के कारणों का पता लगाने के लिए दो साल तक चूहों के बालों पर रिसर्च की। जिसमें बालों के रंग को कंट्रोल करने के लिए जानी जाने वाली मेलानोसाइट स्टेम सेल्स की बारीकी से जांच की गई। जिसके लिए खास स्कैन और लैब तकनीक का उपयोग किया गया है।
अपनी रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया कि चूहों की उम्र बढ़ने के साथ ही पिगमेंट बनाने वाले हिस्से में बदलाव हो गया। इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने बताया कि जब मेलानोसाइट स्टेम सेल सिस्टम अन्य स्टेम सेल की तुलना में पहले खराब या बंद पड़ जाते हैं तो लोगों और चूहों के बाल सफेद होने लगते हैं।

न्यू यॉर्क यूनिवर्सिटी के ग्रॉसमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रोफेसर और इस अध्ययन के लेखक की माने तो मेलानोसाइट स्टेम सेल में गिरगिट जैसी क्रिया का नुकसान है जो बालों के सफेद होने और बालों के रंग के नुकसान के लिए जिम्मेदार हो सकता है। शोधकर्ताओं ने ये भी सुझाव दिया कि अगर उनके निष्कर्ष लोगों के लिए सही हैं तो वो जल्द ही सफेद बालों को रोकने का एक बेहतरीन तरीका ढूंढ सकते हैं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications