पेनक‍िलर खाने से महिला के शरीर में बन गए फफोले और कोमा में चली गई, क्‍या है SJS बीमारी?

Stevens Johnson Syndrome Causes And Treatment : अक्‍सर बुखार आने पर या क‍िसी तरह का दर्द होने पर हम सामान्‍य तौर पर दर्द निवारक दवाईयां यानी पेनकि‍लर का सेवन करते हैं। लेक‍िन ये पेन क‍िलर भी कुछ मामलों में आपके ल‍िए खतरनाक साबित हो सकते हैं और सीधा अस्‍पताल भी पहुंचा सकता है।

हाल ही में ऐसा ही एक मामला सामने आया है, जहां ब्राजील की एक 31 वर्षीय महिला ने पीरियड क्रैंप होने के बाद ब्रूफिन पेनक‍िलर की ओवरडोज लेने से महिला के शरीर में खतरनाक रिएक्‍शन हो गया। रिएक्‍शन के 2 दिन के भीतर महिला के मुंह में छाले होने के साथ ही आंखों में जलन होने लग गई। इसके बाद वो 17 दिनों तक कोमा में रही।

hat Is Stevens Johnson Syndrome Causes And Treatment

जब महिला को अस्पताल में भर्ती कराया गया। तब पता चला क‍ि महिला को दवाईयों के रिएक्‍शन की वजह से स्टीवेन्स जॉनसेन सिंड्रॉम (SJS) नामक बीमारी हुई है। आइए इसी मामले के साथ जानते हैं क‍ि आखिर ये दुलर्भ बीमारी क्‍या होती है?

क्या होती है स्टीवंस जॉनसन सिंड्रोम बीमारी?

स्टीवंस जॉनसन सिंड्रोम एक रेयर मेडिकल कंडीशन हैं। यह एक तरह का इंफेक्‍शन है, जिसमें शरीर पर ऐसे निशान उभर आते हैं जिन्‍हें देखकर लगता हैं जैसे क‍िसी ने जला दिया हो। यह बीमारी बड़ी तेजी से फैलती है। दो डॉक्‍टर स्टीवन्स और जॉनसन ने इस इंफेक्शन का पता लगाया था, इसी वजह से इनके नाम से इस बीमारी का नाम रख दिया गया है। यह बीमारी बुखार के साथ सामने आती है इसके घाव शरीर में कहीं भी हो सकते हैं। यह बीमारी 10 लाख लोगों में से 2 से 6 लोगों को होती है।

रिएक्‍शन की वजह से होता है ऐसा

कुछ विशेष तरह की दवा लेने के दौरान किसी प्रकार का रिएक्शन होना या दवाएं छोड़ने के बाद किसी प्रकार का रिएक्शन होना होता है जो स्टीवंस जॉन्सन सिंड्रोम का कारण बन सकती हैं, जैसे- दर्द निवारक दवाएं, गठिया के इलाज में इस्‍तेमाल होने वाली दवाइयां, मानसिक रोग व मिर्गी आदि की रोकथाम करने वाली दवाएं, और इन्फेक्शन से लड़ने वाली दवाएं हैं। अगर यह समस्‍या आपको किसी बीमारी का इलाज या उसकी दवाईयों की वजह से हुआ है तो आपको तुरंत उस दवाई को बंद करने की जरूरत है।

बीमारी के लक्षण

शरीर में रैशेज आने के एक या दो दिन के बाद आपको इस गंभीर बीमारी में ये लक्षण नजर आने लगेंगे-
- मुंह और गले में सूजन
- बुखार आना
- थकान
- आंखों में
समस्‍या बढ़ने पर आपको गंभीर लक्षण नजर आएंगे जैसे-
- चेहरे पर दर्द
- लाल या फिर बैंगनी रंग के रैशेज, जो तेजी से फैलने लगते हैं।
- आपकी त्‍वचा पर फफोले पड़ना और इसी तरह के फफोले या छाले आपको मुंह, नाक, आंख और जननांगों पर भी नजर आते हैं।
- स्किन पपड़ीदार बन जाती है और परते हटने लगती है।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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