न करें अनदेखा स्‍तन की गांठ को

स्तन कैंसर, स्तन के ऊतकों पर होता है, खासतौर पर दुग्ध नलिकाओं में। स्‍तन में गांठ का होना ब्रेस्‍ट कैंसर का एक बहुत ही आम लक्षण होता है। यह किसी भी उम्र की महिला को हो सकता है। इसमें स्‍तन के अंदर गांठ सूज जाती है, जो कि साफ दिखाई पड़ने लगती है। फाइब्रोसिस्‍ट में बदलाव, मिल्‍क सिस्‍ट, लीपोमा और गांठ, स्‍तन में गांठ पड़ने का आम कारण है। आइये जानते हैं इसके जोखिम और बचाव के बारे में।

Breast Lumps

यह कब जोखिम भरा होता है?

  • यदि स्तन में झुर्रियाँ पड़ जाएं और वह लाल हो जाए
  • बिना किसी चोट के स्तन पर खरोंच पड़ जाए
  • ब्रेस्‍ट में दर्द होने लगे
  • निप्‍पल अंदर धंस जाए
  • निप्‍पल से खून आने लगे
  • ब्रेस्‍ट में दर्द और बुखार आना

कैसे करें इलाज?

शरीर में जब आयोडीन, विटामिन बी -6 और आवश्यक पोषक तत्वों की कमी जो जाती है तो इस वजह से स्‍तन में गांठ पड़ने लगती है। अपने आहार में हाई फाइबर की चीजे प्रयोग कीजिये। बींस, पत्‍तागोभी, लहसुन, साबुत अनाज और अलसी का तेल इस्‍तमाल में लाएं क्‍योंकि इनमें बहुत ज्‍यादा फाइबर पाया जाता है और यह ब्रेस्‍ट के लिये बहुत अच्‍छे माने जाते हैं। साथ ही ऐसे आहार जो लीवर के लिये अच्‍छे हैं, जैसे प्‍याज, गाजर, चुकअंदर, नींबू, गोभी और ब्रॉक्‍ली को शामिल करें। इसके अलावा रोजाना व्‍यायाम करें, जिससे शरीर में खून का प्रवाह बना अच्‍छी तरह से बना रहे। ब्रेस्‍ट की गांठ को दूर करने के लिये रोजाना खूब सारा पानी पिएं।

बचने के लिये क्‍या करें?

कैफीन उत्पादों, शराब और वसायुक्त भोजन से बचें। सबसे अच्छा होगा कि आप प्राकृतिक डियोड्रेंट लगाएं ना कि बाजार में मिलने वाला। यह पसीने को पसीने की ग्रंथि से निकलने से रोकता है और सीधा ब्रेस्‍ट की ओर मोड देता है, जिससे आगे के वर्षों में ब्रेस्‍ट कैंसर की संभावना सबसे ज्‍यादा बढ जाती है।

हमेशा फिट ब्रा ही पहने क्‍योंकि ज्‍यादा कसी फ्रा रिस्‍की हो सकती है। यह ब्रेस्‍ट का ब्‍लड सर्कुलेशन रोक देती है जिससे धीरे-धीरे गांठ पड़ने लगती है। सोने से पहले हमेशा अपनी ब्रा को खोल कर ही सोंए।

स्‍तन की गांठ किसी भी उम्र में दिखाई पड़ना शुरु हो सकती हैं इसलिये जब भी आपको इसके लक्षण दिखें, तो आप अपने डॉक्‍टर से मिलने में बिल्‍कुल भी देरी न करें।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Thursday, June 7, 2012, 12:32 [IST]
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