कैंसर जो केवल महिलाओं को होता है

आज कैंसर की चपेट में सबसे ज्‍यादा महिलाएं आ रहीं हैं, ऐसी महिलाएं जो 40 से 50 की उम्र के बीच की हैं। कुछ कैंसर ऐसे हैं, जो खासतौर पर केवल महिलाओं को ही होते हैं। इस बात से कोई फरक नहीं पड़ता की आप पुरुष हैं या महिला क्‍योंकि हम सब की जिंदगी किसी न किसी महिला से जरुर जुड़ी होती है। इसलिए इस बात की जानकारी आपको होना बहुत ही जरुरी है कि महिलाओं को किस किसम के कैंसर होते हैं।

Cancers That Only Women Have

कौन से हैं वे कैंसर

1. सर्विकल कैंसर- अगर आप किसी भी आम महिला से इस कैंसर के बारे में पूछेंगी तो शायद वह आपको इसका उत्‍तर नहीं दे पाएंगी। यह गर्भाशय का कैंसर होता है, जो की वाइरस के इंफेक्‍शन की वजह से होता है। यह वाइरस यौन संपर्क के कारण फैलता है, जो दवा करने से सही हो जाता है। वे महिलाएं जिनके कई सेक्‍शुअल पार्टनर हैं, उनके लिए दवाई लेना एक अच्‍छा ऑप्‍शन है। यह बीमारी जब तक पुरानी न हो जाए तब तक इसके लक्षणों को पहचाना मुश्‍किल है क्‍योंकि इसका कोई लक्षण नहीं होता। इसलिए इसको पहचानने के लिए रेगुलर पैप स्‍मीयर टेस्‍ट करवाना जरुरी है।

2. ब्रेस्‍ट कैंसर- महिलाएं इस भंयकर बीमारी के प्रकोप में ज्‍यादा आ जाती हैं। इस कैंसर से दुनियांभर में करीब करोड़ों महिलाएं मरती हैं। इस कैंसर की पहचान ब्रेस्‍ट की जांच करने से पता चल जाती है। यह जांच आप खुद ही घर पर भी कर सकती हैं। अलग-अलग स्टेज के कैंसर के इलाज में जो दर्द एक मरीज को सहना पड़ता है वो बीमारी का पता चलने से भी ज्यादा दर्दनाक होता है। ब्रेस्ट कैंसर एक खतरनाक बीमारी है मगर वक्त रहते इलाज शुरू होने से मरीज की जान बच सकती है।

3. यूटरिन कैंसर- अगर आप कुछ समय से इस बात को नोटिस कर रहीं हैं कि आपके पीरियड्स ठीक समय पर नहीं आ रहें हैं, तो यह इस कैंसर का एक मात्र लक्षण होगा। यह गर्भाशय के भीतरी अस्‍तर का कैंसर होता है। जो कि एक छोटे से ट्यूमर के रुप में हो सकता है। अगर अल्‍ट्रासाउंड करवाने पर असामान्य खून बह रहा हो या मोटी एंडोमेट्रियल लेयर दिख रही हो, तो इसके होने का रिस्‍क हो सकता है। इस बीमारी का कारण, खराब दिनचर्या और खराब आहार खाना होता है।

4. ओवेरियन कैंसर- इन दिनों कई महिलाओं की फाइब्रॉएड और पॉलीसिस्टिक ओवरी (पीसीओएस) होती है। यही अल्‍सर कुछ दिनों में एक ट्यूमर का रूप ले लेते हैं और घातक बन जाते हैं। कई गर्भाशय कैंसर का पता लगाना बड़ा मुश्‍किल होता है क्‍योंकि इनके कोई साफ लक्षण नहीं होते। ब्‍लड टेस्‍ट और अल्‍ट्रा साउंड स्‍कैन करवा कर इस बीमारी का पता चल सकता है। अगर आपमें पहले से ही पीसीओएस है और वजन ओरवेट है, तो आपको इसकी जांच जरुर करवा लेनी चाहिये।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

Story first published: Wednesday, April 18, 2012, 11:32 [IST]
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