Latest Updates
-
Shardiya Navratri 2026 Day 8: नवरात्रि के आठवें दिन करें मां महागौरी की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग और आरती -
Durga Ashtami 2026 Wishes: महागौरी की कृपा...इन संदेशों के साथ अपनों को दें दुर्गा अष्टमी की शुभकामनाएं -
सिर्फ गांठ ही नहीं, ये 5 संकेत भी हो सकते हैं ब्रेस्ट कैंसर का लक्षण, साधारण समझकर इग्नोर करने की न करें भूल -
Maha Navami 2026: 19 या 20 अक्तूबर, महानवमी कब है? जानें तिथि, हवन और कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त -
SRH की मालकिन काव्या मारन की शादी हुई तय! कौन है दुल्हा, कब और कहां होगी वेडिंग, जानिए पूरी डिटेल्स -
Ashtami Kab Hai: 18 या 19 अक्टूबर, कब है अष्टमी? जानें सही तारीख, कन्या पूजन का शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Shardiya Navratri 2026 Day 7: नवरात्रि के सातवें दिन करें मां कालरात्रि की पूजा, जानें विधि, मंत्र, भोग, आरती -
Navratri Day 7 Wishes: मां कालरात्रि का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को भेजें महासप्तमी की शुभकामनाएं -
‘रामायण’ के ट्रेलर लॉन्च के दौरान रणबीर कपूर की घड़ी क्यों हुई वायरल? कीमत सुन उड़ जाएंगे होश, जानें खासियत -
लंबे समय तक बैठे रहने से रीढ़ की हड्डी को पहुंचता है नुकसान, डॉक्टर ने बताया इतने घंटे में ब्रेक जरूरी
मेनोपॉज के बाद बढ़ गया वजन, ये करें उपाय

मेनोपॉज़, महिलाओं के मासिक धर्म का चक्र खत्म होने का संकेत होता है। इस समय में महिलाओं में प्रजनन अंगों को नियमित करने वाले हार्मोंस का उत्पादन बंद हो जाता है। मेनोपॉज के दौरान अंडे का उत्पादन होना बंद हो जाता है और इस वजह से भी कई मानसिक और शारीरिक समस्या हो जाती है। मेनोपॉज सही समय 40 या उसके बाद होता है और यदि इस उम्र के पहले महिलाओं को मेनोपॉज आ जाता है तो यह काफी असहज हो सकता है।
मेनोपॉज के बाद महिलाओं को जिस समस्या का सामना करना होता है वो है अचानक से वजन बढ़ना। अनियमित रूप से बढ़ने वाले वजन की वजह से कई स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। इस दौरान बढ़ते वजन को रोकने के कई उपाय होते हैं।

एक्सरसाइज करें
मेनोपॉज के बाद एक्सरसाइज करना या शारीरिक गतिविधि को बनाएं रखना आवश्यक होता है क्योंकि इससे आपका वजन नियंत्रित रहता है और शरीर में मौजूद एक्सट्रा फैट भी बर्न हो जाते हैं। एक्सरसाइज और भी कई प्रकार से शरीर को स्वस्थ रखता है।

अच्छी नींद लें
पर्याप्त नींद लेना स्वास्थ्य के लिए जरूरी होता है और कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी बचाता है। मेनोपॉज के बाद कम से कम आपको 6-7 घंटे की नींद जरूर लेनी चाहिए ताकि आपका वजन नियंत्रित रहें।

हार्मोन बैलेंसिंग थेरेपी
हार्मोन बैलेंसिंग थेरेपी और हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी प्रक्रियाएं हैं, जो मेनोपॉज के दौरान शरीर में एस्ट्रोजन की मात्रा को संतुलित करती है। सेक्स हार्मोन के नुकसान को रोकता है। इसके अलावा ये थेरेपी मेनोपॉज के बाद वजन को भी बढ़ने से रोकता है और शरीर के अतिरिक्त फैट को बर्न करने में मदद करता है।

हेल्दी डाइट लें
स्वस्थ आहार का सेवन करना आवश्यक होता है खासकर मेनोपॉज के बाद। मेनोपॉज के बाद वजन बढ़ने का खतरा अधिक रहता है, इसलिए कभी भी अधिक तैलीय खाद्य पदार्थो का सेवन ना करें और कोशिश करें की फाइबर युक्त आहारों का ही सेवन करें और लो-कैलोरी वाले खाद्य पदार्थो का सेवन करें।

हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं
इस उम्र में वजन का बढ़ना कोलोरेक्टल और स्तन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती हैं। अपनी जीवन शैली में सकारात्मक परिवर्तन करके आप ऐसी समस्याओं से बच सकती हैं। वजन कम करते वक्त आपको पोषण का भी ख्याल रखने की जरुरत होती है। इसलिए अपने आहार में प्रोटीन कार्ब्स. हेल्दी फैट्स आदि भी शामिल करें। शुगर कम खाएं और पानी ज्यादा पिएं।



Click it and Unblock the Notifications
