Latest Updates
-
पंजाब की पहली महिला ड्राइवर और पायलट थीं शेफ विकास खन्ना की मां बिंदु खन्ना, राजीव गांधी के साथ ली थी ट्रेनिंग -
बारिश के मौसम में भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 5 फल, सेहत को हो सकता है नुकसान -
Sapne Me Aam Dekhna: सपने में आम दिखना शुभ या अशुभ? जानें इसका मतलब -
अब WhatsApp पर ही आसानी से बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड, जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस -
Birthday Special: पड़ोसन को घर से भगा ले गए थे सौरव गांगुली, फिर दोबारा करनी पड़ी थी शादी -
Varalakshmi Vrat 2026: कब रखा जाएगा वरलक्ष्मी व्रत? नोट करें तिथि, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
बारिश में बनाएं गर्मागर्म प्याज के पकौड़े और खट्टी-मीठी इमली की चटनी, जानें आसान रेसिपी -
Sawan 2026: 4 या 5? इस बार सावन में पड़ेंगे कितने सोमवार, देखें व्रत की पूरी लिस्ट -
बारिश के मौसम में क्यों बढ़ जाता है जोड़ों और घुटनों का दर्द? जानें इसके पीछे के 5 कारण -
शरीर में दिखने वाले ये 7 लक्षण हो सकते हैं डायबिटीज की शुरुआत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज
पीरियड के दौरान आपको भी हो जाते है पैड रैशेज, सोच समझकर ले सैनेटरी नैपकिन
मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी या मैक्सी पैड पहनने से कई बार आपको अनचाहे रैशेज की समस्या हो जाती है। जिस वजह से खुजली, सूजन और लाल चकतों की समस्या होने लगती है। कभी कभी ये रैशेज सेनेटरी पैड की बनावट की वजह से भी हो जाते है। बाकी दूसरे समय पीरियड के दौरान नमी और गर्मी के संयोजन के वजह से बैक्टीरियल इंफेक्शन हो जाता है। जो रैशेज बनकर सामने उभरकर आता है।
वैसे पैड की वजह से होने वाले रैशेज के लिए कई तरह के ट्रीटमेंट मौजूद है। आइए जानते है पैड रैशेज से बचने के लिए पीरियड के दौरान किन बातों का ध्यान रखना चाहिए और किन वजहों से ये रैशेज हो जाते हैं।

नैपकिन की क्वालिटी
सस्ते के चक्कर में लड़कियां अक्सर क्वॉलटी को दरकिनार करते हुए कोई भी सेनेटरी नैपकिन इस्तेमाल कर लेती है। अगर आप भी ऐसा कुछ करती है तो आपको इस ओर ध्यान देने की जरुरत है। क्योंकि खराब ब्रांड के नैपकिन को यूज करने से रैशेज का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए नैपकीन खरीदने से पहले उसकी क्वालिटी चैक करना न भूले।

हर 3 घंटे में बदले पैड
पीरियड में भारी बहाव के वजह से दिनभर गीलेपन और नमी से रैशेज की समस्या हो सकती है। काफी बार ऐसा भी होता है कि लड़कियां सेनेटरी पैड की बचत की वजह से दिनभर में एक ही पैड का इस्तेमाल करती हैं। लेकिन आदत ही रैशेज की सबसे बड़ा कारण होता है। नमी और गर्मी के वजह से इंफेक्शन होता है जिस वजह से रैशेज होता है। इसलिए पूरे दिन भर में हर 3-4 घंटो पर अपनी नैपकिन को बदलते रहना चाहिए।

कॉटन वाले पैड का इस्तेमाल करें
बाजार में कई तरह के पैड आते हैं। जिसका आप अपनी सुविधा के अनुसार इस्तेमाल कर सकते हैं। महिलाओं को कॉटन वाले पैड का इस्तेमाल करना चाहिए और खुशबू वाले पैड का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। क्योंकि खुशबू के चक्कर में पैड में केमिकल का यूज किया जाता है जो रैशेज का सबब बन सकता है।

लंबे नैपकिन का करें इस्तेमाल
बाजार में बहुत सारे ब्रांड के नैपकिन मौजूद हैं लेकिन उनका चुनाव करते समय इस बात का ध्यान रखें कि नैपकिन की लंबाई ज्यादा हो, जिससे न केवल वो ब्लीडिंग को ज्यादा सोखता है बल्कि स्टेन का खतरा भी ज्यादा नही होता है।

स्किन को ध्यान में रखकर खरीदें पैड
नैपकिन चुनाव करते समय न सिर्फ पैड का ध्यान रखिएं, बल्कि आपको अपनी स्किन के अनुसार नैपकिन को चुनाव करना चाहिए। अक्सर ऐसा देखा जाता है कि कई बार होता है कि अच्छी क्वॉलिटी के बावजूद भी पैड स्किन को सूट नहीं करते और रैशेज पड़ जाते हैं। इसलिए पैड को खरीदते समय इस बात का खास ध्यान रखें कि आपको किस ब्रांड के पैड में ज्यादा कम्फर्टेबल महससू करते हैं।

हाइजीन का रखें खास ध्यान
पीरियड के दौरान साफ-सफाई का खास ध्यान रखना चाहिए नहीं। प्राइवेट पार्ट को अच्छे से साफ करें ताकि किसी भी तरह की स्किन संबंधी समस्या न हो। इसके अलावा कपड़े थोड़े ढ़ीले पहनें।



Click it and Unblock the Notifications