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पीरियडस में हैवी ब्लीडिंग हो सकती है एनीमिया का कारण, जानें इससे बचाव के उपाय
क्या आप जानते है कि इस देश में अधिकांश महिलाएं एनीमिया से पीड़ित है। जिसका सबसे बड़ा कारण है शरीर में आयरन की कमी होना। साफ शब्दों में कहें तो एनीमिया एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपके शरीर में रेड ब्ल्ड सेल्स और हीमोग्लोबिन की कमी होती है। जब शरीर में पर्याप्त रेड ब्ल्ड सेल्स नहीं होते हैं, तो यह शरीर के अन्य भागों में ऑक्सीजन नहीं ले जा सकता है। जबकि हीमोग्लोबिन एक प्रोटीन है जो रेड ब्लड सेल्स में पाया जाता है और यह फेफड़ों से शरीर के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। यूं तो एनीमिया के कई कारण होते है, लेकिन इनमें एक प्रमुख कारण पीरियडस के दौरान होने वाला हेवी फ्लो भी हो सकता है। जिससे जुड़ी परेशानियों से एक महिला हर महीने गुजरती है। यहां हम हेवी पीरियडस और एनीमिया के बीच के कनेक्शन के साथ ही एनीमिया से बचाव के उपाय के बारे में बताएंगे।

एनीमिया के लक्षण
अगर आपको थकान, कमजोरी, येलो स्किन, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, छाती में दर्द, ठंडे हाथ-पैर, सिरदर्द जैसी समस्याएं हो रही है तो ये संकेत है कि आप एनेमिक है।

हेवी पीरियडस हो सकता है एनीमिया का कारण
पीरियड्स में कई महिलाओं को हैवी ब्लीडिंग होती है। और ये हैवी ब्लीडिंग कई बार महिलाओं में एनीमिया जैसी समस्या का कारण बन जाती है। एनीमिया से ग्रस्त महिलाओं के खून में पर्याप्त हेल्दी रेड ब्लड सेल्स या हीमोग्लोबिन नहीं होता है। बल्कि एनीमिया के कारण शरीर में ऑक्सीजन का संचार भी प्रभावित होता है। ऐसे में बॉडी हमेशा थकी-थकी और कमजोर महसूस होती है। यही वजह है कि पीरियड्स के दौरान एनीमिक महिलाओं को हमेशा थकान, चक्कर महसूस होना, आंखों और त्वचा में रूखापन, फास्ट हार्ट बीट और हाथ पैर ठन्डे होने जैसी परेशानियों से गुजरना पड़ता है।
वैसे, भारतीय महिलाओं के भोजन में आयरन की कमी बहुत अधिक देखी जाती है जिसकी वजह से वे एनिमिया का शिकार बन जाती हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक,जिन महिलाओं को हेवी फ्लो के कारण हर 2 घंटे बाद सैनिटरी पैड बदलना पड़े या अगर किसी महिला को 7 दिनों से अधिक समय तक पीरियड्स हों तो ऐसी महिलाओं के लिए एनिमिया का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ सकता है। जिसे अगर आपने हल्के में लेने की गलती की तो इससे आपको कई बड़ी स्वास्थ्य समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है। इसलिए अगर आपको उपरोक्त लक्षण महसूस हों, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से सम्पर्क करें और आवश्यक जांच कराए। ताकि आपको सही स्थिति का पता चल सकें।

वो सुपर फूडस जो बचाएंगे एनिमिया से
- एनीमिया से बचने के लिए ये जरूरी है कि आप अपनी डाइट में पौष्टिक आहार को शामिल करना शुरू करें। इसके लिए हरी सब्जियां और सूखे मेवे के अलावा आयरन तत्व से भरपूर खाद्य पदार्थ मददगार साबित होंगे। इसके अलावा ऐसी चीजों से परहेज करें जिससे लीवर पर बुरा असर पड़ता हो। जैसे कि जंक फूड और ऑयली फूड।
- चुकंदर के इस्तेमाल से भी एनीमिया जैसी स्थिति से निपटा जा सकता है। क्यूंकि चुकंदर में आयरन की भरपूर मात्रा पाई जाती है। यह ब्लड सेल्स को नया जीवन प्रदान करता है। इसे जूस या सलाद के रूप में लिया जा सकता है।
- टमाटर भी शरीर में ब्लड की मात्रा को बढ़ाता है। टमाटर में विटामीन सी, ई और लाइकोपिन पाया जाता है। जो शरीर में खून की कमी दूर होती है। टमाटर को आप सलाद, जूस या सूप के रूप में ले सकते है।
- एनीमिया होने पर मेथी, अजमोदा, ब्रोकोली, पालक जैसी आयरन से भरपूर सब्जियां भी काफी इफेक्टिव साबित होती हैं। क्यूंकि इन सब्जियों में विटामिन बी-12 और फोलिक एसिड मौजूद होते हैं जो शरीर में रक्त की मात्रा को बढ़ाते हैं।
- शहद में भी आयरन की मात्रा अधिक होती है। इसलिए शहद को भी आप अपनी डेली डाइट में शामिल कर सकते है ।



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