पीर‍ियड्स में पैड से होने वाले रैश करते हैं परेशान, पैड खरीदते वक्‍त रखें इन बातों का ध्‍यान

कई महिलाओं को पीरिड्स के दौरान रैशेज की समस्या हो जाती है। जांघों के अंदरूनी हिस्से और जननांग के पास रैशेज हो जाते हैं और खुजली होने लगती है। इसका जल्द ही उपचार न किया जाए नहीं तो दर्द भरे दाने उभर जाते हैं। इससे बचने के लिए जरूरी है कि कुछ बातों का ख्याल किया जाए।

समय पर पैड को बदलें

समय पर पैड को बदलें

पीरियड्स के दौरान पैड बदलने में बिलकुल भी समय खराब न करें। हर 6 घंटे में पैड को जरूर बदलें।

हाइजीन का रखें ख्याल

हाइजीन का रखें ख्याल

अच्‍छे सैनेटरी पैड का प्रयोग करें जो ब्‍लीडिंग को पूरी तरह से सोख ले और लम्‍बे समय तक चले, इससे आसपास खून नहीं फैलेगा और रैशेज की संभावना भी कम हो जाएगी साथ ही पैड्स अच्छी क्वालिटी के खरीदे। बड़े पैड का ये मतलब नहीं है आप पूरे दिन उसे चेंज न करें।

परफेक्ट अंडरवियर खरीदें

परफेक्ट अंडरवियर खरीदें

कॉटन के अंडरवियर का करें उपयोग। ज्यादा हवा आने के कारण ये पसीना सोक लेता है और इससे रैशेज और इन्फेक्शन होने का चांस कम हो जाता है।

-सही पैड को चुनें

-सही पैड को चुनें

अच्‍छे सैनेटरी पैड का प्रयोग करें जो ब्‍लीडिंग को पूरी तरह से सोख ले और लम्‍बे समय तक चले, इससे आसपास खून नहीं फैलेगा और रैशेज की संभावना भी कम हो जाएगी साथ ही पैड्स अच्छी क्वालिटी के खरीदे। बड़े पैड का ये मतलब नहीं है आप पूरे दिन उसे चेंज न करें।

एंटीसेप्टिक पाउडर का करें इस्तेमाल

एंटीसेप्टिक पाउडर का करें इस्तेमाल

पीरियड्स के दिनों में जब भी आप सैनेटरी पैड को बदलें तो जननांगों पर एंटीसेप्टिक पाउडर लगा लें। इससे जननांग सूख जायेंगे और रैशेज की संभावना भी कम हो जायेगी।

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