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एक स्वास्थ्य स्टाडी में पाया गया कि जिन महिलाओं ने गर्भपात का अनुभव किया हो, उनमें गर्भावस्था के अन्य सभी परिणामों वाली महिलाओं की तुलना में 70 साल की उम्र से पहले मरने की संभावना ज्यादा होती है।
BMJ में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक गर्भपात और समय से पहले मौत के बीच उन महिलाओं में संबंध ज्यादा है, जिनका 24 साल की उम्र से पहले गर्भपात हुआ हो, या जिनके 3 या उससे ज्यादा गर्भपात हुए हो। विशेषज्ञों के मुताबिक महिलाओं में गर्भपात में कई रिप्रोडक्शन घटनाएं दिल की बीमारी और समय से पहले मृत्यु दर के जोखिम से जुड़ी हैं। गर्भपात जैसी घटनाएं महिलाओं और उनके डॉक्टरों के लिए एक चेतावनी के रूप में काम कर सकती हैं, कि उनके पास इन स्थितियों से निपटने के लिए समय हैं।

4 में से 1 गर्भधारण में होता है गर्भपात
सहज गर्भपात गर्भावस्था के सबसे आम प्रतिकूल परिणामों में से एक है। एक अनुमान के मुताबिक 26 प्रतिशत प्रेग्नेंसी में गर्भ में ही बच्चे की मौत हो जाती है। और 10 प्रतिशत तक डॉक्टर की परमिशन या मेडिसिन खाकर गर्भपात होता है। कई अध्ययनों से पता चला है कि गर्भपात के इतिहास वाली महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और टाइप 2 डायबिटीज का ज्यादा खतरा होता है। लेकिन गर्भपात से संबंधित ऐसे बहुत कम सबूत हैं कि प्रारंभिक मृत्यु का खतरा गर्भपात का कारण है।

कई कारक कर सकते हैं गर्भपात को प्रभावित
हम वास्तव में नहीं जानते कि कई महिलाओं का गर्भपात क्यों होता है, या उसके क्या कारण है। गर्भपात के कई अलग-अलग कारण हैं। जो कई बड़े स्वास्थ्य मुद्दों की ओर संकेत नहीं दे सकता है। जैसे कई बार गर्भपात का कारण भ्रुण में बच्चे में किसी तरह की समस्या होने के कारण भी होता है।

गर्भपात के इमोशनल बर्डन पर भी दें ध्यान
गर्भपात के बाद महिलाओं को इमोशनल स्पॉर्ट की भी बहुत जरुरत होती है। गर्भपात के बाद महिलाओं के परिजनों को ये समझने की जरुरत है कि ऐसे समय में महिलाओं को मानसिक रूप से मजबूत होने की जरुरत है। ऐसे में अगर परिजनों का इमोशनल स्पॉर्ट मिलेगा तो उनके स्वस्थ्य पर अच्छा असर होगा। और वो जल्द ही रिकवर हो पाएंगी।

एक से ज्यादा गर्भपात का अनुभव करने वाली महिलाएं
अगर कोई महिला एक से ज्यादा गर्भपात का अनुभव करने वाली महिलाओं को कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। लेकिन समय रहते इन समस्याओं का इलाद किया जा सकता है। जब भी किसी का गर्भपात होता है तो उनके स्वस्थ्य की ओर ज्यादा ध्यान देने की जरुरत होती है। ताकि उनकी लाइफस्टाइल पहले जैसे की जा सकें। अगर कोई महिला बार-बार गर्भपात का सामना कर रही है, तो उन्हे एक प्रजनन चिकित्सा विशेषज्ञ से सलाह जरुर लेनी चाहिए।



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