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मदर डे पर निभाएं मां का फर्ज, बेटी को दें सेक्सुअल हेल्थ से जुड़ी यह जरूरी जानकारी
मां का पूरा जीवन अपने बच्चों को ही समर्पित होता है। वह अपनी बेटी के जीवन की पहली शिक्षिका होती है। उम्र के अलग-अलग पड़ाव पर वह अपनी बेटी को सभी जरूरी जानकारी देती है। फिर चाहे वह पीरियड्स हो या स्त्री से जुड़े अन्य स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे, एक मां अपनी बच्ची को शिक्षित करती है, ताकि वह खुद की देखभाल करने में पर्याप्त सक्षम हो जाए।
एक मां अपनी बेटी की सबसे अच्छी सहेली होती है और इसलिए वह अपनी बेटी के साथ कई तरह के विषयों पर चर्चा करती है। लेकिन जब बात सेक्स जैसे नाजुक विषय की आती है, तो अक्सर माताएं इसे टालना पसंद करती हैं। उनके मन में इसे लेकर एक हिचकिचाहट रहती है। लेकिन जब एक मां ही अपनी बेटी को शिक्षित नहीं करती है तो इससे बेटी के मन में कई सवाल उठते हैं और कई तरह के भ्रम भी पैदा होते हैं। तो क्यों ना इस मदर्स डे पर आप अपनी बेटी को शिक्षित करके मां होने का फर्ज निभाएं और एक खास तरह से मदर्स डे को सेलिब्रेट करें-

बेटियों को सेक्सुअल हेल्थ के बारे में पढ़ाना क्यों ज़रूरी है?
अमूमन मां अपनी बच्ची के साथ यौन स्वास्थ्य पर चर्चा करने से हिचकती हैं, लेकिन उनसे इस विषय पर बात करना जरूरी है, क्योंकि इससे उन्हें अपने शरीर को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलती है। साथ ही, यह उन्हें कई तरह की गलतफहमियों और स्वास्थ्य समस्याओं से भी दूर रोगा। टीनेज में लड़कियों के शरीर में इतनी तेजी से बदलाव होते हैं कि वह कुछ भी समझ नहीं पाती हैं। लेकिन सेक्सुअल हेल्थ पर चर्चा करने से उन्हें अपने सभी सवालों के जवाब मिल जाते हैं। साथ ही, उन्हें यह भी पता होता है कि किसी भी तरह की उलझन होने पर उन्हें किससे संपर्क करना है।
एक और कारण है कि अपनी बेटी के साथ सेक्सुअल हेल्थ और रिलेशनशिप के बारे में चर्चा करने से टीन्स में सेक्सुअल रिस्क बिहेवियर जैसे जल्दी सेक्स करना, कंडोम के बिना सेक्स या फिर कई पार्टनर्स के साथ सेक्स आदि कम होते हैं।

सेक्स सिर्फ शारीरिक नहीं है
अमूमन लोग सेक्स को शारीरिक समझते हैं, लेकिन बेटी को यह समझाना आवश्यक है कि सेक्स शारीरिक से ज्यादा भावनात्मक होता है। भावनात्मक निकटता हमें सुरक्षित, और भरोसेमंद महसूस कराती है। इसलिए, जब हम सुरक्षित और भरोसेमंद महसूस करते हैं, तो सेक्सुअल इंटिमेसी आपको सुखद अहसास देती है।
सेक्स वह नहीं है जो सोशल मीडिया दिखाता है
जॉर्जिया विश्वविद्यालय के एक नए अध्ययन के अनुसार, रोमांटिक रिलेशनशिप, और सेक्सुअल बिहेवियर के लिए पुरुषों और महिलाओं की अक्सर अलग-अलग राय होती है। सोशल मीडिया पर दिखाए जाने वाले मैसेज और पिक्चर्स को लोग एकदम सटीक मान लेते हैं। इसलिए, अपनी बेटियों से वास्तविक जीवन की इंटिमेसी और मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले अंतर के बारे में बात करने से उन्हें एक सही पिक्चर के बारे में पता चलता है, जिससे उन्हें एक धारणा विकसित करने में मदद मिल सकती है।
सहमति महत्वपूर्ण है
सहमति एक स्वस्थ रिश्ते के लिए एक महत्वपूर्ण पहलू है। जब सेक्स की बात आती है, तो दबाव के लिए कोई जगह नहीं होती है। अच्छे रिश्ते खुले, ईमानदार और सम्मानजनक कम्युनिकेशन पर बनते हैं। जब किसी रिश्ते में जबरदस्ती या डर होता है, तो प्यार और सम्मान नहीं हो सकता। इसलिए, अगर अंतरंग होने का दबाव है, तो रिश्ते को आगे ले जाना सख्त मना है।

कंडोम और बर्थ कण्ट्रोल
कंडोम यौन संचारित रोगों (एसटीडी) और गर्भावस्था की संभावना को कम करने के लिए सेक्स के दौरान लिंग पर पहना जाने वाला एक बैरियर डिवाइस है। कंडोम का उपयोग एचआईवी एड्स, और अनियोजित गर्भधारण जैसे एसटीडी से सुरक्षा प्रदान कर सकता है। इसलिए, सेक्स के दौरान कंडोम का उपयोग करना आवश्यक है। साथ ही, अपनी बेटी के साथ 16 साल की उम्र तक गर्भनिरोधक गोलियों के बारे में चर्चा करना महत्वपूर्ण है।
फीमेल सेक्सुएलिटी है महत्वपूर्ण
एक बड़ी हो चुकी बेटी के लिए, एक मां को कुछ महत्वपूर्ण शब्दों जैसे कि महिला संभोग, हस्तमैथुन और यौन संतुष्टि का अर्थ बताना चाहिए। इन चीजों के बारे में अक्सर बात नहीं की जाती है, और साथ ही, अधिकांश महिलाएं यौन संतुष्टि की आवश्यकता से अनजान हैं। मुख्य रूप से पितृसत्तात्मक समाज में यौन इच्छाओं वाली महिलाओं को अक्सर अनुचित माना जाता है। महिला कामुकता से संबंधित इन शब्दों को पढ़ाने से लड़कियों को अपने शरीर और जरूरतों के बारे में अधिक जानने में मदद मिल सकती है।
कैसे शुरू करें बातचीत
1. इस विषय पर धीरे-धीरे संवाद शुरू करें।
2. सारी जानकारी एक साथ शेयर करने से बचें।
3. ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करें, जो उनकी उम्र के अनुसार उपयुक्त हों। साथ ही, उन्हें उदाहरणों के साथ सिखाएं।
4. शरीर के अंगों को अन्य नामों से पुकारने से बचें और सही शब्दावली का प्रयोग करें।
5. उन्हें बात करने दें और प्रश्न पूछें। साथ ही, लॉजिकल मीनिंग्स के साथ उनका उत्तर दें, ताकि उनके मन के किसी भी सवाल का उन्हें आसानी से उत्तर मिल जाए।
यौन शिक्षा बच्चों के लिए जरूरी है, चाहे वह माता-पिता के माध्यम से हो या स्कूलों के माध्यम से। चूंकि अधिकांश माता-पिता अपने बच्चों को यौन स्वास्थ्य के बारे में शिक्षित करने के बारे में नहीं जानते हैं। ऐसे में संगठनों या निजी संस्थानों को माता-पिता को प्रशिक्षित करने के लिए आगे आना चाहिए ताकि वे अपने बच्चों के साथ यौन स्वास्थ्य के बारे में प्रभावी ढंग से संवाद कर सकें।



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