World Cup 2023 : क्‍या होता एब्डोमिनल गार्ड और क्‍यों क्रिकेटर इसे पहनते है पैंट के अंदर?

Why do cricketers wear abdominal guard during match: हम में से कई लोगों ने सचिन तेंदुलकर को मैच में शानदार पार‍ियां खेलते हुए देखा होगा। इस दौरान हम सबने उनकी एक आदत को जरुर नोटिस क‍िया होगा क‍ि वो बार-बार घुटने के बल थोड़ा झुककर अपनी पेंट को थोड़ा अडजस्‍ट करते थे। उनका ये स्‍टाइल काफी पॉप्‍युलर हुआ था और लोग इसकी खूब नकल भी उतारते थे।

दरअसल वो पेंट नहीं बल्कि मैच के दौरान 'एब्डोमिनल गार्ड' एडजस्‍ट करते थे। ये वो ही 'एब्डोमिनल गार्ड' है जो क्र‍िकेटर्स को क्र‍िकेट खेलते हुए प्राइवेट एरिया को तेज गेंद की मार से चोटिल होने से बचाता है। क्रिकेट में चोट लगना एक आम सी बात हो गई है। किसी मैच के दौरान या उससे पहले मैच-प्रैक्टिस के दौरान खिलाड़ियों का चोटिल होना सामान्‍य है।

What is Abdominal Guard? And Why Do Cricketers Wear It?

मैच के दौरान खिलाड़ी खुद को सुरक्षित रखने के ल‍िए कई तरह के क्रिकेट प्रोटेक्टिव गियर्स का इस्‍तेमाल करते हैं। जैसे सिर के ल‍िए हेल्‍मेट, हाथों की सुरक्षा के ल‍िए बैटिंग ग्‍लव्‍स और कीपिंग ग्‍लव्‍स।

वैसे ही प्राइवेट पार्ट की सुरक्षा के ल‍िए एब्डोमिनल गार्ड पहनते हैं। एब्डोमिनल गार्ड क्रिकेट प्रोटेक्टिव गियर्स यानी सुरक्षा उपकरणों का अहम ह‍िस्‍सा है। आइए जानते हैं इसके बारे में-

क्‍या होता है एब्डॉमिनल गार्ड?

क्रिकेटर इसे अपनी पैंट के अंदर खास तरह से डिजाइनअंडरगारमेंट पहनते हैं ज‍िसे जॉकस्ट्रैप कहते है, जो क्रिकेट में खिलाड़ियों के प्राइवेट पार्ट्स की सुरक्षा के लिए पहना जाता है। जॉकस्ट्रैप में एक कप या छोटे प्लास्टिक बॉक्स जैसा स्ट्रक्चर लगाया जाता है, जो एब्डॉमिनल गार्ड कहलाता है। इसे आम बोलचाल में बॉक्‍स भी कहा जाता है। इसे बल्लेबाज के अलावा विकेटकीपर और बैट्समैन के पास खड़े फील्डर्स भी पहनते हैं।

What is Abdominal Guard? And Why Do Cricketers Wear It?

चोट से बचाता है एब्डॉमिनल गार्ड

एब्डॉमिनल गार्ड पहनने के बावजूद कई बार तेज गेंद जब प्राइवेट पार्ट्स के आसपास लगती है, तो बल्लेबाज घुटनों पर आ जाते हैं। एब्डॉमिनल गार्ड की मदद से बल्लेबाज किसी बड़ी चोट से बच जाता है।

महिला प्लेयर्स पहनती हैं पेल्विक प्रोटेक्टर

महिला प्लेयर्स अपने प्राइवेट पार्ट की सुरक्षा के लिए पेल्विक प्रोटेक्टर का इस्तेमाल करती हैं। पुरुषों के एब्डॉमिनल गार्ड के मुकाबले इसका डिजाइन सपाट होता है।

एब्डॉमिनल गार्ड बचा चुका है कई खिलाड़ियों की जान

क्रिकेट इतिहास में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं, जिनमें एब्डॉमिनल गार्ड टूटने के बावजूद बल्लेबाज की जान बच गई...

- 2014 में बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के मेलबर्न में खेले गए टेस्ट के दौरान अपनी 192 रन की शानदार पारी के दौरान ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ को प्राइवेट एरिया के आसपास उमेश यादव की एक तेज गेंद लगी। स्मिथ दर्द से कराहते हुए घुटनों पर बैठ गए। कुछ देर बाद स्मिथ ने ड्रेसिंग रूम की ओर इशारा करते हुए एक नया एब्डॉमिनल गार्ड मंगाया।

- ऐसा ही वाकया 2013 में वेलिंगटन में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज केन विलियम्सन के साथ हुआ। दक्षिण अफ्रीकी के तेज गेंदबाज डेल स्टेन की तेज गेंद विलियम्सन के एब्डॉमिनल गार्ड से टकराई और वो टूट गया। दर्द से परेशान विलियम्सन ने ड्रेसिंग रूम की ओर टूटा हुआ AD दिखाते हुए तुरंत ही एक नया AD मंगाया।

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्‍वास्‍थ्‍य प्रदात्ता से सलाह लें।

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