Latest Updates
-
Light Digestive Lauki Sabzi Recipe: कम मसालों में बनाएं सेहतमंद और स्वादिष्ट सब्जी -
Param Ekadashi 2026: 10 या 11 जून, कब है परम एकादशी? नोट करें सही डेट और पारण का समय -
माचा नहीं हल्दी, केल नहीं मोरिंगा: विदेशी सुपरफूड्स से कहीं ज्यादा ताकतवर हैं भारत के ये 5 देसी खजाने -
आप भी तो नहीं खा रहे केमिकल से पके आम? ऐसे करें असली-नकली की पहचान, जानें सेहत को होने वाले नुकसान -
Silao Style Crispy Khaja Recipe: घर पर बनाएं बिहार की मशहूर परतदार मिठाई -
Electricity Price Hike: यूपी की जनता को झटका! 10% बढ़ा फ्यूल सरचार्ज, जानें कम बिल लाने के 5 अचूक उपाय -
Guru Gochar 2026: 2 जून को कर्क राशि में प्रवेश करेंगे देवगुरु बृहस्पति, ये 4 राशियां होने वाली हैं अमीर -
क्या होता है वेपर हीट ट्रीटमेट? वो टेक्नोलॉजी जिसके टेस्ट में फेल होने पर जापान ने बैन किए भारतीय आम -
Healthy Iron Rich Aloo Palak Recipe: लंच के लिए बनाएं आयरन से भरपूर स्वादिष्ट सब्जी -
दिल्ली में फिर फटा AC: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी नहीं, ये 4 बड़ी गलतियां एयर कंडीशनर को बना रही हैं ‘बम'!
World Hypertension Day 2025: घर पर बीपी मॉनिटर करने का सही तरीका क्या है? चेक करते हुए न करें ये भूल
World Hypertension Day 2025 : आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी, खराब खानपान और अनियमित जीवनशैली के कारण ब्लड प्रेशर (BP) की समस्या आम होती जा रही है। हैरानी की बात यह है कि यह बीमारी अब सिर्फ उम्रदराज लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि कम उम्र के युवा भी इसकी चपेट में आ रहे हैं।
विश्व उच्च रक्तचाप दिवस (World Hypertension Day) हर साल 17 मई को मनाया जाता है ताकि लोगों को उच्च रक्तचाप (हाइपरटेंशन) के प्रति जागरूक किया जा सके। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि हाई बीपी के मरीजों को नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की निगरानी करनी चाहिए। इसकी शुरुआत घर पर ब्लड प्रेशर मापने से की जा सकती है, लेकिन इसके लिए कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है।

घर पर ब्लड प्रेशर मापने का सही तरीका
शारीरिक और मानसिक रूप से शांत रहें: ब्लड प्रेशर मापने से कम से कम 5 मिनट पहले आराम करें। मापने से 30 मिनट पहले तक कोई शारीरिक व्यायाम, खाना-पीना या धूम्रपान न करें।
सही उपकरण का चुनाव: ऐसा BP मॉनिटर इस्तेमाल करें जिसे सटीकता के लिए मान्यता प्राप्त हो। डिवाइस के निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें और उसका पालन करें।
सही पोजिशन अपनाएं: BP मापते समय पीठ को सहारा देकर कुर्सी पर बैठें, पैर जमीन पर सीधे रखें। हाथ को एक सपाट सतह पर रखें, हथेली ऊपर की ओर हो और कफ (BP बेल्ट) को ऊपरी भुजा पर इस तरह लगाएं कि वह दिल के समान स्तर पर हो।
रीडिंग का तरीका: मशीन चालू करें और रीडिंग आने दें। दोनों नंबर ध्यान से नोट करें
सिस्टोलिक (ऊपरी संख्या)
डायस्टोलिक (निचली संख्या)
रीडिंग दोहराएं: यह प्रक्रिया दो बार दोहराएं, और हर रीडिंग के बीच कम से कम 1 मिनट का अंतर रखें। अंत में, तीनों रीडिंग का औसत निकालें और उसे ही अपनी सही BP रीडिंग मानें।
सामान्य ब्लड प्रेशर कितना होना चाहिए?
हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, नॉर्मल ब्लड प्रेशर की रेंज 90/60 mmHg से लेकर 120/80 mmHg तक होनी चाहिए।
अगर रीडिंग इससे ऊपर है, तो यह हाइपरटेंशन (उच्च रक्तचाप) की ओर इशारा करता है। अगर रीडिंग इससे नीचे है, तो यह हाइपोटेंशन (निम्न रक्तचाप) का संकेत हो सकता है।
हाई बीपी एक साइलेंट किलर है, जो लंबे समय तक बिना लक्षण दिखाए शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए इसकी समय-समय पर जांच और निगरानी बेहद जरूरी है। घर पर नियमित और सही तरीके से BP मापने की आदत आपको गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा सकती है।
हाई बीपी कंट्रोल करने के तरीके
1. हाई ब्लड प्रेशर (हाई बीपी) आज के समय में एक आम समस्या बन गई है, लेकिन इसे कुछ आसान उपायों से नियंत्रित किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स की मानें तो हाई बीपी की सबसे बड़ी वजह बढ़ता वजन होता है। वजन अधिक होने से 'स्लीप एपनिया' जैसी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं, जो ब्लड प्रेशर को और खराब कर सकती हैं। इसलिए वजन कंट्रोल करना बेहद जरूरी है। रोजाना 20-30 मिनट योग या ध्यान करने से काफी फर्क पड़ सकता है।
2. सही खानपान भी हाई बीपी को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाता है। अपनी डाइट में मोटे अनाज, हरी सब्जियां, फल और लो-फैट चीजें शामिल करें। साथ ही शराब और सिगरेट से दूर रहें क्योंकि ये बीपी को ट्रिगर करते हैं। पूरी नींद लेना भी बेहद जरूरी है क्योंकि इससे शरीर को आराम मिलता है और रक्तचाप सामान्य रहता है।
3. इसके अलावा, रात में सोने से पहले मोबाइल, टीवी जैसी तेज रोशनी वाली चीजों से दूरी बनाएं और तनाव मुक्त रहने की कोशिश करें। पॉजिटिव सोच बनाए रखें, किताबें पढ़ें और शरीर में कोलेस्ट्रॉल व शुगर लेवल नियंत्रित रखें। ये छोटे बदलाव जीवन में बड़ा फर्क ला सकते हैं।
डिस्क्लेमर : इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचना और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। यह पेशेवर चिकित्सा सलाह, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है। किसी भी चिकित्सीय स्थिति के संबंध में आपके मन में कोई प्रश्न हो तो हमेशा अपने चिकित्सक या किसी योग्य स्वास्थ्य सेवा प्रदाता की सलाह अवश्य लें।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications