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World Spine Day : अमिताभ बच्चन को हो चुका है रीढ़ की हड्डी का टीबी, जानें स्पाइनल टीबी के लक्षण और इलाज
आज अमिताभ बच्चन कौन बनेगा करोड़पत्ति (KBC) का 15 वां सीजन होस्ट कर रहे हैं। बात उन दिनों की है जब वर्ष 2000 में केबीसी शो शुरू होने के दौरान अमिताभ बच्चन को यह पता चला था कि उन्हें स्पाइनल टीबी है। यह चौंकाने वाला खुलासा बिग बी ने खुद कई सालों बाद इसी शो में किया था।
उन्होंने यह भी बताया था कि कुर्सी पर बैठने के समय उन्हें अक्सर कमर, पीठ में दर्द होता था। तब वह इसे बैकपेन समझकर इग्नोर करते रहे। जब बाद में टेस्ट करवाया तो रीढ़ की हड्डी की टीबी सामने आई। हालांकि, उसके बाद उन्होंने तुरंत ही अपना इलाज शुरू करवाया। अब वो टीबी मुक्त हैं, आइए जानते हैं World Spine Day के मौके पर क्या है रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइनल ट्यूबरक्लोसिस, इसके लक्षण और इलाज।

क्या है स्पाइनल ट्यूबरक्लोसिस?
टीबी एक बेहद ही गंभीर और संक्रामक रोग है, जो जीवाणु माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरकुलोसिस के कारण होता है।
रीढ़ की हड्डी की टीबी तब होती है, जब आपको ट्यूबरकुलोसिस हो और यह फेफड़ों के बाहर फैल जाए। टीबी होने पर यह फेफड़ों या लिम्फ नोड्स से रक्त के माध्यम से हड्डियों, रीढ़ या जोड़ों में पहुंच सकता है। हड्डियों में टीबी आमतौर पर लंबी हड्डियों और वर्टेब्रा के बीच में रिच वैस्कुलर सप्लाई के कारण शुरू होती है। हालांकि, हड्डियों या रीढ़ की हड्डी की टीबी बहुत दुलर्भ होती है।
रीढ़ की हड्डी के टीबी के लक्षण
रीढ़ की हड्डी में टीबी होने के लक्षण जल्दी नज़र नहीं आते हैं। कई बार एडवांस स्टेज में जाकर ही इसके लक्षण सामने आते हैं। निम्न लक्षणों को नज़रअंदाज़ ना करें-
- गंभीर रूप से पीठ में दर्द होना
- सूजन की समस्या
- पीठ में स्टिफनेस या सख्त महसूस होना
- फोड़े होना, अस्थि विकृति या बोन डिफॉर्मिलिटीज
- बार-बार बुखार आना
- थकान महसूस करना
- वजन कम होना
- रात में पसीना आना
- भूख ना लगना
- हड्डियों का कमजोर होना
जब टीबी का बैक्टीरिया खून की कोशिकाओं से होकर ब्लड वेसल्स में जाए और फिर वहां से हड्डियों के स इससे आपको स्पाइनल ट्यूबरकुलोसिस बीमारी हो सकती है। स्पाइनल टीबी ब्लड में इंफेक्शन होने के कारण होता है। इसका बैक्टीरिया ब्लड में जाकर फिर हड्डियों में प्रवेश करता है। कई बार कमजोर इम्यूनिटी होने के कारण भी माइकोबैक्टीरियम बैक्टीरिया आपको टीबी से ग्रस्त कर सकता है।
रीढ़ की हड्डी से बचाव के उपाय
-साफ-सफाई का ध्यान रखें।
-हेल्दी और पौष्टिक खाना खाएं।
-शीरीरिक रूप से एक्टिव रहें।
-खाना खाने से पहले हाथों को साफ करें।
-पानी स्वच्छ पिएं।
Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जानकारी और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। यह किसी भी तरह की मेडिकल सलाह, जांच या इलाज का विकल्प नहीं है। किसी भी स्वास्थ्य से जुड़ी समस्या या सवाल के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य व अनुभवी स्वास्थ्य प्रदात्ता से सलाह लें।



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