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फेंग शुई के सिद्धांतों अनुसार करें घर को डिजाइन
जब बात भूखंडों, भवनों, घर के अनुरुप, उसकी सजावट या घर के उद्यान की हो, तो सबसे पहले ऊर्जा का सतत प्रवाह और घर की शांति जैसी बातें हमारे मन में आती हैं। यह होना काफी स्वाभाविक है। वो भी तब, जब हम अपने घर की सजावट, सरेखण और डिजाइन फेंग शुई के सिद्धांतों को ध्यान में रख कर बनाएँगे। इन सिद्धांतों को केवल इमारत के निर्माण में ही नहीं, बल्कि इंटिरीअर को सुंदर बनाने, उसे अलंकृत करने, सजाने और डिजाइनिंग के अन्य तत्वों में इस्तेमाल किया जा सकता है।
फेंग शुई के सरल तरीकों का मुख्य उद्देश्य आपको भूखंड का सही स्तर, बाधाएँ, सही लेआउट, और कमरों के आवंटन में मदद करना है। चुंबकीय क्षेत्र और कम्पास दिशाओं की व्याख्या पता चलने के बाद आप सही क्षेत्र में कमरे आवंटित करने की बुनियादी समझ प्राप्त कर पाएँगे। एक बार भूखंड की धुरी और कांर्डिनल चुंबकीय दिशाओं का पता चल जाएँ, तो काफी आसानी से आप फेंग शुई के सिद्धांतों अनुसार घर डिजाइन कर सकते हैं।
फेंग शुई हमें पृथ्वी, मनुष्य और ब्रह्मांड के बीच बने बुनियादी रिश्ते की याद दिलाता है। इन सिद्धांतों को अपने जीवन में अपना कर, एक लयबद्ध जीवन शैली के साथ स्वस्थ और क्रियाशील वातावरण बना सकते हैं।

मुख्य दरवाजा
घर का मुख्य दरवाजा बहुत बडा होना चाहिए और इसका मुँह रसोई घर के सामने नहीं होना चाहिए। अतः मुख्य द्वार की स्थापना बहुत महत्वपूण है और यह भूखंड की दिशा और उसके अक्ष पर निर्भर करती है, अगर दरवाजा कार्डिनल दिशा में है तो उसकी स्थापना सही नहीं मानी जाती।

रसोईघर
हम क्या खाते हैं, कहाँ खाते हैं और कैसे खाते हैं सब स्वास्थ्य और जीवन शक्ति के विज्ञान का हिस्सा है। इसलिए रसोई का स्थान घर की एकता के लिए बहुत जरुरी है। रसोई घर के कई सारे तत्व एक दूसरे के परस्पर विरोधी होते हैं जैसे पानी, अग्नि (स्टोव/बिजली), धातु(बर्तन) आदि। इसके अलावा स्टोव और सिंक की सही स्थापना बहुत जरुरी है, अतः पानी को अग्नि से दूर कर स्थापित करें।

मास्टर बेडरुम
यह घर के महत्वपूण कमरों में से एक है। कहते हैं कि गहरी नींद वह है जब हम अपने स्रोत के साथ फिर से मिलते हैं, अतः जब हमरी नींद गहरी होगी तो अगले दिन हम पूरी तरो ताजगी के साथ उठते हैं। एक अच्छी नींद लंबी नींद से ज्यादा जरुरी है। चैन से सोने के लिए दूसरों की तुलना में कुछ अवस्थितियाँ ज्यादा महत्वपूण होती हैं। धातु के खाट की तुलना में लकडी के खाट ज्यादा बेहतर है क्योंकि ये काफी गर्म और हितकारी होते हैं, लकडी को बहुत ठंडी और दमनकारी माना जाता है जबकि धातु की तुलना शनि ग्रह से की जाती है।

ड्राइंग रुम
यह घर का विश्राम कक्ष है। फेंग शुई लेख अनुसार घर का मध्य हिस्सा या "ताई ची" को कम मात्रा में कॉस्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है, जो घर के कई प्रमुख कार्यकलापों के लिए अहितकारी है, अगर इमारत का मध्यवर्ती क्षेत्र ड्राइंग रुम का मुख्य भाग बन जाए तो लाभदायक होगा। याद रखें कि सोफा और अन्य भारी फर्नीचर को कमरे के दक्षिण और पश्चिमी दिशा में रखें और ज्ञान का स्थान माने जाने वाली कमरे की उत्तर पूर्वीय दिशा में कोई फर्नीचर या अन्य वस्तु ना रखें।

शौचघर
पुराने जामाने में शौचघर, घर के बाहर बनाए जाते थे पर समय के साथ ये भी "अटेचड बाथरुम" के रुप में बने लगें हैं। शौचालय कभी भी रसोई के पास नहीं बनाने चाहिए क्योंकि भोजन की ऊर्जा और शौचघर की ऊर्जा दोनों परस्पर विरोधी हैं।



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