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चेरी उगाने का आसान तरीका
चेरी एक खट्टा-मीठा गुठलीदार फल है। इसका रंग लाल, काला या पीला होता है। भारत में चेरी कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और उत्तरपूर्वी राज्यों में पैदा किया जाता है। अगर आप भी इसे अपनी बगिया में उगाना चाहते हैं तो यहां पर कुछ टिप्स दिये जा रहे हैं, जिनकी मदद से आप इसे उगा सकते हैं।
ऐसे उगाइये चेरी -
1. रोपण- आप चाहें तो चेरी के बीज या फिर पौधे खरीद कर लगा सकते हैं। अगर इसे अभी लगाया जाए तो वसंत तक यह उग आएंगे। चेरी के बीजों को धो लें और फिर एक प्लास्टिक की थैली में रखें और उसमें थोडे़ से छेद कर दें। इस थैली को फ्रिज में 6-8 महीने तक ऐसे ही रखें और फिर इन्हें बाहर निकाल कर धो लें। इसके बाद इसे जमीन या फिर पॉट में लगाएं।

2. सही जगह- सुनिश्चित करें कि आप चेरी के बीज को उस जगह पर लगाएं जहां पर पर्याप्त सूरज की रोशनी हो। पौधे को कम 5-6 घंटे का सूर्य प्रकाश मिलना चाहिए। चेरी का पौधा किसी भी प्रकार की मिट्टी में विकसित किया जा सकता है। ध्यान रहे कि मिट्टी ज्यादा गीली ना हो वरना पौधा खराब हो सकता है। यह भी ध्यान रखें कि हर पौधा कम से कम 6 इंच की दूरी पर लगा हो।
3. ब्राउन रॉट- मीठी चेरी विशेष रूप से इस तरह के रोगों के लिए अतिसंवेदनशील होती हैं, जिसमें चेरी के ऊपर एक भूरे रंग की परत चढ जाती है। अगर फूल भूरे हो जाएं और पौधा धीरे-धीरे मुर्झाने लगे तो समझ जाएं कि वह ब्राउन रॉट बीमारी से पीड़ित हो चुका है। अगर ऐसा कुछ हो जाए तो सल्फर का स्प्रे छिड़क दें।
4. पानी- चेरी के पौधे को ज्यादा पानी देने से मिट्टी गीली हो जाती है जिस वजह से वह सड़ने लगते हैं। पौधों में एक दिन छोड़ कर पानी देना चाहिये। जब मिट्टी बहुत सूखी लगे तभी पानी दें।
5. छंटाई- जब चेरी के पौधे को साल भर हो जाए तब आप उसकी छंटाई कर सकते हैं। आप चेरी के पौधे की छंटाई सर्दियों के मौसम में भी कर सकते हैं। इससे पौधों को किसी भी प्रकार की बीमारी नहीं होगी। इन पौधों को फल देने में कम से कम 6-8 साल लग जाते हैं।



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