कबूतर पालने का तरीका

कबूतर को पालने का चलन भारत में 6000 साल पहले से है। कबूतन न केवल देखने में सुंदर लगते हैं बल्कि जब वे बोलते हैं दिल खुश हो जाता है और सारी टेंशन खतम हो जाती है। तोते के मुकाबले लोग कबूतर को कम पालते हैं और अगर पालते भी हैं तो वे उसका ज्‍यादा ख्‍याल नहीं रखते जितना उन्‍हें रखना चाहिये।

कबूतर की खूबसूरती को देख कर आपकी जिंदगी प्रभावित हो सकती है। अगर आप अकेले रहते हैं तो आप कबूतर को एक साथी के रूप मे पाल सकते हैं। इसको पालने के लिये आपको ज्‍यादा महनत करने की आवश्‍यकता नहीं पडे़गी। बस जरुरत है आपको कुछ खास टिप्‍स आजमाने की -

ऐसे करें कबूतर का पालन-

1. कबूतर का खाना- छोटे कबूतरों को हमेशा अपने हाथ से खिलाएं और बडे़ कबूतरों का दाना एक छोटी सी ट्रे में रख दें। कबूतर का भोजन छोटा होना चाहिये जैसे, गेहूं, चना, साबुत अनाज या फिर भुट्टे का दाना आदि। इन्‍हें अगर फल आदि खिलाना हो तो उसे टुकड़ों में काट कर खिलाएं।

2. कबूतर का घर- इन पक्षियों को घर में अकेला घूमने के लिये छोड़ देना ही अच्‍छा होता है। अगर एक बडे़ कबूतर को पिंजडे़ में रखना है तो पिंजड़ा बड़ा और तार का बना हुआ होना चाहिये, जिससे वह असानी से घूम सके।

3. उन्‍हें कैसे नहलाएं- हर पक्षी को पानी से बहुत प्‍यार होता है। इसलिये किसी भी पक्षी को पानी के पास जाने से आप कभी नहीं रोक सकते। उसके नहाने की एक जगह बनाएं और उसक पानी को हमेशा बदलते रहें नहीं तो उसमें कीटाणु पैदा होने लगेगें।

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