Latest Updates
-
Sonia Gandhi Health Update: सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ी, गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में भर्ती -
कौन थे प्रतीक यादव? जानें अखिलेश यादव के भाई की कैसे हुई मौत, कितनी संपत्ति के मालिक थे, परिवार में कौन-कौन -
Apara Ekadashi Vrat Katha: अपरा एकादशी के दिन जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, सभी पापों और प्रेत योनि से मिलेगी मुक्ति -
Apara Ekadashi 2026 Wishes In Sanskrit: अपरा एकादशी पर अपनों को भेजें ये मंगलकारी संस्कृत संदेश और दिव्य श्लोक -
Apara Ekadashi 2026 Wishes: अपरा एकादशी पर प्रियजनों को भेजें भगवान विष्णु के आशीर्वाद भरे ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 13 May 2026: मिथुन और कन्या राशि वालों की चमकेगी किस्मत, इन 3 राशियों को रहना होगा सावधान -
Cannes 2026 में छाया आलिया भट्ट का प्रिंसेस लुक, पहली झलक देखते ही फैंस हुए दीवाने -
गर्मी में नहाने के बाद चेहरे पर क्या लगाएं? इन 4 चीजों को लगाने से दिनभर फ्रेश और ग्लोइंग नजर आएगी स्किन -
Apara Ekadashi 2026: क्या अपरा एकादशी वाले दिन बाल धो सकते हैं? व्रत से पहले जरूर जान लें ये नियम -
Coronavirus vs Hantavirus: दोनों में से कौन है ज्यादा खतरनाक? जानें लक्षण, बचाव और फैलने का तरीका
भारत में पाए जाने वाले अलौकिक शक्तियों वाले पेड़
भारत व्यापक रूप से विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के मिश्रण के लिए जाना जाता है। भारत को अध्यात्म का देश माना जाता है और दुनिया भर से लोग अध्यात्म की तलाश में इस देश की यात्रा करते हैं। यह एक ऐसा देश है जहाँ आपको प्रत्येक राज्य में धर्म और आध्यात्मिकता का सार मिलेगा तथा साथ ही साथ पुराने मंदिर और वास्तुशिल्प भी मिलेंगे।
सबसे बड़ा मंत्र गायत्री मंत्र
कुछ पेड़ों को पवित्र माना जाता है, जिनमें अलौकिक शक्तियां होती हैं तथा उन्हें कभी कभी दैवीय शक्तियों से भी जोड़ा जाता है। भारत के विभिन्न राज्यों में विभिन्न पेड़ों जैसे पीपल, नारियल, भांग और चन्दन की पूजा की जाती है तथा इन्हें हिंदू धर्म में बहुत सम्मान प्राप्त है। इन पवित्र पेड़ों को “कल्प वृक्ष” कहा जाता है। इनकी पूजा करने के अलावा इनके कुछ औषधीय गुण भी हैं।

बेल वृक्ष
बेल के वृक्ष को "बिल्वपत्र" भी कहा जाता है तथा इसका संबंध भगवान शिव से है जिन्हें विनाश का देवता कहा जाता है। इस वृक्ष के पत्ते भगवान शिव को चढ़ाए जाते हैं। ये त्रिपत्तियां भगवान के कार्यों निर्माण, संरक्षण और विनाश की प्रतीक हैं।

पीपल का वृक्ष
भगवान शनि का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए गुरूवार या शनिवार को पीपल के पेड़ को पानी दें। इस पेड़ के चारों ओर सात बार पवित्र धागा बांधकर शनि की साढ़े साती की परेशानियों से मुक्ति प्राप्त की जा सकती है। धागा लपेटने के बाद पीपल के पेड़ के पास दिया जलाना न भूलें।

बांस का पेड़
बांस के पेड़ का संबंध भगवान कृष्ण से है। लोककथा के अनुसार भगवान कृष्ण की बांसुरी बांस से बनी थी। अत: बांस का पेड़ भगवान कृष्ण और उनकी बांसुरी का प्रतीक है।

चन्दन का पेड़
चन्दन का पेड़ न केवल अपनी सुगंध और सुंदरता के लाभ के लिए जाना जाता है बल्कि इसके साथ कुछ दैवीय शक्तियां भी जुडी हुई हैं। इस वृक्ष का संबंध देवी पार्वती से है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि उन्होंने भगवान गणेश का निर्माण चन्दन के लेप और अपने पसीने को मिलाकर किया था। अत: इसे बहुत पवित्र माना जाता है। चन्दन के लेप का उपयोग देवी देवताओं की पूजा करने के लिए किया जाता है।

भांग का पेड़
यदि आप भगवान शिव से संबंधित किसी स्थान की यात्रा करते हैं तो आप वहां साधुओं को भांग पीते हुए देख सकते हैं। हालाँकि भांग के वृक्ष को वास्तव में पवित्र माना जाता है क्योंकि इससे सुख और समृद्धि आती है। महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को भांग की पट्टियां चढ़ाई जाती हैं। इनका उपयोग प्रसाद बनाने के लिए भी किया जाता है।

नारियल का पेड़
भारत में नारियल के पेड़ को काटना अशुभ माना जाता है। नारियल के वृक्ष को "कल्प वृक्ष" भी कहा जाता है तथा इसे एक पवित्र वृक्ष भी माना जाता है तथा किसी भी पूजा में इसका उपयोग किया जाता है। यह वृक्ष भी भगवान शिव का प्रतीक है।



Click it and Unblock the Notifications