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Alvida Jumma 2026: अलविदा जुमा की नमाज में कितनी रकात होती है? जानिए नमाज पढ़ने का तरीका, नियत और दुआ
Alvida Jumma Ki Namaz Kaise Padhe: रमजान का पाक महीना मुसलमानों के लिए बेहद खास माना जाता है। पूरे महीने रोजा, नमाज और इबादत के बाद जब रमजान अपने आखिरी दिनों में पहुंचता है, तब आने वाला आखिरी शुक्रवार जुमा-उल-विदा या अलविदा जुमा कहलाता है। रमजान का आखिरी जुमा मुसलमानों के लिए बहुत मुबारक और खास दिन माना जाता है। इस दिन मस्जिदों में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। अलविदा जुमा के दिन दोपहर के समय नमाज अदा की जाती है। तो आइए जानते हैं आपको बताते हैं अलविदा जुमा की नमाज का तरीका और टाइम -

अलविदा जुमा 2026 डेट (Alvida Juma 2026 Date)
इस साल अलविदा की नमाज 20 मार्च यानी आज अदा की जाएगी। ऐसे में, 21 मार्च, शनिवार को भारत में ईद का त्योहार मनाया जाएगा। वहीं, सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाई जा रही है।
अलविदा जुमा की नमाज का समय 2026 (Alvida Juma 2026 Namaz Time)
अलविदा जुमा की नमाज आमतौर पर दोपहर के समय अदा की जाती है। दिल्ली सहित भारत के अधिकतर शहरों में जुमे की नमाज अक्सर दोपहर 12:45 से 1:30 बजे के बीच, जोहर की नमाज़ के तुरंत बाद नमाज अदा की जाती है। हालांकि, हर शहर और मस्जिद में नमाज का समय थोड़ा अलग हो सकता है, इसलिए नमाज पढ़ने से पहले अपनी नजदीकी मस्जिद का समय जरूर देख लेना चाहिए।
अलविदा जुमा की नमाज का तरीका (Alvida Jumma Namaz Tarika In Hindi)
सबसे पहले वुज़ू करें।
साफ जगह पर जानमाज़ बिछाकर खड़े हों।
काबा शरीफ की तरफ मुंह करके नमाज़ की नियत करें।
पहले सुन्नत नमाज़ पढ़ें, फिर इमाम के पीछे फर्ज नमाज़ अदा करें।
इसके बाद बाकी सुन्नत और नफ्ल नमाज़ पढ़ी जाती है।
अलविदा जुमा की नमाज में कितनी रकात होती हैं?
अलविदा जुमा के दिन पढ़ी जाने वाली नमाज का तरीका आम जुमे की नमाज जैसा ही होता है। बता दें अलविदा जुमा की नमाज में कुल 14 रकातें अदा की जाती हैं -
1. चार रकात सुन्नत
सबसे पहले चार रकात सुन्नत नमाज पढ़ी जाती है।
नियत करके हर रकात में सूरह फातिहा के बाद कोई भी सूरह पढ़ी जाती है। चार रकात पूरी होने के बाद सलाम फेरा जाता है।
2. दो रकात फर्ज (इमाम के साथ)
इसके बाद मस्जिद में इमाम के साथ दो रकात फर्ज नमाज अदा की जाती है।
इस नमाज से पहले खुतबा दिया जाता है और नमाजी इमाम की इत्तेबा करते हुए नमाज पढ़ते हैं।
3. चार रकात फर्ज (जुहर के)
दो फर्ज नमाज के बाद चार रकात फर्ज नमाज जुहर की पढ़ी जाती है।
4. दो रकात सुन्नत
इसके बाद दो रकात सुन्नत नमाज अदा की जाती है, जिसे अकेले पढ़ा जाता है।
5. दो रकात नफ्ल
आखिर में दो रकात नफ्ल नमाज पढ़ी जा सकती है। इसे पढ़ना जरूरी नहीं होता, लेकिन पढ़ना बेहतर माना जाता है।
नमाज में पढ़ी जाने वाली जरूरी दुआएं
नमाज के दौरान कुछ खास दुआएं पढ़ी जाती हैं, जैसे:
सना - पहली रकात में सुरह फातिहा से पहले
सूरह फातिहा - हर रकात में पढ़ी जाती है
सजदे की दुआ - सुब्हाना रब्बियाल अ'ला
अत्तहियात, दुरूद-ए-इब्राहीम और दुआ-ए-मसूरा
अलविदा जुमा का महत्व
इस्लाम में अलविदा जुमा को बहुत बरकत वाला दिन माना जाता है। यह रमजान के महीने का आखिरी शुक्रवार होता है, इसलिए मुसलमान इस दिन ज्यादा से ज्यादा इबादत करने की कोशिश करते हैं। इस दिन लोग मस्जिदों में नमाज अदा करते हैं, कुरान की तिलावत करते हैं और अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगते हैं। साथ ही ,गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करना भी बहुत अच्छा काम माना जाता है। मान्यता है कि अलविदा जुमा के दिन की गई दुआ बहुत जल्दी कबूल होती है, इसलिए लोग इस दिन खास तौर पर इबादत करते हैं और अल्लाह से रहमत की दुआ मांगते हैं। अलविदा जुमा हमें यह याद दिलाता है कि रमजान का पवित्र महीना खत्म होने वाला है, इसलिए इंसान को अल्लाह से ज्यादा से ज्यादा दुआ और तौबा करनी चाहिए।



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