Latest Updates
-
Vat Savitri Vrat 2026: 16 या 17 मई, कब रखा जाएगा वट सावित्री व्रत? जानें सही तिथि, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Adhik Maas 2026: 17 मई से लग रहा पुरषोत्तम मास, अक्षय पुण्य की प्राप्ति के लिए जरूर करें ये 5 काम -
गर्मियों के मौसम में ऐसे करें अपने नन्हें शिशु की देखभाल, इन टिप्स की मदद से रहेगा स्वस्थ और सुरक्षित -
दिव्यांका त्रिपाठी प्रेग्नेंसी में खा रहीं चिरौंजी; क्या वाकई इससे मजबूत होती हैं बच्चे की हड्डियां? -
किन 5 लोगों को नहीं पीना चाहिए नारियल पानी? फायदे की जगह हो सकता है गंभीर नुकसान -
International Nurses Day क्यों मनाते हैं? जानें निस्वार्थ सेवा की मूर्ति नर्सों के इस दिन का इतिहास -
Bada Mangal 2026: जय बजरंग बली! दूसरा बड़ा मंगल के शुभ अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
International Nurses Day 2026: सफेद वर्दी में छिपे फरिश्तों को कहें थैंक यू सिस्टर, भेजें ये संदेश -
Aaj Ka Rashifal 12 May 2026: मंगलवार को चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य, हनुमान जी की कृपा से बरसेगा धन -
दहेज के 87% मामलों के साथ बेंगलुरु बना नंबर-1; जानें Dowry Case में कितनी सजा और जुर्माने का है प्रावधान
Chaitra Navratri 2024 Ashtami Aur Navami: चैत्र नवरात्रि की अष्टमी-नवमी तिथि है विशेष, देखें तिथि-मुहूर्त
Chaitra Navratri 2024 Ashtami Aur Navami Tithi Kab Hai: नवरात्रि के नौ दिनों तक भक्तगण विशेष विधि विधान तथा पूरी श्रद्धा से व्रत रखते हैं और माता रानी के नौ रूपों की पूजा अर्चना करते हैं। प्रथम दिन घट स्थापना की जाती है और अखंड ज्योति प्रज्वलित की जाती है। इस वर्ष 9 अप्रैल दिन मंगलवार को चैत्र नवरात्रि प्रारंभ हुई।
सनातन धर्म में नवरात्रि के पावन पर्व का बहुत ही विशेष महत्व दिया गया है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में माँ दुर्गा भवानी के नौ स्वरूपों की विशेष विधि विधान से पूजा अर्चना करते हैं। नवरात्रि के इन नौ दिनों में भक्तगण उपवास भी रखते हैं और माँ भवानी की विधिवत पूजा अर्चना करते हैं। सर्वप्रथम दिवस में घट स्थापना की जाती है और इसके साथ ही अखंड ज्योति भी जलाई जाती है।

वैसे तो नवरात्रि के प्रत्येक दिन बहुत ही खास महत्व रखते हैं, लेकिन मुख्य रूप से तीन दिन महासप्तमी, महाष्टमी और महानवमी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। अष्टमी तथा नवमी पर संपूर्ण घरों में पूजा हवन तथा नौ कन्याओं को भोग व उनका पूजन इत्यादि धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। जो भक्तजन 9 दिनों तक व्रत रखते हैं वह अष्टमी और नवमी के पावन दिन पर अपना पारण करते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं चैत्र नवरात्रि में दुर्गा अष्टमी तथा महानवमी की तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व-
2024 की चैत्र नवरात्रि की अष्टमी तिथि (Chaitra Navratri 2024 Ashtami Tithi Kab Hai)
नवरात्रि के आठवें दिवस पर महा अष्टमी मनाई जाती है और माँ महागौरी की विशेष पूजा अर्चना की जाती है। इस वर्ष चैत्र शुक्ल की अष्टमी तिथि 15 अप्रैल 2024 को दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से प्रारंभ होकर इसके अगले दिन 16 अप्रैल 2024 दोपहर 01 बजकर 23 मिनट तक रहेगी। ऐसे में मुख्य रूप से महा अष्टमी 16 अप्रैल को मनाई जाएगी।
चैत्र नवरात्रि 2024 की नवमी तिथि (Chaitra Navratri 2024 Navami Tithi Kab Hai)
चैत्र शुक्ल नवरात्रि की महा नवमी तिथि 16 अप्रैल 2024 को दोपहर 1:23 से प्रारंभ होकर इसके अगले दिन 17 अप्रैल 2024 को दोपहर 3 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। ऐसे में महानवमी का पावन पर्व 17 अप्रैल को मनाया जाएगा। इस दिन माँ दुर्गा भवानी के नौवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा अर्चना की जाती है। इसके साथ ही नवरात्रि व्रत का पारण भी इसी दिन किया जाता है। चैत्र नवरात्रि की महानवमी पर भगवान मर्यादा पुरुषोत्तम रामचंद्र जी के जन्मोत्सव के रूप में भी रामनवमी मनाई जाती है।
चैत्र नवरात्रि की अष्टमी और नवमी का महत्त्व
नवरात्रि में अष्टमी और नवमी तिथि को बेहद ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन कन्या पूजन, हवन तथा पारण इत्यादि किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अगर नवरात्रि के पावन पर्व पर कोई नौ दिनों तक व्रत तथा पूजा अर्चना नहीं कर पाया है तो वह अष्टमी और महानवमी पर पूजा अर्चना करे माँ दुर्गा भवानी का आशीर्वाद प्राप्त कर सकेंगे।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications