Chanakya Niti: ये लोग होते हैं बहुत भाग्यशाली, धरती पर पर भोगते हैं जन्नत का सुख

महान आचार्य चाणक्य भारतीय इतिहास के सबसे प्रमुख नामों में से हैं जिन्होंने भारत के इतिहास की रूपरेखा को बदलने का काम किया। उन्होंने मानव जीवन के सभी पहलू - आर्थिक, सामाजिक, राजनीतिक, निजी सम्बन्ध, दार्शनिक के बारे में विस्तार से अपनी नीतियां और अनुभव को साझा किये।

उन्होंने मनुष्य जीवन की सफलता, सुकर्म और दुष्कर्म के बारे में भी अपनी चाणक्य नीति में लिखा। कहा जाता है कि जो अच्छे कर्म करता है वह स्वर्ग जाता है। चाणक्य नीति के अनुसार कुछ लोगों को धरती पर ही स्वर्ग मिल जाता है।

Chanakya Niti in Hindi: Earth Is Like Heaven To These People, Gets All The Happiness In Life

चाणक्य नीति में कुल 17 अध्याय हैं और इसमें जीवन और करियर से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण बातों का जिक्र है। चाणक्य नीति के दूसरे अध्याय में कहा गया है कि पृथ्वी कुछ लोगों के लिए स्वर्ग की तरह होगी-

जिसका पुत्र आज्ञाकारी हो
चाणक्य नीति के दूसरे अध्याय में बताया गया है कि जिन माता पिता का आज्ञाकारी पुत्र होता है वह बहुत भाग्यशाली होता है। क्योंकि जो पुत्र अपने माता-पिता की आज्ञा का पालन करता है और उनका आदर करता है उनका जीवन सुखमय हो जाता है। ऐसे पुत्र के माता-पिता को उसकी वृद्धि पर सदैव गर्व रहता है। ऐसे पिता को अपने बच्चे पर गर्व होता है। जिनके बच्चे माता-पिता की आज्ञा का पालन करते हैं, वे दुनिया में सबसे भाग्यशाली माने जाते हैं और उनको धरती पर रहते हुए ही स्वर्ग मिल जाता है।

Chanakya Niti in Hindi: Earth Is Like Heaven To These People, Gets All The Happiness In Life

जिसकी पत्नी बुद्धिमान हो
चाणक्य नीति के अनुसार जिस व्यक्ति को अपनी पत्नी का पूरा सहयोग मिलता है वह बहुत ही भाग्यशाली होता है। चाणक्य के अनुसार पति और पत्नी जीवन रथ के दो पहिए हैं। यदि पत्नी पति को समझती है और कठिन समय में छाया की तरह उसके साथ खड़ी रहती है, उसे उचित मार्गदर्शन देती है और उसे प्रोत्साहित करती है, तो वह पति और उसका पूरा परिवार भाग्यशाली होता है।

Chanakya Niti in Hindi: Earth Is Like Heaven To These People, Gets All The Happiness In Life

ऐसी पत्नी के पति को परिवार और समाज में सम्मान प्राप्त होगा। योग्य पत्नी वाले पुरुष के लिए पृथ्वी स्वर्ग के समान है। एक कुशल और बुद्धिमान पत्नी अपने पति की सफलता में विशेष भूमिका निभाती है।

जिस व्यक्ति को धन की संतुष्टि हो
लोभ दुख का सबसे बड़ा कारण होता है। आचार्य चाणक्य का कहना है कि जो व्यक्ति लालच से मुक्त है और अपने धन से संतुष्ट है, उसके लिए पृथ्वी पर जीवन स्वर्ग है। धन के लोभ में लोग अपने सुख-शांति का त्याग कर देते हैं इसलिए जीवन में जटिलताएं और समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

Chanakya Niti in Hindi: Earth Is Like Heaven To These People, Gets All The Happiness In Life

इन सबका प्रभाव व्यक्ति के मन और बुद्धि पर पड़ता है। यह तब आपकी क्षमता और दक्षता को नकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। चाणक्य कहते हैं कि पृथ्वी उसी के लिए स्वर्ग है जो अपने धन से संतुष्ट है। इसलिए कोशिश करें कि आपके पास जो पैसा है उससे संतुष्ट रहें और अपनी मेहनत पर भरोसा रखें।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Thursday, May 18, 2023, 16:00 [IST]
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