Latest Updates
-
Chaitra Navratri 2026: 8 या 9 दिन जानें इस बार कितने दिन के होंगे नवरात्र? क्या है माता की सवारी और इसका फल -
Gangaur Vrat 2026: 20 या 21 मार्च, किस दिन रखा जाएगा गणगौर व्रत? नोट करें तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त -
घर में लाल चीटियों का दिखना शुभ है या अशुभ? जानें शकुन शास्त्र के ये 5 बड़े संकेत -
गर्दन का कालापन दूर करने के लिए रामबाण हैं ये 5 देसी नुस्खे, आज ही आजमाएं -
आपके 'नन्हे कान्हा' और 'प्यारी राधा' के लिए रंगों जैसे खूबसूरत और ट्रेंडी नाम, अर्थ सहित -
15 या 16 मार्च कब है पापमोचिनी एकादशी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त और पारण का समय -
Women's Day 2026: चांद पर कदम, जमीन पर आज भी असुरक्षित है स्त्री; जानें कैसे बदलेगी नारी की किस्मत -
Women’s Day 2026: बचपन के हादसे ने बदली किस्मत, अपनी मेहनत के दम पर मिताली बनीं Supermodel -
Happy Women's Day 2026: महिला दिवस पर 'मां' जैसा प्यार देने वाली बुआ, मौसी और मामी को भेजें ये खास संदेश -
Rang Panchami 2026 Wishes: रंगों की फुहार हो…रंग पंचमी पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश
Chanakya Niti: दूसरों के दुख-दर्द की परवाह नहीं करते ये तीन लोग, होते हैं बहुत मतलबी
आचार्य चाणक्य, एक ऐसा नाम जिन्होंने भारतीय इतिहास में ज्ञान की परंपरा को जीवंत रखा। आचार्य धर्म, कूटनीति, राजनीति और शिक्षा के महान विद्वान थे। उन्होंने अपनी रचनाओं में मानव जीवन के बारे में कई बातें कही हैं।
इन बातों और सुझावों का पालन कर आज के समय में भी व्यक्ति एक अच्छा जीवन व्यतीत कर सकता है। जीवन में सफलता, पारिवारिक और दाम्पत्य सम्बन्ध, मित्रता-शत्रुता, धन का व्यय और बचत सम्बन्धी आयामों को लेकर चाणक्य ने कई सुझाव दिए।

दूसरों का दर्द समझ पाना और उनको थोड़ी सी भी सांत्वना या सहायता कर पाना मानवता का सबसे बड़ा व विशेष कार्य होता है। लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो दूसरों का दर्द कभी नहीं समझ सकते। ऐसे लोग हमेशा स्वयं के हित के बारे में सोचते हैं और स्वाथि प्रवृति के होते हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार समाज में ऐसे कई लोग होते हैं जो दूसरा का दुःख नहीं समझ पाते ना ही कोई संवेदना व्यक्त करते हैं। जानते हैं चाणक्य के अनुसार कौन हैं ये लोग -
नशे की गिरफ्त में रहने वाले लोग
आचार्य चाणक्य के अनुसार जो लोग नशे के आदी हो जाते हैं उन्हें किसी की परवाह नहीं होती, उन्हें दूसरों के दुख-सुख की परवाह नहीं होती। आचार्य ने कहा कि हर समय नशे में रहने से व्यक्ति का दुनिया से संपर्क टूट जाता है। नशे की लत के कारण उनकी संवेदनाएं भी खत्म हो जाती है जिस कारण वे दूसरों के दुःख को नहीं समझ पाते।
स्वार्थी लोग
आचार्य चाणक्य के अनुसार कुछ लोग हमेशा केवल अपने बारे में ही सोचते हैं। ऐसे लोगों को स्वार्थी कहा जाता है। ऐसे लोग केवल अपने स्वार्थ के बारे में सोचते हैं। यह लोग अपने स्वार्थ के आगे दूसरों के दुख की परवाह नहीं करते। आचार्य चाणक्य ने कहा था कि ऐसे लोगों से हमेशा दूर रहना चाहिए और अपने पास नहीं आने देना चाहिए। ये अपने हित के अलावा किसी और के बारे में नहीं सोचते।
चोर लुटेरे
आचार्य चाणक्य ने कहा कि चोर और लुटेरे कभी दूसरों के दुख की परवाह नहीं करते। उन्होंने कहा कि उनके पास हमेशा एक ही विचार होता है। आचार्य ने कहा कि वह नहीं सोचते कि चोरी से दूसरों को कितनी परेशानी होगी। साथ ही किसी गरीब या निर्धन व्यक्ति के घर में भी चोरी करने से भी नहीं चुकते।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











