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गणेश विसर्जन 2026: तीसरे से 11वें दिन तक कब करें बप्पा का विसर्जन? जानें हर दिन की तिथि, शुभ मुहूर्त और विधि
Ganesh Visarjan 2026: हर साल गणेश चतुर्थी से गणपति उत्सव की शुरुआत होती है और अनंत चतुर्दशी के दिन बप्पा को विदाई दी जाती है। इस साल गणेश चतुर्थी 14 सितंबर 2026 को मनाई गई। इस दिन भक्तों ने भगवान गणेश की प्रतिमा को घर में स्थापित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि घर में गणपति जी की स्थापना करने से सुख-समृद्धि आती है और परिवार पर बप्पा की कृपा बनी रहती है। गणेश उत्सव के दौरान भक्त भगवान गणेश को उनकी पसंदीदा चीजों का भोग लगाते हैं और रोजाना पूजा-अर्चना करते हैं। कुछ लोग गणपति जी को पूरे 10 दिनों तक घर में रखते हैं। वहीं, कई परिवारों में डेढ़, 3, 5 या 7 दिन बाद विसर्जन करने की परंपरा है। अगर आपने भी इस साल घर में गणपति जी को स्थापित किया है और 3, 5 या 7वें दिन विसर्जन करने वाले हैं, तो यहां जानें शुभ मुहूर्त और विसर्जन की सही विधि -

तीसरे दिन गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त
अगर आपने गणपति जी को 3 दिन के लिए घर में स्थापित किया है, तो 16 सितंबर 2026 को बप्पा का विसर्जन किया जा सकता है। इस दिन विसर्जन के लिए शुभ समय इस प्रकार रहेगा-
सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:17 बजे तक- शुभ
दोपहर 3:21 बजे से शाम 6:24 बजे तक- चर और लाभ
शाम 7:52 बजे से रात 12:17 बजे तक- शुभ, अमृत और चर
पांचवें दिन गणेश विसर्जन का शुभ समय
पांचवें दिन गणपति विसर्जन करने वाले भक्त 18 सितंबर 2026 को बप्पा को विदाई दे सकते हैं। इस दिन विसर्जन के लिए शुभ समय इस प्रकार रहेगा -
सुबह 6:11 बजे से 10:45 बजे तक- चर, लाभ और अमृत
दोपहर 12:17 बजे से 1:48 बजे तक- शुभ
शाम 4:51 बजे से 6:22 बजे तक- चर
रात 9:19 बजे से 10:48 बजे तक- लाभ
सातवें दिन गणेश विसर्जन का मुहूर्त
अगर आप सातवें दिन गणपति जी का विसर्जन कर रहे हैं, तो 20 सितंबर 2026 को बप्पा को विदा कर सकते हैं। इस दिन विसर्जन के लिए शुभ समय इस प्रकार रहेगा -
सुबह 7:42 बजे से दोपहर 12:16 बजे तक- चर, लाभ और अमृत
दोपहर 1:47 बजे से 3:18 बजे तक- शुभ
शाम 6:21 बजे से रात 10:47 बजे तक- शुभ, अमृत और चर
अनंत चतुर्दशी पर गणेश विसर्जन का शुभ मुहूर्त
गणपति विसर्जन के लिए अनंत चतुर्दशी का दिन विशेष माना जाता है। इस साल अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन विसर्जन के लिए शुभ समय इस प्रकार रहेगा -
सुबह 6:11 बजे से 10:42 बजे तक- चर, लाभ और अमृत
दोपहर 12:13 बजे से 1:44 बजे तक- शुभ
शाम 4:45 बजे से 6:15 बजे तक- चर
रात 9:14 बजे से 10:44 बजे तक- लाभ
गणेश विसर्जन की सही विधि और नियम
गणपति जी को विदाई देने से पहले विधि-विधान से पूजा करें।
इसके बाद बप्पा को दूर्वा, फूल, मोदक, बूंदी के लड्डू और फल अर्पित करें।
पूरे परिवार के साथ गणेश जी की आरती करें। इसके बाद श्रद्धा और सम्मान के साथ गणपति की प्रतिमा को विसर्जन स्थल तक ले जाएं।
बप्पा की विदाई से पहले घर से विसर्जन स्थल तक जाने वाले रास्ते पर अक्षत यानी चावल बिखेरें।
गणेश की मूर्ति को नंगे पांव विसर्जन के स्थान तक ले जाएं।
विसर्जन से पहले बप्पा से जाने-अनजाने में हुई गलतियों के लिए माफी मांगें और परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना करें।
इसके बाद विधि-विधान और श्रद्धा के साथ गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन करें।
इस दौरान 'गणपति बप्पा मोरया, अगले बरस तू जल्दी आ' का जयकारा लगाएं।
विसर्जन के दिन सात्विक आहार ही ग्रहण करें।



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