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Ganga Dussehra 2024: घर में गंगाजल है तो करें वास्तु के इन नियमों का पालन, परिवार पर नहीं आएगा कोई संकट
Ganga Dussehra 2024: प्रायः सनातन धर्म में प्रत्येक व्रत तथा त्योहारों में गंगा में डुबकी लगाने का विधान है। गंगा की माँ स्वरूप पूजा अर्चना करते हैं जिससे शुभ फलों की प्राप्ति होती है। किसी भी मांगलिक कार्य में पवित्रता लाने हेतु गंगाजल का उपयोग किया जाता है। वास्तु शास्त्र में
सनातन धर्म शास्त्रों के मुताबिक गंगा को तीर्थ स्थान बताया गया है। गंगा को माँ स्वरूप पूजा जाता है। इसे बहुत ही पवित्र माना जाता है। गंगा को पापमोचनी भी कहा जाता है क्योंकि गंगा में डुबकी लगाने से लोगों के संपूर्ण पाप नष्ट हो जाते हैं।

गंगाजल को घर में रखना बहुत शुभ माना गया है। इसका बहुत अधिक महत्व है। लेकिन गंगाजल की पवित्रता को बनाए रखने के लिए इसके कुछ विशेष नियम है। आइए जानते हैं वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में गंगाजल किस प्रकार रखना चाहिए, ताकि संपूर्ण लाभ प्राप्त हो सके।
गंगाजल किस दिशा में रखना चाहिए?
घर में गंगाजल रखने के लिए सबसे उपयुक्त एवं सबसे अच्छा स्थान उत्तर पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को माना गया है। इसके अलावा आप अपने घर के मंदिर या पूजा के कमरे में भी गंगाजल को रख सकते हैं क्योंकि इन स्थानों पर संपूर्ण देवी देवताओं का वास होता है।
गंगाजल से जुड़े नियम
वास्तु शास्त्र के मुताबिक अपने घर में गंगाजल रखने के लिए हमेशा साफ एवं नए बर्तन का इस्तेमाल करना चाहिए। आपको इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि गंगाजल को प्लास्टिक की बोतल में नहीं रखना चाहिए। गंगाजल को रखने के लिए तांबे, पीतल, चाँदी या मिट्टी के बर्तन का उपयोग करना चाहिए। यह आपके लिए शुभ साबित होगा।
गंगाजल से बढ़ाएं घर की सुख शांति
अपने घर में समय-समय पर गंगाजल का छिड़काव करते रहना चाहिए। माना जाता है ऐसा करने से घर से नकारात्मक शक्ति दूर हो जाती है और क्लेश कट जाता है। इससे पवित्रता आती है और मानसिक स्थिति में प्रसन्नता स्थापित होती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रसार होता है।
भूलकर भी न करें यह गलती
गंगाजल को पवित्र बनाए रखने के लिए कुछ विशेष नियम एवं विधि विधान का पालन करना बहुत ही ज्यादा जरूरी है। गंगाजल का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए। गंगाजल को हमेशा साफ एवं स्वच्छ स्थान पर रखना चाहिए। गंगाजल को हमेशा उजाले वाले स्थान में रखना चाहिए। इसे कभी भी अंधकार के स्थान पर नहीं रखना चाहिए। इस बात का भी विशेष ध्यान रखें कि जीवन में आप कभी भी विषम परिस्थितियों में गंगाजल को उठाकर झूठ न बोलें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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