Latest Updates
-
AC कोच बना 'हनीमून सुइट', फूलों-गुब्बारों से सजाया ट्रेन का डिब्बा, वायरल हुआ वीडियो, जानें रेवले के नियम -
Kiara Advani ने यश संग 'तबाही' में दिए दिए इंटीमेट सीन, जानें कैसे शूट किए जाते हैं बोल्ड सीन? -
एक्टर राजेश शर्मा को जहरीले कीड़े ने काटा, हालत नाजुक, जानें मानसून में क्यों बढ़ता है सांप कीड़ों का खतरा -
Yogini Ekadashi 2026: कब रखा जाएगा योगिनी एकादशी का व्रत? इस दिन भूलकर भी न करें ये 5 काम -
Varalakshmi Vrat 2026: सावन के आखिरी शुक्रवार को करें ये 5 उपाय, मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन-दौलत -
पंजाब की पहली महिला ड्राइवर और पायलट थीं शेफ विकास खन्ना की मां बिंदु खन्ना, राजीव गांधी के साथ ली थी ट्रेनिंग -
बारिश के मौसम में भूलकर भी फ्रिज में न रखें ये 5 फल, सेहत को हो सकता है नुकसान -
Sapne Me Aam Dekhna: सपने में आम दिखना शुभ या अशुभ? जानें इसका मतलब -
अब WhatsApp पर ही आसानी से बनवा सकते हैं आयुष्मान कार्ड, जानें स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस -
Birthday Special: पड़ोसन को घर से भगा ले गए थे सौरव गांगुली, फिर दोबारा करनी पड़ी थी शादी
Guru Gobind Singh Ji Jayanti: गुरु गोबिंद सिंह जी के इन विचारों ने मानवता के उद्धार में निभायी है अहम भूमिका
Guru Gobind Singh Ji Ke Anmol Vichar: सिख धर्म के दसवें गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पौष माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को मनाई जाती है। इतिहासकारों की मानें तो 22 दिसम्बर 1666 को गुरु गोबिंद सिंह जी का जन्म बिहार के पटना में हुआ। उनके पिता गुरु तेग बहादुर जी थे।
बैसाखी के दिन वर्ष 1699 में उन्होंने खालसा पंथ की स्थापना की। खालसा पंथ की रक्षा के लिए उन्होंने मुगलों से कई युद्ध किये। उन्होंने खालसा वाणी - "वाहेगुरु जी का खालसा, वाहेगुरु जी की फतह" दी। उनके विचारों ने न केवल सिख पंथ में बल्कि मानवता के उद्धार में अहम् भूमिका निभाई। इस वर्ष 17 जनवरी को गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती मनाई जाएगी। पेश हैं उनके द्वारा कहे गए कुछ बेहतरीन मानवता को प्रेरणा देने वाले विचार -

1. हमें महान सुख और स्थायी शांति तभी प्राप्त हो सकती है जब हम अपने भीतर से स्वार्थ को समाप्त कर देते हैं।
-गुरु गोबिंद सिंह जी
2. परदेसी, लोरवान, दु:खी, अपंग, मानुख दि यथाशक्त सेवा करनी (अर्थ- विदेशी, दुखी, विकलांग और जरूरतमंद की मदद जरूर करनी चाहिए।)
-गुरु गोबिंद सिंह जी
3. अगर आप केवल अपने भविष्य के ही विषय में सोचते रहें तो आप अपने वर्तमान को भी खो देंगे।
-गुरु गोबिंद सिंह जी

4. धरम दी किरत करनी (अर्थ- अपनी जीविका ईमानदारीपूर्वक काम करते हुए चलाएं।)
-गुरु गोबिंद सिंह जी
5. किसी दि निंदा, चुगली, अतै इर्खा नै करना (अर्थ- किसी की चुगली व निंदा नहीं करनी चाहिए। किसी से ईर्ष्या करने के बजाय मेहनत करें।)
-गुरु गोबिंद सिंह जी
6. अच्छे कर्मों से ही आप ईश्वर को पा सकते हैं। अच्छे कर्म करने वालों की ही ईश्वर मदद करता है।
-गुरु गोबिंद सिंह जी

7. सत्कर्म कर्म के द्वारा, तुम्हे सच्चा गुरु मिलेगा और उसके बाद प्रिय भगवान मिलेंगे, उनकी मधुर इच्छा से, तुम्हें उनकी दया का आशीर्वाद प्राप्त होगा।
-गुरु गोबिंद सिंह जी
8. असहायों पर अपनी तलवार चलाने के लिए उतावले मत हो, अन्यथा विधाता तुम्हारा खून बहाएगा।
-गुरु गोबिंद सिंह जी
9. स्वार्थ की भावना ही बुरे कर्मों के जन्म का कारण बनता है।
-गुरु गोबिंद सिंह जी
10. जो लोग भगवान के नाम का सिमरन करते हैं, वे ही जीवन में सुख-शांति पाते हैं।
-गुरु गोबिंद सिंह जी
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications