Latest Updates
-
सेहत के लिए वरदान से कम नहीं है कालमेघ, जानें इसके लाभ और सही सेवन तरीका -
बिना तेल का आम का अचार: स्वाद में लाजवाब और वजन घटाने लिए परफेक्ट, सालों-साल नहीं होगा खराब -
तलाक के बाद घर लौटी बेटी तो पिता ने ढोल-नगाड़ों से किया स्वागत, बांटीं मिठाइयां, दिल जीत लेगा Video -
2055 तक मंगल पर होंगे घर, लैब में बनेंगे अंग! बाबा वेंगा की 5 भविष्यवाणियों ने लोगों को चौंकाया -
प्रेग्नेंसी में बैंगन खाना चाहिए या नहीं? जानिए इसके फायदे और नुकसान -
क्या डायबिटीज के मरीज खा सकते हैं आम? जानें खाने का सही तरीका और समय जिससे न बढ़े शूगर लेवल -
Shani Nakshatra Gochar 2026: 17 अप्रैल से शनि देव की बदलेगी चाल, इन 4 राशि वालों को रहना होगा सावधान -
रणदीप हुड्डा ने दिखाई बेटी की पहली झलक, नाम भी किया रिवील, बेहद खास है मतलब -
Kalashtami 2026: बुरी नजर और बाधाओं से मुक्ति के लिए कालाष्टमी पर करें ये 5 सरल उपाय -
Kalashtami Upay: शिवजी के अंश काल भैरव को प्रसन्न करने के 3 महाउपाय, चमकेगी सोई हुई किस्मत
Hanuman Jayanti 2026: हनुमान जयंती कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, धार्मिक महत्व और पूजा विधि
Hanuman Jayanti 2026 Date: हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती का पर्व मनाया जाता है। यह दिन बजरंगबली के भक्तों के लिए बेहद खास होता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान हनुमान का जन्म हुआ था। यही वजह है कि इसे हनुमान जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भक्त बड़ी श्रद्धा और भक्ति भाव से हनुमान जी की पूजा-अर्चना करते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और मंदिर ने दर्शन के लिए जाते हैं। इस शुभ मौके पर देशभर के हनुमान मंदिरों में भजन-कीर्तन, भंडारे और पूजा-पाठ का भव्य आयोजन किया जाता है। माना जाता है कि इस दिन सच्चे मन से हनुमान जी की पूजा करने से सभी भय, कष्ट और नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। साथ ही, जीवन में साहस, सकारात्मकता और सुख-समृद्धि आती है। तो आइए, जानते हैं साल 2026 में हनुमान जयंती कब मनाई जाएगी?

हनुमान जयंती 2026 कब है?
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल चैत्र पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 1 अप्रैल को सुबह 7 बजकर 06 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 2 अप्रैल 2026 को सुबह 7 बजकर 41 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, हनुमान जन्मोत्सव 2 अप्रैल 2026 को मनाया जाएगा।
हनुमान जयंती 2026 शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त - सुबह 04 बजकर 38 मिनट से 05 बजकर 24 मिनट तक
अभिजित मुहूर्त - दोपहर 12 बजे से 12 बजकर 50 मिनट तक
विजय मुहूर्त - दोपहर 02 बजकर 30 बजे से 03 बजकर 20 मिनट तक
अमृत काल - सुबह 11 बजकर 18 बजे से दोपहर 12 बजकर 59 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त - शाम 06 बजकर 38 बजे से 07 बजकर 01 मिनट तक
सायाह्न सन्ध्या -शाम 06 बजकर 39बजे से 07 बजकर 48 मिनट तक
हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व
हनुमान जयंती को भगवान हनुमान के जन्मोत्सव के रूप में बड़ी श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाता है। यह दिन शक्ति, बुद्धि, साहस और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी भगवान शिव के रुद्रांश है। मान्यता है कि हनुमान जयंती पर पूजा और उपवास करने से सभी संकट, शत्रु, बाधाएं और भय दूर होते हैं। साथ ही, जीवन में साहस, शक्ति और आत्मविश्वास का संचार होता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन हनुमान चालीसा और सुंदर कांड का पाठ करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और जीवन में सुख-शांति, स्वास्थ्य और सफलता का आशीर्वाद मिलता है।
हनुमान जयंती पूजा विधि
हनुमान जयंती के दिन सुबह जल्दी उठें और स्नान करके साफ लाल वस्त्र धारण करें।
फिर पूजा स्थल को साफ करें और एक लकड़ी की चौकी पर लाल रंग का साफ वस्त्र बिछाएं।
अब इस पर हनुमान जी की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
इसके बाद हनुमान जी को पंचामृत और शुद्ध जल से अभिषेक करें और लाल वस्त्र अर्पित करें।
धूप-दीप जलाकर सिंदूर, चमेली का तेल, चंदन, लाल फूल, अक्षत, पान का बीड़ा और तुलसी अर्पित करें।
हनुमान जी को गुड़-चना, बूंदी या बेसन के लड्डू का भोग लगाएं।
इस दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करना शुभ माना जाता है।
अंत में आरती करें और सभी में प्रसाद बांट दें।



Click it and Unblock the Notifications











