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Hartalika Teej Puja Samagri: नजदीक है हरतालिका तीज की डेट, हड़बड़ाहट से बचने के लिए अभी से जुटा लें पूजा सामग्री
Hartalika Teej Puja Samagri: सुहागनों द्वारा रखा जाने वाला ख़ास व्रत हरतालिका तीज अब बस कुछ ही दिन दूर है। हिन्दू पंचांग के अनुसार एक साल में तीन तीन तरह की तीज आती हैं- हरियाली तीज, कजरी तीज और हरतालिका तीज।
हरतालिका तीज भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष यह तीज 18 सितम्बर को मनाई जायेगी। इस दिन मां गौरी और महादेव शिव और भगवान गणेश की पूजा की जाती है और सोलह शृंगार की सभी चीज़ें मां पार्वती को चढ़ाई जाती है। जानते हैं हरतालिका तीज पूजा के लिए ज़रूरत में आने वाली सभी सामग्रियां -

मां पार्वती के लिए सोलह श्रृंगार की सामग्री
मेहंदी, चूड़ी, बिछिया, काजल, पायल, बिंदी, कुमकुम, सिंदूर, कंघी, माहौर, सुहाग पुड़ा, शीशा आदि।
पूजा के लिए पंचामृत
घी, दही, शक्कर, दूध और शहद से पंचामृत बनाएं।
आवश्यक पूजन सामग्री
गीली काली मिट्टी या बालू रेत, पंचामृत, आंक का फूल, तुलसी, नाड़ा, वस्त्र (मां पार्वती के लिए हरे रंग की साड़ी और चूड़ियां ), विभिन्न प्रकार के फल-फूल, भोग के लिए मिठाई, कलश (मिट्टी या पीतल), कुमकुम, कपूर, दीपक, पान, सुपारी, बताशा।
गीली कलाई मिटटी या बालू रेट से इस दिन मां पार्वती और भगवान शिव की अस्थाई मूर्तियाँ बनाई जाती है। ध्यान रहें कि हरतालिका तीज पूजन की शुरुआत भगवान गणेश की पूजा से की जानी चाहिए और उसके बाद प्रदोष काल में शिव-गौरी का पूजन करना चाहिए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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