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Jitiya Vrat 2025 FAQ: जितिया व्रत में सिंदूर लगा सकते हैं या बाल धो सकते हैं? जानें ऐसे सभी सवालों के जवाब
Jitiya Vrat 2025 FAQ : अश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को जितिया व्रत रखा जाता है। इसे जीवित्पुत्रिका व्रत भी कहा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से माताओं द्वारा अपने पुत्रों की लंबी उम्र, स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और सुरक्षा के लिए किया जाता है।
जितिया व्रत का महत्व इतना अधिक है कि इसे अत्यंत कड़े नियमों के साथ पालन किया जाता है। यहां हम विस्तार से जानेंगे कि इस व्रत में व्रती महिलाओं को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए।

1. जितिया व्रत में बाल धोना चाहिए या नहीं?
जितिया व्रत के दिन बाल धोना शुभ नहीं माना जाता। विशेषकर निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए यह और भी महत्वपूर्ण है। व्रत से पहले नहाय-खाय के दिन स्नान कर खुद को शुद्ध करना चाहिए। इसके बाद व्रत समाप्त होने तक बाल धोने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस दिन बाल धोने से व्रत का उल्लंघन होता है और इससे व्रत का पुण्य कम हो सकता है।
2. जितिया के दिन सिंदूर लगाना चाहिए या नहीं?
जितिया व्रत के दिन सिंदूर अवश्य लगाना चाहिए। यह व्रत माताओं के लिए अपने पुत्र की लंबी उम्र और सुरक्षा का प्रतीक होता है। विवाहित स्त्रियों का सिंदूर उनके सौभाग्य का चिन्ह होता है, इसलिए इस दिन सिंदूर लगाने से व्रत का महत्व और भी बढ़ जाता है। यह पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शुभ माना जाता है।
3. जितिया व्रत में बालों में कंघी कर सकते हैं?
जितिया व्रत अत्यंत कठोर और तपस्वी व्रत है। इस दिन व्रती महिलाओं को शारीरिक और मानसिक संयम बनाए रखना होता है। धार्मिक दृष्टिकोण से, इस दिन शरीर की सजावट, जैसे कि बालों में कंघी करना, श्रृंगार करना या अत्यधिक साज-सज्जा करना वर्जित है। इसका उद्देश्य व्रती का ध्यान पूजा, संकल्प और संयम पर केंद्रित रखना है। इसलिए जितिया व्रत के दिन बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए।
4. जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं?
जितिया व्रत का सबसे महत्वपूर्ण नियम है सख्त निर्जला व्रत रखना। इसका अर्थ है कि व्रत की शुरुआत से लेकर समाप्ति तक भोजन और पानी का सेवन वर्जित होता है। यहां तक कि एक घूंट पानी भी व्रत का उल्लंघन माना जाता है। निर्जला व्रत का पालन करने से व्रत का पुण्य अधिक माना जाता है और यह पुत्र की लंबी उम्र और स्वास्थ्य के लिए विशेष लाभकारी होता है।
5. जितिया व्रत में क्या खाया-पीया जा सकता है?
यदि कोई व्रती महिला निर्जला व्रत नहीं रख पा रही है, तो उसे हल्का फलाहार या फल व शुद्ध पानी का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। परंपरागत रूप से जितिया व्रत में कोई भोजन नहीं किया जाता। व्रती महिला पूरी तरह संयमित रहती है और अपने पुत्र की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए इस कठिन व्रत को करती है।
6. जितिया व्रत के दौरान अन्य सावधानियां
- व्रत के दिन झूठ बोलना, गाली-गलौज करना, गुस्सा करना या किसी से विवाद करना वर्जित है।
- पूजा के समय पूरी श्रद्धा और ध्यान के साथ माता के प्रति भक्ति भाव रखना चाहिए।
- इस दिन महिलाओं को घर के काम-काज में अत्यधिक थकावट नहीं करनी चाहिए।
- व्रत के दौरान मंत्रोच्चारण और कथा-पाठ करना शुभ माना जाता है।



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