Kamada Ekadashi 2023: चैत्र माह में आने वाली कामदा एकादशी व्रत से मिलते हैं अनगिनत लाभ, नोट करें मुहूर्त-विधि

हिन्दू धर्म में एकादशी तिथि की बहुत अधिक महत्ता बताई गयी है। एक माह में दो एकादशी तिथि पड़ती है और पूरे साल में कुल 24 एकादशी आती हैं।

हर एकादशी की अपनी विशेष महत्ता है और सभी एकादशियों को अलग अलग नामों से जाना जाता है। एकादशी व्रत भगवान विष्णु को समर्पित हैं।

Kamada Ekadashi 2023 Kab Hai: Date, Puja Muhurat, Paran Timing, Importance, Puja Vidhi in Hindi

पंचांग के अनुसार, चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को कामदा एकादशी का व्रत रखने का विधान है। जानते हैं चैत्र माह में पड़ने वाली कामदा एकादशी की तिथि, पूजा विधि, मुहूर्त व पारण के समय के बारे में।

कामदा एकादशी 2023 कब है?

साल 2023 में कामदा एकादशी का व्रत 1 अप्रैल, शनिवार के दिन रखा जाएगा। इस दिन श्रीहरि विष्णु के लिए उपवास रखा जाता है और पूरे विधि-विधान से उनका पूजन किया जाता है।

कामदा एकादशी 2023 का शुभ मुहूर्त

चैत्र महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि का शुभारंभ 01 अप्रैल 2023 को प्रात: 01 बजकर 58 मिनट पर होगा और इसका समापन अगले दिन यानि 2 अप्रैल को सुबह 04 बजकर 19 मिनट पर होगा।

पूजा के लिए शुभ मुहूर्त - 1 अप्रैल 2023 को सुबह 07 बजकर 45 मिनट से 09 बजकर 18 मिनट तक

Kamada Ekadashi 2023 Kab Hai: Date, Puja Muhurat, Paran Timing, Importance, Puja Vidhi in Hindi

कामदा एकादशी 2023 व्रत पारण का समय

एकादशी तिथि के दिन उपवास रखने के पश्चात् अगले दिन किया जाता है। कामदा एकादशी का व्रत पारण 2 अप्रैल 2023 को दोपहर 01 बजकर 40 मिनट से दोपहर 04 बजकर 10 मिनट तक किया जाएगा।

कामदा एकादशी व्रत का लाभ

वैसे तो साल की सभी एकादशी तिथि को महत्वूर्ण माना गया है। मगर कामदा एकादशी की महत्ता काफी अधिक है। चैत्र माह के शुक्ल पक्ष में पड़ने वाली यह एकादशी हिंदू कैलेंडर की पहली एकादशी तिथि है।

हिंदू धर्म में किसी ब्राह्मण की हत्या को भयंकर और महापाप कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि कामदा एकादशी का व्रत करने से ब्राह्मण हत्या के पाप से भी मुक्ति मिल जाती है। इस दिन जातक को सच्चे मन से भगवान विष्णु की आराधना करनी चाहिए। मन में किसी तरह का छल कपट नहीं लाना चाहिए। श्री हरी के आशीर्वाद से जीवन के कष्टों से मुक्ति मिलती है।

Kamada Ekadashi 2023 Kab Hai: Date, Puja Muhurat, Paran Timing, Importance, Puja Vidhi in Hindi

कामदा एकादशी की पूजा विधि

एकादशी के दिन जातक को ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान कर लेना चाहिए। इसके बाद व्रत का संकल्प लेकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद भगवान विष्णु की मूर्ति को पूजा स्थल पर स्थापित करें। मूर्ति पर चन्दन का लेप लगायें। अब मूर्ति के सामने रोली, पुष्प, अक्षत, तुलसी, धुप और दिया जलाकर रखें। इसके बाद विष्णु पूजा प्रारम्भ करें। विष्णु सहस्त्रनाम और नारायण स्त्रोत का पाठ करें एवं अंत में व्रत कथा पढ़ या सुन कर भगवान की आरती करें। पूरे दिन व्रत का पालन करके रात में जागरण कर भगवान का भजन और ध्यान करना शुभ माना जाता है। अगले दिन व्रत पारण के मुहूर्त के वक्त पूजा के बाद व्रत का समापन करें। अपने सामर्थ्य के अनुसार जरूरतमंदों की मदद करें।

नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Story first published: Sunday, March 26, 2023, 8:00 [IST]
Desktop Bottom Promotion