Latest Updates
-
फेमस शेफ पंकज भदौरिया को हुआ ब्रेस्ट कैंसर: क्या पुरुषों को भी हो सकती है यह बीमारी? जानें लक्षण और बचाव -
Jackfruit Side Effects: इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए कटहल, वरना शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर -
Amritsar Style Pindi Chole Recipe: घर पर बनाएं ढाबे जैसा चटपटा स्वाद -
Rule Change 1st June 2026: 1 जून से आम आदमी को बड़ा झटका! जानिए क्या होगा महंगा और क्या सस्ता -
Bakrid Mubarak Wishes for Saas-Sasur: बकरीद पर अपने सास-ससुर को भेजें दिल छू लेने वाले मुबारकबाद संदेश -
Desert Style Ker Sangri Recipe: राजस्थान का पारंपरिक और चटपटा स्वाद अब घर पर पाएं -
Eid Mubarak Wishes For love: ऐ चांद, तू उनको मेरा पैगाम देना...बकरीद पर पार्टनर को भेजें ये 25+ रोमांटिक मैसेज -
Aaj Ka Rashifal 28 May 2026: गुरुवार को इन राशियों पर होगी धन वर्षा, जानें मेष से मीन तक का भाग्यफल -
Bakrid 2026: बकरीद की नमाज कैसे पढ़ें? जानें नियत, तकबीरें और पुरुषों-औरतों के लिए सही तरीका -
Bakrid Mubarak Wishes 2026: रब की रहमत आप पर बरसती रहे...बकरीद पर अपनों को भेजें 50+ दिल छू लेने वाले संदेश
Kamika Ekadashi 2023: वो व्रत जिसे ब्रह्मा ने भी रखा था, जानिये क्या है कामिका एकादशी का महत्व
Kamika Ekadashi 2023: श्रावण मास के शुक्ल पक्ष में आती है एक विशेष एकादशी जिसे कामिका एकादशी कहते हैं। साल में पड़ने वाले 24 एकादशी का अपना महत्व है लेकिन कामिका एकादशी बहुत विशेष है।
इस व्रत का महत्व इतना ज्यादा है कि इसे ब्रह्माण्ड रचने वाले ब्रह्मा ने भी रखा था। आइये जानते हैं साल 2023 में कामिका एकादशी कब पड़ रही है और इसका दिन का महत्व क्या है?

कामिका एकादशी 2023 कब है? (Kamika Ekadashi 2023 Date Muhurat)
इस साल यानी 2023 में जुलाई माह में श्रावण का महीना पड़ रहा है। श्रावण माह के शुक्ल पक्ष में 13 जुलाई दिन गुरुवार को कामिका एकादशी है। 12 जुलाई को शाम 5 बजकर 59 मिनट से एकादशी का मुहूर्त प्रारंभ होगा और 13 जुलाई को शाम 6 बजकर 24 मिनट पर मुहूर्त संपन्न होगा। उदया तिथि को मानते हुए व्रत 13 जुलाई को रखा जायेगा। इसके बाद 14 जुलाई को पारण किया जायेगा।
कामिका एकादशी 2023 व्रत पारण का समय (Kamika Ekadashi 2023 Vrat Parana Timing)
कामिका एकादशी व्रत पारण का शुभ समय 14 जुलाई 2023 को सुबह 05 बजकर 32 मिनट से सुबह 08 बजकर 18 मिनट तक रहेगा।
कामिका एकादशी का महत्व (Kamika Ekadashi Importance)
कामिका एकादशी का एक फल तो ये मिलता ही है कि विष्णु की पूजा अर्चना करने से विष्णु और साथ में लक्ष्मी जी की भी कृपा बरसती है। दूसरा सबसे महत्वपूर्ण फल ये मिलता है कि एकादशी की रात में दिया जला कर विष्णुजी की भक्ति की जाए तो ऐसा कहा जाता है कि पूजा करने वाले के पूर्वज बहुत प्रसन्न होते हैं। उन्हें अमृत पीने जैसा लाभ मिलता है।

पुराणों के अनुसार स्वयं ब्रह्मा ने कहा है कि जो भी कामिका एकादशी का व्रत करता है उसके सारे पापों का नाश हो जाता है और साथ ही मृत्यु के उपरान्त उसे विष्णुलोक में जगह मिलती है।
कामिका एकादशी के दिन करें इन नियमों का पालन (Kamika Ekadashi Rules)
इस व्रत के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन अवश्यक है। तामसिक भोजन जैसे की लहसुन प्याज आदि का सेवन भी वर्जित होता है। पूजा के दौरान ॐ भगवते वासुदेवाय नमः का जाप करने से बहुत पुण्य मिलता है। इस दिन चित्त को शांत रखें। किसी से झगड़ा न करें। शाम में सोना भी वर्जित है। एकादशी के दिन जितना हो सके विष्णु का ध्यान करें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications