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Karwa Chauth Katha Timing: इस मुहूर्त में सुनें करवा चौथ की कथा, व्रत का मिलेगा शुभ व पूर्ण फल
Karwa Chauth Katha Timing: सुहागिनों के लिए सबसे महत्वपूर्ण और पवित्र पर्व है करवा चौथ। इस व्रत को करने से पति की उम्र लम्बी होती है और साथ में सुख और समृद्धि का भी घर में आगमन होता है। करवाचौथ के दिन व्रत करने और पूजा करने में सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है करवा चौथ की कथा का श्रवण।
इस कथा को सुनने से यमराज भी प्रसन्न होते हैं। लेकिन इस कथा को कभी भी नहीं सुनना चाहिए बल्कि इसका एक विशेष मुहूर्त होता है। आइये जानते हैं क्या है वो शुभ मुहूर्त और साथ में जानेंगे करवा चौथ की कथा।

करवा चौथ की कथा
हिन्दू मान्यता के अनुसार करवा नाम की एक सुहागिन महिला थी। ये बहुत पतिव्रता थी और पतिव्रता स्त्री में सतीत्व की शक्ति आ जाती है। एक दिन करवा का पति नदी में स्नान करने गया तभी मगरमच्छ ने उसके ऊपर हमला कर दिया। जब करवा ने देखा की पति के प्राण संकट में हैं तो उसने यमराज से विनती की कि उसके पति के प्राण छोड़ दे। यमराज ने ऐसा करने से मना कर दिया। फिर करवा ने यमराज को कहा कि अगर उन्होंने मगरमच्छ को मृत्युदंड देकर उसके पति के प्राण नहीं छोड़े तो वो यमराज को श्राप दे देगी। यमराज के साथ खड़े चित्रगुप्त ने कहा कि करवा पतिव्रता है और उसका श्राप का असर हो जायेगा। इस पर यमराज ने मगरमच्छ को यमलोक भेज दिया और पति के प्राण छोड़ दिए। करवा की पतिव्रता देखकर यमराज ने उसको वरदान भी दिया कि जो महिला कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को व्रत रखेंगी उनके सुहाग की रक्षा की जाएगी। तभी से करवा चौथ का व्रत शुरू हो गया।
विशेष मुहूर्त में सुने कथा
कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को करवा चौथ की कथा सुनने के लिए पंचांग देख कर पता कर लें की अभिजीत मुहूर्त कब से कब है। इसी मुहूर्त में कथा का श्रवण करें। 2023 में करवाचौथ का व्रत 1 नवम्बर को मनाया जायेगा। इस दिन अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 45 मिनट तक है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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