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Karwa Chauth Udyapan Vidhi: सही उद्यापन के बिना व्रत है अधूरा, जानें करवा चौथ व्रत की उद्यापन विधि
Karwa Chauth Vrat Udyapan Vidhi: करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला हिन्दू संस्कृति का एक महत्वपूर्ण व्रत है। हिन्दू पंचांग के अनुसार यह उपवास कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है।
करवा चौथ के दिन महिलाएं अपने जीवनसाथी की दीर्घायु और अच्छे स्वास्थ्य की कामना के साथ यह व्रत रखती हैं। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले सरगी खाती हैं और फिर पूरे दिन निर्जला व्रत का पालन करती हैं। इसके बाद चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोला जाता है।

इस व्रत को पूरे विधि विधान से पालन किया जाता है और व्रत का पारण भी पूरी विधि से किया जाना चाहिए। जानते हैं करवा चौथ व्रत के उद्यापन की विधि विस्तार से -
साल 2023 में कब होगा करवाचौथ व्रत का पारण?
इस वर्ष 1 नवंबर को करवाचौथ का व्रत रखा जाएगा। पूरे दिन निर्जला उपवास का पालन करके उसी दिन चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत को तोड़ा जाता है। इसलिए 1 नवंबर को चंद्रोदय के बाद ही उपवास खोला जाता है।
करवा चौथ उद्यापन विधि

करवा चौथ के दिन व्रत खोलने से पहले सबसे पहले भगवान गणेश को भोग लगाएं। चन्द्रमा को देखकर अपने पति के साथ जल पीकर व्रत को खोलें। इसके बाद करवा चौथ व्रत के उद्यापन के लिए 13-15 स्त्रियों को एक साथ एकत्रित किया जाता है। इसके बाद उन्हें सुहाग की सामग्री दी जाती है। इसके बाद उनके साथ बैठकर भोजन किया जाता है। उनको एक एक करवा देकर उनके पैर छुएं और अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद ले। और उन्हें सम्मान के साथ विदा दें।
करवा चौथ की थाली
करवा चौथ व्रत के उद्यापन में सबसे पहले एक थाली में 5-5 पूड़ी और हलवा 13 जगह रखें। इसके बाद उस पर रोली, अक्षत और चंदन लगाएं। अब उस थाली को भगवान गणेश और माता पार्वती को भोग के रूप में अर्पित करें। इसके बाद आमंत्रित महिलाओं को प्रसाद के रूप में पूरी और हलवा खिलाएं। इसके साथ ही दूसरी थाली में सुहाग का सामान काजल, बिंदिया, मेहंदी, चूड़ी समेत सुहाग की सामग्री रखकर अपनी सास के समक्ष रखकर उनसे आशीर्वाद लें।
यह सुहाग की थाली अपनी सास को भेंट में दें। यदि घर में सास नहीं है तो किसी वृद्ध महिला को ये दें या घर की किसी बड़ी उम्र की स्त्री को दें।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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