Latest Updates
-
World Lung Cancer Day 2026: स्मोकिंग न करने वालों को भी हो सकता है लंग कैंसर, जानें इसके कारण, लक्षण और बचाव -
August 2026 Vrat Tyohar: सावन शिवरात्रि से लेकर रक्षाबंधन तक, देखें अगस्त में आने वाले व्रत-त्योहारों की लिस्ट -
कर्नाटक में 18-25 साल के 7 हजार से ज्यादा छात्र HIV पॉजिटिव, अब सभी कॉलेजों में टेस्टिंग होगी अनिवार्य -
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग की पूजा के दौरान भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां, नाराज हो सकते हैं भगवान शिव -
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर करिश्मा तन्ना के घर गूंजी किलकारी, इस शुभ दिन जन्मे बच्चों के लिए चुनें ये खास नाम -
30 जुलाई या 2 अगस्त, फ्रेंडशिप डे कब है? जानें International Friendship Day और Friendship Day में फर्क -
Happy Sawan 2026 Wishes: ...इन संदेशों के जरिए अपने प्रियजनों को दें सावन की शुभकामनाएं -
कांवड़ यात्रा की शुरुआत कैसे हुई? जानिए कौन था पहला कांवड़िया, जिसने सबसे पहले चढ़ाया था शिवलिंग पर जल -
कलौंजी के तेल से बनाएं बालों को लंबा और घना, जानें इसे घर पर बनाने का तरीका -
देव आनंद के बेटे सुनील आनंद का हार्ट अटैक से निधन, जिस अस्पताल में पिता ने ली थी अंतिम सांस वहीं तोड़ा दम
Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर भद्रा का साया, इन शुभ मुर्हूत पर करें भोलेनाथ की पूजा
Mahashivratri 2025 Auspicious Timings and Tithi : महाशिवरात्रि का पर्व भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। इस दिन शिव-पार्वती की पूजा करने से सभी कष्टों का निवारण होता है। विवाहित और अविवाहित महिलाएं सुखद वैवाहिक जीवन की कामना से व्रत रखती हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी, क्योंकि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी तिथि इसी दिन उदया तिथि में होगी।
यह तिथि 26 फरवरी को सुबह 11:08 बजे से 27 फरवरी को सुबह 08:54 बजे तक रहेगी। हालांकि, इस बार भद्रा का साया रहेगा, इसलिए पूजा के शुभ मुहूर्त को ध्यान में रखना आवश्यक होगा।

महाशिवरात्रि पर भद्रा काल का समय
महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन प्रातः 11:08 से रात्रि 10:05 तक भद्रा का साया रहेगा। हालांकि, शास्त्रों के अनुसार शिव स्वयं महाकाल हैं, इसलिए भद्रा उनकी पूजा में बाधक नहीं होती। भक्त पूरे दिन भोलेनाथ की पूजा कर सकते हैं और महादेव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं।
महाशिवरात्रि पूजा का शुभ योग
महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025 को श्रवण नक्षत्र रहेगा, जो शाम 5:08 बजे तक प्रभावी रहेगा। इस दौरान परिध योग का शुभ संयोग भी बनेगा, जिससे इस दिन की महत्ता और बढ़ जाएगी। यह योग पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
चार प्रहर की पूजा
महाशिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा का विशेष महत्व होता है।
- 26 फरवरी 2025 को पहला प्रहर शाम 06:29 से रात 09:34 तक रहेगा।
- दूसरा प्रहर रात 09:34 से 27 फरवरी की सुबह 12:39 तक होगा।
- तीसरा प्रहर 27 फरवरी को रात 12:39 से सुबह 03:45 तक रहेगा।
- चौथा और अंतिम प्रहर सुबह 03:45 से 06:50 तक रहेगा।
भक्त अपनी श्रद्धा अनुसार इन चारों प्रहरों में भगवान शिव की पूजा कर सकते हैं। यह समय विशेष रूप से शिव आराधना, मंत्र जाप और अभिषेक के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।
निशिता काल पूजा का मुहूर्त
महाशिवरात्रि पर निशिता काल में भगवान शिव की पूजा करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है। 26 फरवरी 2025 को निशिता काल पूजा का मुहूर्त मध्यरात्रि 12:09 बजे से 12:59 बजे तक रहेगा। इस शुभ काल की कुल अवधि 50 मिनट होगी। भक्त इस समय में विशेष रूप से शिवलिंग का जल, दूध, बेलपत्र और धतूरा से अभिषेक कर सकते हैं। निशिता काल में की गई पूजा से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।



Click it and Unblock the Notifications