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Navratri Kalash Nariyal Ka Kya Kare: नौ दिन की पूजा के बाद कलश में रखें नारियल का क्या करें?
Navratri Kalash Nariyal Ka Kya Kare: मां दुर्गा की उपासना का पर्व शारदीय नवरात्रि अब अपने अंतिम चरणों में हैं। 15 अक्टूबर से शुरू हुई नवरात्रि 23 अक्टूबर को खत्म होगी। नवरात्रि के नौ दिन मां अम्बे के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है।
नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के समक्ष कलश स्थापना की जाती है। कलश के ऊपर शुभता का प्रतीक नारियल को रखा जाता है। नारियल और कलश स्थापना के साथ ही नवरात्रि की शुरुआत होती है। जानते हैं नौ दिन रखने के बाद उस नारियल को किस तरह प्रयोग में लाना चाहिए जिससे मां दुर्गा नाराज़ ना हो। जानते हैं आगे -

पूजा स्थल पर ही रखें
नवरात्री के दौरान पूजा स्थल में रखें कलश और नारियल की अच्छी देख रेख करनी चाहिए। कई लोग नवरात्रि खत्म होते ही गलत तरीके से कलश और नारियल हटा देते हैं। नारियल को लाल कपड़े में लपेटकर कुछ समय के लिए पूजा स्थल पर ही रखे रहना चाहिए।

प्रसाद के रूप में करें प्रयोग
नवरात्रि में स्थापित कलश और नारियल को सम्मान पूर्वक हटाना चाहिए। इसको तोड़कर प्रसाद के रूप में घर के सदस्यों और कन्याओं को वितरित करना चाहिए। इससे मां का आशीर्वाद स्वरुप वह प्रसाद सबको मिल सकता है।
प्रवाहित करें
नवरात्रि के समापन के बाद पूजा की सभी सामग्री को प्रवाहित भी किया जा सकता है। नारियल, चावल, फूलों आदि को किसी नदी या जल में प्रवाहित किया जाना चाहिए। प्लास्टिक की चीज़ों को प्रवाहित न करें। नारियल के छिलकों को भी जल में बहाया जा सकता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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