Latest Updates
-
Parshuram Jayanti 2026 Sanskrit Wishes: परशुराम जयंती पर इन संस्कृत श्लोकों व संदेशों से दें अपनों को बधाई -
कौन हैं जनाई भोंसले? जानें आशा भोसले की पोती और क्रिकेटर मोहम्मद सिराज का क्या है नाता? -
Amarnath Yatra Registration 2026: शुरू हुआ रजिस्ट्रेशन, घर बैठे कैसे करें आवेदन, क्या हैं जरूरी डॉक्यूमेट्स -
Akshaya Tritiya पर जन्म लेने वाले बच्चे होते हैं बेहद खास, क्या आप भी प्लान कर रहे हैं इस दिन डिलीवरी -
उत्तराखंड में 14 साल की लड़की ने दिया बच्चे को जन्म, जानें मां बनने के लिए क्या है सही उम्र -
गर्मियों में भूलकर भी न खाएं ये 5 फल, फायदे की जगह पहुंचा सकते हैं शरीर को भारी नुकसान -
Himachal Day 2026 Wishes In Pahadi: 'पहाड़ां री खुशबू, देओदारे री छां', अपनों को भेजें पहाड़ी शुभकामनाएं -
Pohela Boishakh 2026 Wishes: 'शुभो नबो बोर्शो' के साथ शुरू करें नया साल, अपनों को भेजें ये शानदार संदेश -
Himachal Day 2026 Wishes: हिमाचल है हमारा अभिमान...हिमाचल दिवस पर प्रियजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal, 15 April 2026: इन 4 राशियों की आज पलटने वाली है किस्मत, क्या आपकी राशि भी है शामिल?
Paush Purnima 2024: इस तिथि को है साल की पहली पूर्णिमा, नोट करें स्नान-दान व चंद्रोदय मुहूर्त
Paush Purnima 2024 Kab Hai: हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि की बहुत मान्यता है। पौष महीने की शुक्ल पक्ष की अंतिम तिथि को पौष पूर्णिमा कहा जाता है। पूर्णिमा तिथि का धार्मिक महत्व है। पूर्णिमा तिथि पर स्नान-ध्यान के साथ साथ दान का भी विशेष महत्ता होती है।
ऐसी मान्यता है कि इस दिन जो व्यक्ति गंगा नदी में स्नान कर लेता है उसे पापों से मुक्ति मिल जाती है। इस दिन चंद्रदेव के साथ माता लक्ष्मी की पूजा करने का भी विधान है। साल 2024 में पौष पूर्णिमा की तिथि को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। आइये जानते हैं 2024 की पहली पूर्णिमा यानी पौष पूर्णिमा कब है और शुभ मुहूर्त क्या है।

पौष पूर्णिमा 2024 कब है?
हिंदू पंचांग के के अनुसार 24 जनवरी 2024 की रात 9 बजकर 24 मिनट से पौष माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि शुरू हो रही है। अगले दिन यानी 25 जनवरी 2024 को रात 11 बजकर 23 मिनट पर इसका समापन होगा। उदया तिथि नियम का पालन करते हुए इस साल 25 जनवरी 2024 को पौष पूर्णिमा मनाई जाएगी।
पौष पूर्णिमा 2024 पर बन रहे है शुभ मुहूर्त
पौष पूर्णिमा के दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजाकर 12 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक है। साथ ही इस दिन पुनर्वसु नक्षत्र, रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और गुरु पुष्य योग का अद्भुत संयोग भी बन रहा है। जानकारों के मुताबिक इस शुभ योग में दान-पुण्य का कई गुना लाभ पाया जा सकता है।
पौष पूर्णिमा 2024 पर चंद्रोदय का समय

25 जनवरी को चंद्रोदय शाम करीब 5 बजकर 29 पर होगा। चंद्रमा को अर्घ्य इसी समय पर दिया जा सकता है। पूर्णिमा तिथि के दिन रात्रि समय में लक्ष्मी माता की पूजा करें। पूर्णिमा के दिन देवी लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है।
पौष पूर्णिमा का महत्व
पौष पूर्णिमा तिथि पर चंद्र देव के अलावा सूर्य देव को अर्घ्य दें और उनका पूजन करें। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक पौष महीना सूर्य देव का माह है। सूर्य देव की उपासना से न सिर्फ घर-समाज में मान-सम्मान मिलता है बल्कि मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। इस दिन पवित्र नदी में स्नान अवश्य करें। सूर्य देव की पूजा करें। साथ ही अपने सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद की सहायता करें। इस दिन तिल, गुड़, कंबल का दान करना चाहिए।
पौष पूर्णिमा के मौके पर देश के कई तीर्थ स्थानों पर स्नान और धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है। इस दिन से तीर्थराज प्रयाग में माघ मेले का शुभारंभ होता है। जानकारों के मुताबिक पौष पूर्णिमा पर ही माघ माह के स्नान का संकल्प लिया जाता है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











