Latest Updates
-
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद -
Sheetala Saptami 2026: कब है शीतला सप्तमी? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
Sheetala Saptami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद...इन संदेशों के साथ अपनों को दें शीतला सप्तमी की शुभकामना
Pitru Paksha 2023 Ashtami Tithi: अष्टमी श्राद्ध तिथि आज, यहां देखें पूजन का शुभ मुहूर्त
Pitru Paksha 2023 Ashtami Tithi: पितृ देवो भवः! हमारे पूर्वज भी देवता समान हैं। देवताओं की श्रेणी होती है और इन श्रेणी में पितृ भी शामिल हैं। पितृ पक्ष में पितृ लोक के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। पितृ अपनी सन्तानो को देखने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं। इस अवधि को पितृ पक्ष कहते हैं जो अभी 29 सितम्बर से शुरू हुआ और 14 अक्टूबर 2023 तक चलेगा।
पितृ पक्ष के दौरान पितृ लोक से पूर्वज अपने संतानों को देखने के लिए आते हैं। ये एक मौका होता है जब संतान अपने पितृ का सम्मान करके उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। इसके लिए जिस तिथि को पूर्वज की मृत्यु हुई हो उस तिथि को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान करना चाहिए।

अष्टमी तिथि पर किन लोगों का श्राद्ध किया जाता है?
अष्टमी तिथि को उन पितरों का श्राद्ध या तर्पण करते हैं जिनकी मृत्यु अष्टमी तिथि को हुई हो, चाहे वो शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि हो या अष्टमी पक्ष की। आइये जानते हैं सही मुहूर्त ताकि आप अष्टमी तिथि का श्राद्ध या तर्पण सही समय पर कर पाएं।
अष्टमी तिथि का मुहूर्त
अष्टमी तिथि शुक्रवार 6 अक्टूबर 2023 को है। इसमें कुतुप मुहूर्त 47 मिनट का है जो सुबह 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।
रौहिण मुहूर्त - 12:33 PM से 01:20 PM,
अपराहन काल - 01:20 PM से 03:41 PM
अष्टमी तिथि का प्रारंभ 6 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 34 मिनट से
सप्तमी तिथि का समापन 7 अक्टूबर 2023 को सुबह 8 बजकर 8 मिनट तक।
परिवारजनों को अपने पितरों का सम्मान करें। इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पितरों का श्राद्ध या तर्पण करें। इस दिन सादगी भरी जीवन शैली अपनानी चाहिए। तामसिक भोजन और नशीले पदार्थो से दूर रहें। दान दें। किसी का अपमान न करें और न ही अपशब्द कहें। भूल से भी किसी जिव जंतु को न सताये।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications











