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Pitru Paksha Me Nonveg: पितृ पक्ष में नॉनवेज खा सकते हैं या नहीं?
Pitru Paksha Me Non Veg Khana Chahiye: पितृ देवो भवः! हमारे पूर्वज भी देवता समान हैं। देवताओं की श्रेणी होती है और इन श्रेणी में पितृ भी शामिल हैं। पितृ पक्ष में पितृ लोक के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। पितृ अपनी सन्तानो को देखने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं। इस अवधि को पितृ पक्ष कहते हैं जो अभी 29 सितम्बर से शुरू हुआ और 14 अक्टूबर 2023 तक चलेगा।
पितृ पक्ष को लेकर कई तरह की बातें होती हैं, कि क्या किया जाए क्या नहीं किया जाए। ऐसे में दुविधा हो जाती है। एक ऐसी ही दुविधा है कि मांसाहार किया जाए या नहीं? कुछ लोग कहते हैं कि पूर्वज नॉन वेज खाते थे तो आपको भी पितृ पक्ष में नॉन वेज खाना चाहिए ताकि वो आपके पूर्वज तक पहुंचे। अब इस तर्क का पालन करें तो हो सकता है की पितृ को नशा करने की लत हो तो क्या उनकी संतानों को नशा करना चाहिए?

एक बात गौर करने वाली है कि पितृ पक्ष पितरों को सम्मान देने और उनकी आत्मा की शांति के लिए समर्पित समय है। पितृ अगर प्रसन्न नहीं हैं तो फिर पितृ दोष लगता है और इसकी वजह से संतान सुखी नहीं रह पाती है। इसलिए अगर पितृ दोष है या इससे बचना है तो पितृ पक्ष के दौरान गंभीरता से वो सारे कार्य करें जिससे पितृ का सम्मान हो और वैसा कोई कार्य ना करें जिससे पितृ का तिरस्कार हो। बाकी सब आपको सोच और श्रद्धा पर निर्भर करता है। शास्त्रों में साफ़ तौर पर किसी चीज की मनाही नहीं की गयी है।
पितृ भी देव समान होते हैं और देवताओं की पूजा करने से पहले इन पांच मामलो में स्वच्छ और सात्विक रहना बहुत जरुरी है। ये हैं

1. शरीरा (शरीर को नहलाना)
2. आहार (सात्विक भोजन)
3. मानस (मन)
4. वाक (भाषण)
5. कर्म
यहां गौर कीजिये की दूसरे नंबर पर सात्विक आहार की बात की गयी है। इसलिए अब ये आप निर्णय लें कि आप जो भी कर रहे हैं उसमें पितृ के लिए कितना सम्मान है। मांसाहार ना करें तो ज्यादा अच्छा है। वैसा कोई कार्य ना करें जिसको करने का लालच आपका खुद का हो लेकिन बहाना पूर्वज का बना रहे हों।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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