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Pitru Paksha 2023 Saptami Tithi: आज है सप्तमी श्राद्ध तिथि, यहां देखें पूजन का शुभ मुहूर्त
Pitru Paksha 2023 Saptami Tithi: पितृ देवो भवः! हमारे पूर्वज भी देवता समान हैं। देवताओं की श्रेणी होती है और इन श्रेणी में पितृ भी शामिल हैं। पितृ पक्ष में पितृ लोक के दरवाजे खोल दिए जाते हैं। पितृ अपनी सन्तानो को देखने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं। इस अवधि को पितृ पक्ष कहते हैं जो अभी 29 सितम्बर से शुरू हुआ और 14 अक्टूबर 2023 तक चलेगा।
पितृ पक्ष के दौरान पितृ लोक के दरवाजे खोल दिए जाते हैं ताकि पितृ अपने संतानों को देख सकें और उनसे मिल सकें। ये एक मौका होता है जब संतान अपने पितृ का सम्मान करके उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं। इसके लिए जिस तिथि को पूर्वज की मृत्यु हुई हो उस तिथि को श्राद्ध तर्पण और पिंडदान करना चाहिए।

सप्तमी तिथि पर किन लोगों का श्राद्ध किया जाता है?
सप्तमी तिथि को उन पितरों का श्राद्ध या तर्पण करते हैं जिनकी मृत्यु सप्तमी तिथि को हुई हो, चाहे वो शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि हो या सप्तमी पक्ष की। आइये जानते हैं सही मुहूर्त ताकि आप सप्तमी तिथि का श्राद्ध या तर्पण सही से कर पाएं।
सप्तमी तिथि का मुहूर्त
सप्तमी तिथि बृहस्पतिवार 5 अक्टूबर 2023 को है। इसमें कुतुप मुहूर्त 47 मिनट का है जो सुबह 11 बजकर 46 मिनट से दोपहर 12 बजकर 33 मिनट तक रहेगा।
रौहिण मुहूर्त - 12:33 PM से 01:20 PM,
अपराहन काल - 01:20 PM से 03:42 PM
सप्तमी तिथि का प्रारंभ 5 अक्टूबर को सुबह 5 बजकर 41 मिनट से
सप्तमी तिथि का समापन 5 अक्टूबर 2023 को सुबह 6 बजकर 34 मिनट तक।
परिवारजनों को अपने पितरों का सम्मान करें। इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके पितरों का श्राद्ध या तर्पण करें। इस दिन सादगी भरी जीवन शैली अपनानी चाहिए। तामसिक भोजन और नशीले पदार्थो से दूर रहें। दान दें। किसी का अपमान न करें और न ही अपशब्द कहें। भूल से भी किसी जिव जंतु को न सताये।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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