Latest Updates
-
Sawan 2026 Shivling Puja Vidhi: शिवलिंग पर सबसे पहले क्या चढ़ाना चाहिए? जानिए सावन में जलाभिषेक का सही तरीका -
Radhika Ambani Look: लंदन में Dior की सिंपल सी ड्रेस पहन छाईं राधिका अंबानी, लेकिन कीमत सुन उड़ जाएंगे आपके होश -
Sawan First Somwar 2026: सावन का पहला सोमवार आज, जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, विधि और व्रत के जरूरी नियम -
Happy Sawan Somwar 2026 Wishes: शिव का नाम...सावन के पहले सोमवार पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामनाए संदेश -
बारिश के मौसम में तेजी से बढ़ रहा है वायरल फीवर का खतरा, जानिए लक्षण और बचाव के उपाय -
Friendship Day Wishes For Best Friend: इन संदेशों के जरिए बेस्ट फ्रेंड को दें फ्रेंडशिप डे की बधाई -
Happy Friendship Day 2026 Wishes: तेरी मेरी यारी...इन संदेशों के साथ दोस्तों को दें फ्रेंडशिप डे की शुभकामनाएं -
आगरा की अवनी गुप्ता ने Miss Supranational 2026 में बढ़ाया भारत का मान, कॉर्पोरेट जॉब छोड़ बनाई टॉप 12 में जगह -
सावन में भूलकर भी न करें इन चीजों का सेवन, एक्सपर्ट से जानें सावन में क्या खाएं और क्या नहीं -
Sawan Somwar Vrat 2026: क्या पीरियड्स में सावन सोमवार का व्रत रखा जा सकता है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र
Ramadan Moon Sighting In India : सऊदी में नजर आ गया चांद, भारत में रोजे शुरु होने की कंफर्म डेट भी जान लें
Ramadan Moon Sighting In India : रमजान इस्लाम धर्म का सबसे पवित्र महीना माना जाता है। इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, यह नौवां महीना होता है और इसे इबादत, आत्मसंयम, और दान-पुण्य का समय माना जाता है। इस महीने की शुरुआत शाबान महीने की 29वीं रात को चांद नजर आने के बाद होती है। चांद दिखने के आधार पर ही रमजान का महीना 29 या 30 दिनों का होता है। इस पूरे महीने में मुस्लिम समुदाय के लोग रोजा रखते हैं और अल्लाह की इबादत में समय बिताते हैं।

रमजान 2025: भारत में पहला रोजा कब रखा जाएगा?
रमजान की सही तारीख चांद देखने के बाद ही तय की जाती है। सऊदी अरब में रमजान का चांद नजर आ चुका है, और वहां पहला रोजा 1 मार्च से शुरू हो चुका है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और अन्य दक्षिण एशियाई देशों में रमजान एक दिन बाद शुरू होगा। यानी, 1 मार्च की शाम को तरावीह की नमाज पढ़ी जाएगी, और 2 मार्च को पहला रोजा रखा जाएगा।
रोजे का आध्यात्मिक महत्व
रोजा इस्लाम धर्म के पांच मुख्य स्तंभों में से एक है। कुरान के अनुसार, हर स्वस्थ मुस्लिम के लिए रोजा रखना अनिवार्य बताया गया है। रोजा सिर्फ भूखा या प्यासा रहने का नाम नहीं है, बल्कि यह अल्लाह के प्रति भक्ति और समर्पण को दर्शाने का एक तरीका है।
हदीस में बताया गया है कि रमजान के दौरान रखा गया रोजा अल्लाह से पिछले गुनाहों को माफ करवाने का जरिया बनता है। इस महीने में किए गए अच्छे कर्मों का कई गुना ज्यादा पुण्य मिलता है। इसलिए मुसलमान इस महीने में ज्यादा से ज्यादा इबादत करते हैं, गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं, और दान-पुण्य में भाग लेते हैं।
रमजान में रोजे के नियम और अनुशासन
रोजा रखना सिर्फ खाने-पीने से परहेज करना नहीं है, बल्कि इसके साथ कुछ नियमों का पालन भी जरूरी होता है।
सच्चाई और संयम: झूठ बोलने, ग़लत बात करने या सुनने-देखने से बचना चाहिए।
नमाज और इबादत: कुरान का पाठ करना, अल्लाह की इबादत करना और नमाज अदा करना चाहिए।
गरीबों की मदद: जरूरतमंदों को खाना खिलाना और दान करना इस महीने का सबसे बड़ा पुण्य माना जाता है।
अच्छे कर्मों पर जोर: किसी को दुख नहीं पहुंचाना चाहिए और नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए।
इफ्तार और सहरी: रोजे की शुरुआत सहरी से होती है, जो फजर की नमाज से पहले खाई जाती है, और इसे सूर्यास्त के बाद इफ्तार से खोला जाता है।
ईद-उल-फितर 2025: कब होगी?
रमजान के 29 या 30 रोजों के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को ईद-उल-फितर मनाई जाती है। इस साल चांद देखने के आधार पर ईद-उल-फितर 31 मार्च 2025 को हो सकती है, लेकिन इसकी पुष्टि अंतिम चांद दिखने के बाद ही होगी।
रमजान का महीना सिर्फ उपवास का समय नहीं होता, बल्कि यह आत्मशुद्धि, परोपकार, और आध्यात्मिक उन्नति का अवसर होता है। यह महीना सभी को संयम, दया, और परस्पर प्रेम का संदेश देता है।



Click it and Unblock the Notifications