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Sawan 2023: क्या शिवलिंग पर चढ़ा जल पी सकते हैं? जानें शिव पुराण का नियम
Shivling Par Chadha Jal Pi Sakte Hai: महादेव के भक्त शिव की कृपा पाने के लिए शिवलिंग पर जल अवश्य चढ़ाते हैं। सावन के महीने में शिवलिंग पर जल चढ़ाने का विशेष महत्व बताया गया है।
ऐसी मान्यता है कि श्रावण मास में जो जातक सच्चे मन से शिवलिंग की पूजा करता है और जल चढ़ाता है, भगवान शिव उसकी मनोकामना जल्द पूरी करते हैं। सावन में शिवजी की पूजा करने से संकट दूर होता है।

शिवलिंग पर जल चढ़ाने को लेकर कुछ खास बातों का ध्यान रखा जाता है। वहीं कुछ लोगों में इस बात को लेकर असमंजस की स्थिति रहती है कि शिवलिंग पर चढ़ाये गए जल को वो ग्रहण कर सकते हैं या नहीं। आइये जानते हैं शिवलिंग पर चढ़े जल को पीने के बारे में शिव पुराण क्या कहता है।
शिवलिंग पर चढ़ाये जल को लेकर क्या कहता है शिव पुराण?
शिव पुराण के अनुसार शिवलिंग पर जल चढ़ाना पुण्य का काम है। वहीं उस जल को प्रसाद के रूप में ग्रहण करना बहुत ही शुभ माना गया है। शिव पुराण के 22 अध्याय के 18 श्लोक के अनुसार शिवलिंग पर चढ़ा हुआ जल पीना बहुत ही शुभ होता है। यह भी कहा जाता है कि इस जल को पीने से व्यक्ति को सभी रोगों से मुक्ति मिलती है। साथ ही बेचैन मन को शांति प्राप्त होती है। मानसिक रूप से व्यक्ति को सुकून प्राप्त होता है और तनाव से मुक्ति मिलती है।
शिवलिंग पर चढ़ा जल पीने से जुड़ी प्रचलित कथा
काशीखण्ड में एक कथा में कहा जाता है कि एक ब्राह्मण व्यक्ति ने अपने सपने में देखा कि वह भगवान शिव के मंदिर में जल चढ़ाता है और फिर उस जल को पीता है। उसे यह कहा जाता है कि वह जल ब्रह्म रूप में शिव द्वारा स्वीकार किया जाता है। इस कथा के अनुसार, शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल को पीने से आदमी को आत्मिक और आध्यात्मिक उन्नति मिलती है।

शिवलिंग पर चढ़े जल को पीने के नियम क्या हैं?
शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल को पीने के लिए कुछ विशेष बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है। इस जल को आप चरणामृत की तरह ही पी सकते हैं। शिवलिंग पर अर्पित किये जल थोड़ा-थोड़ा करके तीन बार पिएं।
इस बात का ध्यान रखें कि शिवलिंग पर चढ़ाया हुआ जल पीते समय वह किसी के पैर पर न गिरे। उस जल को पीते समय आप शिवलिंग को न छुएं।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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