Latest Updates
-
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब
Shani Jayanti 2025 : तीसरे बड़े मंगल पर बन रहा शनि जयंती के साथ दुर्लभ महासंयोग, भूलकर न करें ये 5 गलतियां
Shani Jayanti 2025 : ज्येष्ठ माह हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखता है, और इस महीने के सभी मंगलवार "बड़ा मंगल" या "बुढ़वा मंगल" के नाम से प्रसिद्ध हैं। यह दिन विशेष रूप से भगवान हनुमान को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन हनुमान जी की उपासना से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और भक्तों को शक्ति, साहस व सफलता प्राप्त होती है।
इस वर्ष तीसरे बड़े मंगल का महत्व और भी बढ़ गया है क्योंकि इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जा रही है। यह दुर्लभ योग 27 मई 2025 को बन रहा है, जो कि श्रद्धालुओं के लिए एक अत्यंत शुभ अवसर है।

शनि जयंती और तीसरे बड़े मंगल का शुभ संयोग
इस बार ज्येष्ठ माह का तीसरा बड़ा मंगल और शनि जयंती एक ही दिन, 27 मई 2025 को मनाई जाएगी। वैदिक पंचांग के अनुसार, अमावस्या तिथि की शुरुआत 26 मई को दोपहर 12:11 बजे होगी और समापन 27 मई को रात 8:31 बजे होगा। ऐसे में शनि जयंती मंगलवार को ही मनाई जाएगी, जो हनुमान जी का प्रिय दिन माना जाता है।
यदि किसी की कुंडली में शनि दोष हो या साढ़ेसाती/ढैय्या का प्रभाव चल रहा हो, तो इस दिन हनुमान जी की विशेष पूजा और शनि उपाय करने से काफी राहत मिलती है।
शनि जयंती पर भूलकर भी न करें ये 5 काम
यह दिन पवित्रता, संयम और आत्मचिंतन का प्रतीक है। यदि आप चाहते हैं कि शनिदेव की कृपा बनी रहे, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
1. तामसिक भोजन और नशे से बचें
शनि जयंती के दिन मांस, मदिरा, प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों का सेवन पूरी तरह वर्जित है। इस दिन केवल सात्विक और शुद्ध शाकाहारी भोजन ही ग्रहण करें। अशुद्ध और तामसिक भोजन करने से शनिदेव नाराज़ हो सकते हैं, जिससे जीवन में बाधाएं बढ़ सकती हैं।
2. अशुद्ध तेल से दीपक न जलाएं
शनिदेव को सरसों के तेल का दीपक अर्पित करना शुभ माना गया है। लेकिन ध्यान रहे, दीपक में कभी भी अशुद्ध या बार-बार उपयोग में आया तेल न डालें। शुद्ध मन और ईमानदार भाव से दीपक जलाएं और जरूरतमंदों को दान अवश्य करें।
3. बाल और नाखून न काटें
शास्त्रों में शनि जयंती के दिन बाल और नाखून काटना अशुभ बताया गया है। यह आत्मिक शुद्धि के विपरीत माना जाता है। यद्यपि इसका वैज्ञानिक आधार नहीं है, लेकिन धार्मिक श्रद्धा के अनुसार इन कार्यों से बचना चाहिए।
4. किसी का अपमान न करें
शनिदेव न्यायप्रिय हैं और अन्याय या अपमान सहन नहीं करते। इस दिन किसी भी गरीब, वृद्ध, बीमार या जरूरतमंद का अपमान करने से बचें। सभी के साथ विनम्रता और करुणा से व्यवहार करें।
5. क्रोध और नकारात्मकता से दूर रहें
शनि जयंती पर मन शांत रखें। गुस्सा, ईर्ष्या, चिढ़चिढ़ापन या द्वेष से बचें। इस दिन ध्यान, मंत्र जप और सकारात्मक सोच को अपनाना चाहिए। मन की शांति और संयम से ही शनिदेव की कृपा प्राप्त होती है।



Click it and Unblock the Notifications
