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Navratri Day 2: आज का दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित, जानें पूजा विधि, भोग, मंत्र व आरती
Navratri Day 2: नवरात्रि के पर्व की यही शोभा होती है कि नौ दिनों तक मां के नौ विभिन्न और भव्य रूपों की अराधना की जाती है। शारदीय नवरात्री 15 अक्टूबर से शुरू होने जा रही है। शारदीय नवरात्रों का दूसरा दिन मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित होता है।
मां ब्रह्मचारिणी को तप की देवी माना जाता है। ब्रह्म का अर्थ होता है 'तप' वहीं चारिणी का अर्थ होता है 'आचरण करने वाली'। ब्रह्मचारिणी देवी कि सच्ची उपासना से व्यक्ति को तप, त्याग, संयम और सदाचार की प्राप्ति होती है। जानते हैं नवरात्री के दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा की विधि, पूजा मन्त्र, भोग और आरती के बाए में विस्तार से -

मां ब्रह्मचारिणी पूजन विधि
नित्य क्रियाओं से मुक्त होकर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। नवरात्रि के कलश के साथ ही मां ब्रह्मचारिणी की तस्वीर स्थापित करें। मां को सबसे फले पंचामृत से स्नान करायें। इसके बाद मां को अक्षत, रोली और चन्दन चढ़ाएं। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा में गुड़हल और कमल के फूल चढ़ायें। इसके बाद मां की आरती करें और मन्त्रों का उच्चारण करें। कलश देवता और नवग्रह की भी पूजा करें।
मां ब्रह्मचारिणी का भोग
नवरात्री के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी को पीले रंग की मिठाई का भोग लागाना चाहिए। मां को केसरिया या पीली मिठाई, व केले का भोग लगाना चाहिए।

मां ब्रह्मचारिणी पूजा मंत्र
मां ब्रह्मचारिणी बीज मंत्र
ह्रीं श्री अम्बिकायै नम:
प्रार्थना मंत्र:
दधाना कर पद्माभ्यामक्षमाला कमण्डलू।
देवी प्रसीदतु मयि ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा॥
स्तुति मंत्र:
या देवी सर्वभूतेषु मां ब्रह्मचारिणी रूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
मां ब्रह्मचारिणी देवी जी की आरती
जय अंबे ब्रह्माचारिणी माता।
जय चतुरानन प्रिय सुख दाता।
ब्रह्मा जी के मन भाती हो।
ज्ञान सभी को सिखलाती हो।
ब्रह्मा मंत्र है जाप तुम्हारा।
जिसको जपे सकल संसारा।
जय गायत्री वेद की माता।
जो मन निस दिन तुम्हें ध्याता।
कमी कोई रहने न पाए।
कोई भी दुख सहने न पाए।
उसकी विरति रहे ठिकाने।
जो तेरी महिमा को जाने।
रुद्राक्ष की माला ले कर।
जपे जो मंत्र श्रद्धा दे कर।
आलस छोड़ करे गुणगाना।
मां तुम उसको सुख पहुंचाना।
ब्रह्माचारिणी तेरो नाम।
पूर्ण करो सब मेरे काम।
भक्त तेरे चरणों का पुजारी।
रखना लाज मेरी महतारी।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



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